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झारखंड के उत्पादों को वैश्विक मंच देंगी ई-कॉमर्स कंपनियां

Updated at : 10 Jul 2025 12:31 AM (IST)
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झारखंड के उत्पादों को वैश्विक मंच देंगी ई-कॉमर्स कंपनियां

झारखंड की शिल्प कला, हस्तशिल्प, खादी, सिल्क व लघु उद्योगों के उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुंचाने के लिए इ-कॉमर्स कंपनियां अपना प्लेटफॉर्म उपलब्ध करायेंगी.

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रांची.झारखंड की शिल्प कला, हस्तशिल्प, खादी, सिल्क व लघु उद्योगों के उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुंचाने के लिए इ-कॉमर्स कंपनियां अपना प्लेटफॉर्म उपलब्ध करायेंगी. उत्पादों की डिजाइनिंग से लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर के मानक के अनुरूप बनाने में भी सहयोग करेगी. झारखंड के एमएसएमइ (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम) उत्पादों को वैश्विक स्तर पर डिजिटल माध्यम से उपलब्ध कराने की पहल करते हुए बुधवार को झारखंड औद्योगिक आधारभूत संरचना विकास निगम लिमिटेड द्वारा कोर्टयार्ड मैरियेट होटल में आयोजित कार्यशाला में देश की जानी-मानी ई-कॉमर्स कंपनियों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया. मौके पर जिडको के एमडी वरुण रंजन ने कहा कि एमएसएमइ को देश की इकोनॉमी का रीढ़ माना जाता है. इनके व्यापार को इ-कॉमर्स के प्लेटफॉर्मों के माध्यम से पहुंच बढ़ाने और बढ़ावा देने के लिए आवश्यक एवं महत्वपूर्ण कौशल बढ़ायें जाने की जरूरत है. अभी देश में इ-कॉमर्स का बाजार 60 बिलियन डॉलर का है, जो वर्ष 2030 में बढ़कर 200 बिलियन डॉलर का हो जायेगा. इस अवसर को पहचान कर झारखंड के उद्योगों को भी आगे ले जाने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि ई-कॉमर्स के अंतर्गत एमएसएमइ के लिए ऑनबोर्डिंग एवं लिस्टिंग को आसान बनाया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि झारखंड में कई बेहतरीन उत्पाद हैं पर ये लोकल ही बनकर रह जाते हैं. इन्हें ग्लोबल बनाये जाने की जरूरत है.

लॉजिस्टिक पॉलिसी शीघ्र : उद्योग निदेशक

उद्योग निदेशक विशाल सागर ने कहा कि झारखंड सरकार डि-रेगुलेशन एवं जन विश्वास एक्ट के तहत इज ऑफ डूइंग बिजनेस के तहत काम किये जा रहे हैं. इ-कॉमर्स के लिए बड़े लॉजिस्टिक की जरूरत है, इसलिए राज्य में लॉजिस्टिक पॉलिसी बनायी जा रही है. खादी बोर्ड की सीइओ सुमन पाठक ने कहा कि झारखंड सरकार, एसएचजी व आर्टिजन के ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर ऑनबोर्ड प्रक्रिया के लिए डिजिटल लिट्रेसी की जरूरत है. मुख्यमंत्री लघु एवं कुटीर उद्योग बोर्ड के सीइओ राजीव रंजन ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र के उत्पाद को भी वैश्विक स्तर पर पहचान मिल सकती है. एमएसएमइ रांची के डीएफ इंद्रजीत यादव ने कहा कि रैंप योजना के तहत झारखंड को 70 करोड़ रुपये का अनुदान दिया गया है, ताकि एमएसएमइ का विकास हो सके. इसके पूर्व अतिथियों का स्वागत जिडको के जीएम संजय कुमार साहू ने किया. कार्यक्रम में अमेजन, यूकी ग्लोबल, वालमार्ट वृद्धि, ग्लोबल लिंकर, मीसो के प्रतिनिधियों ने उद्यमियों के सवालों का जवाब भी दिया. जिडको के उप प्रबंधक अनवर-उल-हक ने धन्यवाद ज्ञापन किया.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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