Happy Makar Sankranti: कहीं गर्म जल मेला, तो कहीं जलते हैं दीप, झारखंड में ऐसे मनायी जाती है मकर सक्रांति
Published by : Sameer Oraon Updated At : 14 Jan 2023 1:15 PM
देवघर के सिदपुर में मकर सक्रांति पर तीन दिवसीय गर्म जल मेले का आयोजन किया जा रहा है. मेले में बच्चों के मनोरंजन के लिए कई सामान आ चुके हैं, जिसे मेला परिसर में लगाया जा रहा है.
मकर सक्रांति का त्योहार पूरे देश में 15 जनवरी को धूम धाम से मनाया जायेगा, श्राद्धलुओं के मन में इस त्योहार को लेकर कई कई मान्यताएं हैं. झारखंड में भी इस साल मकर संक्राति पर श्रद्धालुओं की खासी भीड़ उमड़ेगी. हर जगह पर इस त्योहार को मनाने का तरीका अलग अलग है. इस साल भी कहीं पर मेले का आयोजन हो रहा है तो कहीं पर मंदिरों में दीप जलेगी. ऐसे में आज हम आपको बतायेंगे कि किस जगह पर कैसे इस त्योहार को मनाया जा रहा है. सबसे पहले हम बात करेंगे देवघर की जहां पर सिदपुर में तीन दिवसीय गर्म जल मेले का आयोजन किया जा रहा है.
मेले में बच्चों के मनोरंजन के लिए कई सामान आ चुके हैं, जिसे मेला परिसर में लगाया जा रहा है. इसमें टॉय ट्रेन, हिंडोला व खिलौने की दुकान शामिल है. वहीं लोहे व लकड़ी से बने सामानों की दुकानें भी लग रही है. वहीं मिठाई व अन्य खाद्य पदार्थ की भी कई दुकानें दो दिन पूर्व से ही लगनी शुरू हो गई है.
रामगढ़ जिला के भुरकुंडा में नलकारी व दामोदर नदी तट, सौंदा दोमुहान पर मेला लगेगा. प्रत्येक वर्ष यह मेला 14 जनवरी को आयोजित होता है. इसमें रामगढ़ ही नहीं, दूसरे जिले से भी लोग पहुंचते हैं. श्रद्धालु यहां नदी के संगम पर स्नान के बाद प्राचीन राम-जानकी मंदिर में पूजा कर अपने दिन की शुरुआत करते हैं.
बोकारो के श्री अयप्पा मंदिर सेक्टर 05 में मकर संक्रांति पर्व 15 जनवरी को विधि-विधान पूर्वक श्रद्धा और विश्वास के साथ मनाया जाएगा. 1100 दीप जलाकर सुख-समृद्धि की कामना की जायेगी. मंदिर को फूलों और बिजली की झालरों से सजाया गया है. मकर संक्रांति पूजा आयोजन अय्यप्पा सेवा संघम की ओर से किया जाएगा. इसको लेकर मंदिर परिसर में आकर्षक लाइटिंग से सजावट की गई है. मकर संक्रांति के लिए मंदिर को आकर्षक ढंग से सजाया गया है.
हजारीबाग जिले के बड़कागांव प्रखंड के लॉकरा स्थित गंघुनिया, सोनपुरा के पंचवाहनी मंदिर, बादम के पंचवाहनी मंदिर, नापो कला पंचायत के मुरली पहाड़ में मेले का आयोजन होता है. पंचवानी मंदिर के बगल में जल कुंड एवं लॉकरा के गंधुनिया के जल कुंड में नहाने वाले लोगों की भीड़ उमड़ती है. बताया जाता है कि इन कुंडों में नहाने से चर्म रोग खत्म हो जाता है. यही कारण है कि इन कुण्डों में स्नान करने वालों की भीड़ सालोंभर लगी रहती है. मेले के दिन स्नान करने वालों की भीड़ बढ़ जाती है.
बड़कागाांव में बच्चों के ऊंचे कद के लिए मकर संक्रांति के दिन सबसे पहले स्नान कराया जाता है. उसके बाद तिल की आग के ऊपर से पार कराया जाता है. इसके बाद पूजा-अर्चना करवाकर उन्हें तिलकुट, गुड़, चूड़ा, दही खिलाया जाता है. अगर इतने में भी बच्चे 5 वर्ष या 10 वर्ष तक लंबे नहीं होते हैं, तो उनके कान में कनौसी पहना दिया जाता है. इसी दिन लड़कियों के कान छिदवाये जाते हैं. बच्चे पतंग उड़ाकर भी मकर संक्रांति मनाते हैं.
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By Sameer Oraon
समीर उरांव, डिजिटल मीडिया में सीनियर जर्नलिस्ट हैं और वर्तमान में प्रभात खबर.कॉम में सीनियर कटेंट राइटर के पद पर हैं. झारखंड, लाइफ स्टाइल और स्पोर्ट्स जगत की खबरों के अनुभवी लेखक समीर को न्यूज वर्ल्ड में 5 साल से ज्यादा का वर्क एक्सपीरियंस है. वह खबरों की नब्ज पकड़कर आसान शब्दों में रीडर्स तक पहुंचाना बखूबी जानते हैं. साल 2019 में बतौर भारतीय जनसंचार संस्थान से पत्रकारिता करने के बाद उन्होंने हिंदी खबर चैनल में बतौर इंटर्न अपना करियर शुरू किया. इसके बाद समीर ने डेली हंट से होते हुए प्रभात खबर जा पहुंचे. जहां उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग और वैल्यू ऐडेड आर्टिकल्स लिखे, जो रीडर्स के लिए उपयोगी है. कई साल के अनुभव से समीर पाठकों की जिज्ञासाओं का ध्यान रखते हुए SEO-ऑप्टिमाइज्ड, डेटा ड्रिवन और मल्टीपल एंगल्स पर रीडर्स फर्स्ट अप्रोच राइटिंग कर रहे हैं.
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