Political News : ऑपरेशन सिंदूर, सीजफायर में अमेरिका की भूमिका पर जवाब दे केंद्र सरकार : झामुमो
Published by :PRADEEP JAISWAL
Published at :26 May 2025 6:28 PM (IST)
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झामुमो के केंद्रीय महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के समय सभी दल मोदी सरकार के साथ खड़े थे, इसलिए उससे जुड़ी हर बात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संसद के सामने रखनी चाहिए.
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रांची (प्रमुख संवाददाता). झामुमो के केंद्रीय महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के समय सभी दल मोदी सरकार के साथ खड़े थे, इसलिए उससे जुड़ी हर बात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संसद के सामने रखनी चाहिए. झामुमो केंद्र सरकार से मांग करता है कि संसद का विशेष सत्र बुला कर ऑपरेशन सिंदूर व सीजफायर में अमेरिका की भूमिका पर स्पष्ट जवाब दे. श्री भट्टाचार्य सोमवार को हरमू स्थित पार्टी के कैंप कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे.
उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर आतंकवाद खत्म करने के लिए शुरू किया गया था, लेकिन इसे सीजफायर के नाम पर रोक दिया गया. जबकि सीजफायर आमतौर पर युद्ध के दौरान होता है. इसमें अमेरिका की भूमिका भी संदिग्ध है. क्या हम अमेरिका से डरते हैं? अमेरिका ने तो 1971 के युद्ध में पाकिस्तान का साथ दिया था. फिर हम अमेरिका की बात क्यों मानें? क्या सीजफायर की घोषणा अमेरिकी राष्ट्रपति के इशारे पर की गयी है. इसका स्पष्ट जवाब केंद्र सरकार को देना चाहिए. कहा कि ऑपरेशन सिंदूर और आतंकवाद के मुद्दे पर केंद्र सरकार ने एक बहुदलीय प्रतिनिधिमंडल को विदेश दौरे पर भेजा है. उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि इस प्रतिनिधिमंडल ने विदेश जाकर क्या हासिल किया, इसकी जानकारी सभी दलों को सार्वजनिक रूप से दी जानी चाहिए.भाजपा की तिरंगा यात्रा पर उठाया सवाल
झामुमो महासचिव ने ऑपरेशन सिंदूर के बाद भाजपा की ओर से निकाली जा रही तिरंगा यात्रा पर सवाल उठाते हुए कहा कि भाजपा के नेता हर उस राज्य में जा रहे हैं, जहां चुनाव होने वाले हैं, लेकिन वे मणिपुर और पहलगाम नहीं जायेंगे. साथ ही कहा कि नीति आयोग से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा के लिए संसद का विशेष सत्र बुलाया जाना चाहिए. हाल ही में हुई नीति आयोग की बैठक में देशभर के मुख्यमंत्री शामिल हुए, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी ने केवल भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठना पसंद किया. उन्होंने आरोप लगाया कि गैर भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों की बातों को नजरअंदाज किया गया और भाजपा शासित राज्यों की बातों पर अधिक ध्यान दिया गया.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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