GST News: झारखंड के हॉस्टल में रहने वाले स्टूडेंट्स को नहीं देना पड़ता जीएसटी

रांची के एक हॉस्टल की अंदर की तस्वीर. फोटो : प्रभात खबर
GST News: जीएसटी काउंसिल ने हॉस्टल को जीएसटी से मुक्त कर दिया है. लेकिन, आपको मालूम होना चाहिए कि झारखंड में हॉस्टल पहले से ही जीएसटी से मुक्त हैं.
GST News: केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने स्टूडेंट्स को बड़ी राहत दी है. कहा है कि हॉस्टल खर्च पर जीएसटी का भुगतान नहीं करना होगा. झारखंड में पहले से ही हॉस्टल और लॉज में रहने वालों को जीएसटी का भुगतान नहीं करना होता.
झारखंड में 5000 से अधिक हॉस्टल, रजिस्टर्ड हैं सिर्फ 400 से 500
झारखंड हॉस्टल ओनर एसोसिएशन के सचिव राजेश सिन्हा ने बताया कि पूरे प्रदेश में करीब 5000 से अधिक हॉस्टल हैं. हालांकि, इनमें से 400 से 500 ही रजिस्टर्ड हैं. यही सरकार की गाइडलाइन का पालन करते हैं. नियमों के अनुरूप हॉस्टल का संचालन करते हैं. उन्होंने बताया कि रांची में 400 से 500 हॉस्टल होंगे. इनमें से महज 200 हॉस्टल ही रजिस्टर्ड होंगे.
हॉस्टल से कमाई पर आईटी देते हैं, जीएसटी नहीं : जसमीत
राजधानी रांची में रेनबो गर्ल्स हॉस्टल का संचालन करने वाले जसमीत ने प्रभात खबर (prabhatkhabar.com) को बताया कि उन्हें जीएसटी का भुगतान नहीं करना होता. न ही उनके हॉस्टल में रहने वाले किसी व्यक्ति को किराए पर जीएसटी देना होता है. हां, हॉस्टल के किराए से होने वाली कमाई पर आयकर (इनकम टैक्स) जरूर देना होता है.
हॉस्टल के लिए नहीं करना होता जीएसटी का भुगतान : अखिलेश
गणपति गर्ल्स हॉस्टल के संचालक अखिलेश ने भी कहा कि रांची में हॉस्टल के संचालन के लिए जीएसटी का भुगतान नहीं करना होता. किराए से होने वाली कमाई पर इनकम टैक्स पे करते हैं.

झारखंड में हॉस्टल संचालक जीएसटी के दायरे में नहीं : राजेश सिन्हा
झारखंड हॉस्टल ओनर एसोसिएशन के सचिव राजेश सिन्हा कहते हैं कि वह खुद रांची में कई हॉस्टल चलाते हैं. बाकायदा उनका रजिस्ट्रेशन करवा रखा है. सभी नियम-कानून का पालन करते हैं. उन्होंने कहा कि वह भी जीएसटी का भुगतान नहीं करते. न ही अपने हॉस्टल में रहने वाले किसी से जीएसटी लेते हैं. उन्होंने कहा कि झारखंड में हॉस्टल चलाने वालों से जीएसटी नहीं लिया जाता है. यहां हॉस्टल में अधिकतर गरीब बच्चे गांव से आकर पढ़ते हैं.
रांची नगर निगम क्षेत्र में 150 से ज्यादा पंजीकृत हॉस्टल/लॉज नहीं
रांची नगर निगम से मिले आंकड़ों के मुताबिक, राजधानी में डेढ़ सौ के आसपास हॉस्टल और लॉज ही पंजीकृत हैं. गैर-पंजीकृत लॉज की बात करें, तो इनकी संख्या 5,000 या उससे भी अधिक होगी. ये हॉस्टल या लॉज स्टूडेंट्स और कामकाजी लोगों (पुरुष, महिला दोनों) को अपने यहां रखते हैं.

गैर-पंजीकृत हॉस्टल वाले नहीं करते नियमों का पालन
झारखंड हॉस्टल ओनर एसोसिएशन के सचिव भी मानते हैं कि झारखंड में बड़ी संख्या में हॉस्टल और लॉज हैं, जो नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं. ऐसे हॉस्टल संचालक लोगों को पेइंग गेस्ट के रूप में अपने यहां रख लेते हैं या एग्रीमेंट करके उन्हें कमरा किराए पर दे देते हैं.
जीएसटी काउंसिल ने हॉस्टल को कर दिया जीएसटी से मुक्त
एक दिन पहले यानी 22 जून को दिल्ली में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की मौजूदगी में जीएसटी काउंसिल की बैठक हुई. इस बैठक में शिक्षण संस्थानों के बाहर संचालित हो रहे हॉस्टल को जीएसटी से मुक्त करने का निर्णय लिया गया. महानगरों में रहने वाले स्टूडेंट्स के लिए यह बड़ी राहत है.
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By Mithilesh Jha
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