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Fodder scam: झारखंड हाइकोर्ट से लालू प्रसाद यादव को जमानत मिली, जेल से राहत नहीं

By Prabhat Khabar Digital Desk
Updated Date
Fodder scam, Jharkhand High Court, Lalu Prasad Yadav: झारखंड हाइकोर्ट से लालू प्रसाद यादव को जमानत मिली.
Fodder scam, Jharkhand High Court, Lalu Prasad Yadav: झारखंड हाइकोर्ट से लालू प्रसाद यादव को जमानत मिली.

रांची : संयुक्त बिहार के मुख्यमंत्री रहे चारा घोटाला मामलों के सजायाफ्ता लालू प्रसाद यादव को झारखंड हाइकोर्ट से जमानत तो मिल गयी है, लेकिन उन्हें राहत नहीं मिली है. जमानत मिलने के बावजूद वह अभी जेल में ही रहेंगे. बिहार विधानसभा चुनाव 2020 में अपनी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के लिए प्रचार नहीं कर पायेंगे. रांची स्थित झारखंड हाइकोर्ट ने चाईबासा कोषागार से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर करोड़ों रुपये की निकासी के मामले में उन्हें शुक्रवार (9 अक्टूबर, 2020) को जस्टिस अपरेश कुमार सिंह की अदालत ने जमानत दे दी.

अविभाजित बिहार में जब लालू प्रसाद यादव प्रदेश के मुख्यमंत्री थे पशुपालन विभाग में 950 करोड़ रुपये का चारा घोटाला हुआ था. चाईबासा कोषागार से वर्ष 1992-93 में फर्जीवाड़ा करके 33.67 करोड़ रुपये की निकासी की गयी थी. इस मामले में कोर्ट ने उन्हें 5 साल की सजा सुनायी थी. इसकी आधी सजा उन्होंने काट ली है. इसी आधार पर राजद सुप्रीमो ने झारखंड हाइकोर्ट से जमानत देने की अपील की थी. इस मामले में कोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी. बावजूद इसके वह जेल से बाहर नहीं आ पायेंगे.

राजद सुप्रीमो को दुमका कोषागार से वर्ष 1991-96 के बीच 3.5 करोड़ रुपये की निकासी के मामले में अभी जमानत नहीं मिली है. इस केस में उन्हें कोर्ट ने 14 साल की सजा सुनायी है. लालू प्रसाद को चारा घोटाला से जुड़े तीन मामलों में सजा हो चुकी है. इन तीनों मामले की सजा अलग-अलग चल रही है. इसलिए लालू प्रसाद यादव को जमानत मिल जाने के बावजूद जेल से बाहर आने की अनुमति नहीं मिली है.

लालू प्रसाद को कई गंभीर रोग हैं. इसलिए राजेंद्र इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (रिम्स) में उन्हें भर्ती कराया गया है. यहां डायबिटीज टाइप-2 और हाइपरटेंशन का उनका इलाज चल रहा है. राजद सुप्रीमो को किडनी की भी गंभीर समस्या है. बहुचर्चित चारा घोटाला के दो मामलों में लालू को जमानत मिल चुकी है. चाईबासा कोषागार से निकासी के मामले के अलावा देवघर कोषागार से निकासी के मामले में दिसंबर, 2013 में झारखंड हाइकोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी थी.

देवघर केस में भी उन्हें आधी सजा (3.5 साल जेल में बिताने के बाद) काटने के आधार पर ही जमानत मिली थी. हालांकि, दुमका केस में जब तक उन्हें जमानत नहीं मिल जाती, वह जेल से बाहर नहीं आ पायेंगे. इसलिए राजद कार्यकर्ताओं के उत्साह पर भी पानी फिर गया है, क्योंकि लालू यादव 28 अक्टूबर, 2020 से तीन चरणों में शुरू हो रहे बिहार विधानसभा चुनाव में प्रत्यक्ष तौर पर शामिल नहीं हो पायेंगे.

आय से अधिक संपत्ति के 6 मामलों में लालू दोषी करार

आय से अधिक संपत्ति के 6 मामलों में लालू प्रसाद यादव को दोषी करार दिया जा चुका है. इन मामलों में भी उन्हें अलग-अलग सजा सुनायी गयी है. लालू प्रसाद यादव को वर्ष 2017 में रांची के बिरसा मुंडा केंद्रीय जेल भेज दिया गया था. जेल में बीमार पड़ने के बाद उन्हें रिम्स में शिफ्ट किया गया. इसके बाद दिल्ली के एम्स और मुंबई के एक बड़े अस्पताल में भी कोर्ट की अनुमति से उनका इलाज हो चुका है.

तीन केस में लालू को मिली है 22.5 साल की सजा

लालू प्रसाद यादव को तीन केस में 22.5 साल की सजा सुनायी जा चुकी है. एक केस में उन्हें 3.5 साल की सजा सुनायी गयी है, तो दूसरे में 5 साल और तीसरे में 14 साल की सजा सुनायी गयी है. कोर्ट से मिली सजा की वजह से लालू प्रसाद यादव सजा सुनाये जाने के दिन से 6 साल तक लोकसभा या विधानसभा का कोई भी चुनाव नहीं लड़ पायेंगे.

Posted By : Mithilesh Jha

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