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Jharkhand News: सुखाड़ प्रभावित इलाकों की रिपोर्ट तैयार, लेकिन केंद्र से मदद मिलने में हो सकती है देर

Updated at : 28 Oct 2022 8:09 AM (IST)
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Jharkhand News: सुखाड़ प्रभावित इलाकों की रिपोर्ट तैयार, लेकिन केंद्र से मदद मिलने में हो सकती है देर

झारखंड के कृषि विभाग ने सुखाड़ की स्थिति का आलकन कर फाइनल रिपोर्ट तैयार कल लिया है. सरकारी छुट्टियों की वजह से सुखाड़ से संबंधित रिपोर्ट केंद्र सरकार को 31 अक्तूबर को भेजे जाने की उम्मीद नहीं है. अगर ऐसा हुए तो केंद्र से सहायता मिलने में देर हो सकती है.

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रांची: झारखंड के कृषि विभाग ने जमीनी हकीकत का आकलन करने के बाद राज्य के 22 जिलों के 226 प्रखंडों को सुखाड़ प्रभावित के रूप में चिह्नित किया है. पलामू प्रमंडल को सबसे अधिक सुखाड़ प्रभावित क्षेत्र के रूप में चिह्नित किया गया है, जबकि पूर्वी सिंहभूम और सिमडेगा सुखाड़ से प्रभावित नहीं हैं. राज्य आपदा प्रबंध समिति की बैठक में इस रिपोर्ट पर विचार करने के बाद सुखाड़ की घोषणा की जानी है. इधर, सरकारी छुट्टियों की वजह से सुखाड़ से संबंधित रिपोर्ट केंद्र सरकार को 31 अक्तूबर को भेजे जाने की उम्मीद नहीं है.

वहीं, 31 अक्तूबर के बाद रिपोर्ट भेजने की स्थिति में केंद्रीय सहायता मिलने में काफी देर होती है. कृषि विभाग की रिपोर्ट में कहा गया है कि राज्य में धान की बुआई 15 अगस्त तक होती है. हालांकि 31 जुलाई के बाद होनेवाली धान की खेती में उत्पादन प्रभावित होता है. रिपोर्ट के अनुसार, 31 जुलाई तक 18 लाख हेक्टेयर में धान की बुआई का लक्ष्य था. इसके मुकाबले सिर्फ 2.84 लाख हेक्टेयर (15.78 प्रतिशत) में ही धान की बुआई हुई थी.

अगस्त तक यह बढ़ कर 30 प्रतिशत तक पहुंचा. पिछले 10 वर्षों के दौरान पहली बार ऐसा हुआ जब जून और जुलाई में किसी भी दिन 24 घंटे में 65 मिलीमीटर से ज्यादा बारिश नहीं हुई. धनरोपनी के लिए 24 घंटे के अंदर 65 मिलीमीटर से ज्यादा बारिश होना जरूरी है. जून और 15 अगस्त तक सामान्य बारिश 658.9 मिलीमीटर के मुकाबले सिर्फ 426.3 मिमी ही बारिश हुई इससे खरीफ फसलों की रोपाई और बुआई पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा. एक अगस्त से 15 अगस्त तक 276.2 मिमी की सामान्य बारिश के मुकाबले सिर्फ 130.1 मिमी बारिश हुई.

इससे राज्य सूखे की चपेट में आया. 33 प्रतिशत तक फसलों का नुकसानवाले प्रखंडों के मॉडरेट और 50 फीसदी तक के नुकसानवाले प्रखंडों को गंभीर (सीवियर) की श्रेणी में रखा गया. ड्राउट मैनुअल के इस प्रावधान के आलोक में राज्य के 72 प्रखंडों को मॉडरेट (मध्यम सूखा) और 154 को सीवियर की श्रेणी के रूप में चिह्नित किया गया.

जिलावार सुखाड़ प्रभावित प्रखंडों का ब्योरा

जिला मध्यम सूखा गंभीर सूखा (मॉडरेट) (सीवियर)

बोकारो 06 00

चतरा 03 02

देवघर 00 10

धनबाद 00 10

दुमका 00 10

पूर्वी सिंहभूम 00 00

गढ़वा 00 20

गिरिडीह 00 13

गोड्डा 00 09

गुमला 09 02

रिपोर्ट- शकील अख्तर

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