रांची में 'एकम डायलॉग्स' का महाकुंभ: 300 प्रतिनिधि समेत 11 पद्मश्री क्या बदलेंगे पूर्वी भारत के पर्यावरण का भाग्य

सीड के सीइओ रमापति कुमार कार्यक्रम की जानकारी देते हुए
Ekam Dialogues Ranchi: रांची में 8-9 अप्रैल को 'एकम डायलॉग्स' का आयोजन होने जा रहा है. सीड (CEED) द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में झारखंड समेत चार राज्यों के 300 प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे और 27 चेंज-मेकर्स को सम्मानित किया जाएगा. देखिए, क्या है इस 'संवाद से निर्माण' का मुख्य उद्देश्य.
Ekam Dialogues Ranchi, रांची (मनोज कुमार सिंह की रिपोर्ट): पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा सुरक्षा के क्षेत्र में कार्यरत संस्था ‘सीड’ (CEED) आगामी 8 और 9 अप्रैल को रांची में ‘एकम डायलॉग्स संवाद से निर्माण’ नामक एक महत्वपूर्ण क्षेत्रीय शिखर सम्मेलन का आयोजन कर रही है. सोमवार को राजधानी में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान संस्था के सीईओ रमापति कुमार ने बताया कि इस गरिमामयी कार्यक्रम का उद्घाटन केंद्र सरकार के रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ करेंगे. इस आयोजन की विशिष्टता यह है कि इसमें देश के 11 पद्मश्री सम्मान से नवाजे गए व्यक्तित्व भी अपने अनुभवों को साझा करेंगे. कार्यक्रम के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाले 27 ‘चेंज मेकर्स’ को ‘एकम संवाद’ सम्मान से विभूषित किया जाएगा, जिन्होंने जमीनी स्तर पर सकारात्मक बदलाव की इबारत लिखी है.
11 सत्रों में होगा मंथन: खेती से लेकर क्लाइमेट फाइनांस तक
दो दिनों तक चलने वाले इस महा-संवाद में कुल 11 तकनीकी सत्र आयोजित किए जाएंगे. सीड के सीईओ ने स्पष्ट किया कि चर्चा का दायरा केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसमें इको रिस्टोरेशन (पारिस्थितिकी बहाली), ऑर्गेनिक और प्राकृतिक खेती के सफल प्रयोगों पर गहन विमर्श होगा. इसके अतिरिक्त, स्वच्छ उद्योगों की स्थापना, वित्तीय संसाधनों का प्रबंधन, क्लाइमेट फाइनांस और नीतियों के प्रभावी कार्यान्वयन (Policy Implementation) जैसे जटिल विषयों पर भी शोधकर्ता और नीति-निर्माता एक साझा मंच पर विचार-विमर्श करेंगे.
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सामुदायिक ज्ञान और नवाचार का संगम
आयोजन के मुख्य उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए रमापति कुमार ने कहा कि ‘एकम डायलॉग्स’ महज एक औपचारिक चर्चा नहीं, बल्कि एक समावेशी मंच है. यहाँ नीति-निर्माताओं, उद्योगपतियों, शोधकर्ताओं और सिविल सोसाइटी के साथ-साथ महिलाओं और युवाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की गई है. इसका प्राथमिक लक्ष्य सामुदायिक पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक वैज्ञानिक नवाचारों के बीच की खाई को पाटकर क्षेत्रीय विकास के व्यावहारिक समाधान खोजना है. यह पहल पूर्वी भारत के राज्यों के साझा सांस्कृतिक और पारिस्थितिक ताने-बाने को आधार बनाकर जलवायु-अनुकूल भविष्य के निर्माण की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगी.
चार राज्यों की साझा चुनौतियों पर नजर
झारखंड, छत्तीसगढ़, बिहार और ओडिशा जैसे राज्य जलवायु परिवर्तन के प्रति अत्यंत संवेदनशील हैं. सीड की डायरेक्टर (पॉलिसी) सृष्टि पल्लव ने बताया कि ‘एकम डायलॉग्स’ इन राज्यों की साझा भौगोलिक और पर्यावरणीय चुनौतियों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है. सम्मेलन के निष्कर्षों को एक ‘श्वेत पत्र’ (White Paper) के रूप में संकलित किया जाएगा, जिसे भविष्य की नीतियों के निर्माण के लिए संबंधित सरकारों के साथ साझा किया जा सकता है. रांची में होने जा रहा यह आयोजन निश्चित रूप से पर्यावरण और सतत विकास के क्षेत्र में एक नई चेतना जागृत करेगा.
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By Sameer Oraon
इंटरनेशनल स्कूल ऑफ बिजनेस एंड मीडिया से बीबीए मीडिया में ग्रेजुएट होने के बाद साल 2019 में भारतीय जनसंचार संस्थान दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. 5 साल से अधिक समय से प्रभात खबर में डिजिटल पत्रकार के रूप में कार्यरत हूं. इससे पहले डेली हंट में बतौर प्रूफ रीडर एसोसिएट के रूप में काम किया. झारखंड के सभी समसामयिक मुद्दे खासकर राजनीति, लाइफ स्टाइल, हेल्थ से जुड़े विषयों पर लिखने और पढ़ने में गहरी रुचि है. तीन साल से अधिक समय से झारखंड डेस्क पर काम कर रहा हूं. फिर लंबे समय तक लाइफ स्टाइल के क्षेत्र में भी काम किया हूं. इसके अलावा स्पोर्ट्स में भी गहरी रुचि है.
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