चौथे दिन ड्रोन कैमरे से नाले में दिखा एक शव, मेयर के साथ हुंडरागढ़ा की ओर दौड़े हजारीबाग से आये लोग
Author : Prabhat Khabar Digital Desk Published by : Prabhat Khabar Updated At : 10 Sep 2020 7:54 PM
रांची के नाले में बह गये हजारीबाग के दारू प्रखंड के जरगा के रहने वाले उमेश राणा के शव की तलाश में चौथे दिन गुरुवार को ड्रोन से नाले की तस्वीरें ली गयीं, जिसमें हुंडरागढ़ में एक शव देखे जाने की सूचना आयी. जैसे ही शव देखे जाने की खबर मिली, रांची की मेयर आशा लकड़ा के साथ हजारीबाग से आये सभी लोग हुंडरागढ़ा की ओर चल पड़े. मेयर आशा लकड़ा ने गुरुवार को हजारीबाग से आये उमेश के परिजनों के साथ मुलाकात की.
रांची : रांची के नाले में बह गये हजारीबाग के दारू प्रखंड के जरगा के रहने वाले उमेश राणा के शव की तलाश में चौथे दिन गुरुवार को ड्रोन से नाले की तस्वीरें ली गयीं, जिसमें हुंडरागढ़ में एक शव देखे जाने की सूचना आयी. जैसे ही शव देखे जाने की खबर मिली, रांची की मेयर आशा लकड़ा के साथ हजारीबाग से आये सभी लोग हुंडरागढ़ा की ओर चल पड़े. मेयर आशा लकड़ा ने गुरुवार को हजारीबाग से आये उमेश के परिजनों के साथ मुलाकात की.
झारखंड की राजधानी रांची में भारी बारिश की वजह से उफनाये नाले में बहे युवक का शव तीन दिन बाद भी नहीं मिल पाया. शव की तलाश करने के लिए हजारीबाग जिला के दारू प्रखंड से तीन दर्जन से अधिक लोग गुरुवार को रांची पहुंचे. खोरहाटोली से लेकर स्वर्णरेखा नदी तक शव की तलाश की, लेकिन सफलता नहीं मिली. मृतक के भाई का कहना है कि सरकार से कुछ मदद मिलना चाहिए.
उमेश राणा के शव की तलाश में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की टीम भी जुटी हुई है. उमेश राणा के बड़े भाई के साथ हजारीबाग जिला के दारू प्रखंड अंतर्गत जरगा के 35-40 लोग रांची पहुंचकर उसके शव की तलाश में जुटे हुए हैं. इनका कहना है कि जब तक उमेश का शव नहीं मिल जाता, वे अपने घर नहीं लौटेंगे. शुक्रवार को भी उनकी तलाश जारी रहेगी.

उमेश के भाई ने बताया कि वे लोग 5 भाई बहन हैं. उमेश दूसरे नंबर पर था. रांची में 10 साल से रह रहा था. उसकी पत्नी भी बीमार रहती है. कोई बच्चा नहीं है. उमेश के बड़े भाई ने बताया कि वे उत्तर प्रदेश में रहते हैं. उन्होंने घर पर फोन किया, तो वहां की गतिविधियों से उन्हें एहसास हो गया कि उनके भाई के साथ हादसा हो गया है. वह तुरंत वहां से चले और हजारीबाग पहुंचे. अब यहां भाई के शव की तलाश करने आये हैं.
Also Read: 2000 रुपये में राजस्थान भेजे जा रहे झारखंड के बच्चे, हेमंत सोरेन ने डीसी और मंत्री को दिये कार्रवाई के निर्देशबुधवार को एनडीआरएफ की टीम ने देर शाम तक पूरे नाले को खंगाल डाला, लेकिन उमेश राणा का शव नहीं मिला. गुरुवार सुबह दो गाड़ियों में भरकर 35-40 लोग पहुंचे और 8-9 बजे सुबह से ही शव की तलाश शुरू कर दी. उधर, उमेश की पत्नी को गांव भेज दिया गया है. गांव में उसका रो-रोकर बुरा हाल है. बार-बार कह रही है : ‘मेरे पति को खोजकर लाओ. कहीं से ढूंढ़कर ले आओ.’
अब तक शव नहीं मिलने से उमेश के परिजन और उसके गांव के लोग बेहद आक्रोश में हैं. लाठी-डंडा लेकर ही यहां पहुंचे थे. आशंका व्यक्त की जा रही है कि उमेश राणा का शव पानी के नीचे कहीं दब गया है. इसलिए जेसीबी मशीन मंगायी गयी है. मौके पर पुलिस बल भी मौजूद है. रांची की मेयर आशा लकड़ा के भी वहां आने की सूचना है.
Also Read: किसानों की कर्जमाफी, फ्री बिजली, पिछड़ों व सरकारी नौकरी में महिलाओं को आरक्षण देने पर हेमंत ने की मंत्रियों से मंत्रणाउल्लेखनीय है कि सोमवार को हुई भारी बारिश में उमेश राणा पुल पार करते समय पानी की तेज धार में बाइक के साथ नाले में बह गया. उसे बचाने के लिए उसका एक साथी नाले में कूद गया था, लेकिन वह भी तेज धार में बह गया. हालांकि, स्थानीय लोगों ने रस्सी के सहारे उसे किसी तरह बचा लिया. बारिश रुकने के बाद उमेश की तलाश में लगातार अभियान चलाया गया, लेकिन अब तक उसका शव नहीं मिला है.
Posted By : Mithilesh Jha
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