सदर अस्पताल रांची में शुरू होगी DNB कोर्स की पढ़ाई, जानें झारखंड के लिए कैसे साबित होगा फायदेमंद

Updated at : 12 Dec 2022 10:45 AM (IST)
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सदर अस्पताल रांची में शुरू होगी DNB कोर्स की पढ़ाई, जानें झारखंड के लिए कैसे साबित होगा फायदेमंद

मान्यता से जुड़ा एक्रिडिएशन अस्पताल प्रबंधन को प्राप्त हो गया है. मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (एमओयू) के मुताबिक, विद्यार्थी नीट पीजी एग्जाम- 2023 के माध्यम से इन सीटों पर दाखिला ले सकेंगे.

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सदर अस्पताल रांची में नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंसेज द्वारा ऑब्स एंड गायनी में डिप्लोमेट ऑफ नेशनल बोर्ड (डीएनबी) कोर्स शुरू किया जायेगा. यह स्नातकोत्तर डिग्री के समकक्ष होगा. बोर्ड ने निरीक्षण के बाद चार सीटों के लिए अपनी मंजूरी दी है. इसमें दो सीटों पर पोस्ट एमबीबीएस स्टूडेंट दाखिला ले सकेंगे. वहीं, दो सीट पर पोस्ट डिप्लोमा स्तर के विद्यार्थी नामांकन लेंगे.

मान्यता से जुड़ा एक्रिडिएशन अस्पताल प्रबंधन को प्राप्त हो गया है. मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (एमओयू) के मुताबिक, विद्यार्थी नीट पीजी एग्जाम- 2023 के माध्यम से इन सीटों पर दाखिला ले सकेंगे. पीजी काउंसेलिंग के वक्त उनके सामने एमडी, एमएस के साथ ही डीएनबी (ऑब्स एंड गायनी) कोर्स के लिए अब सदर अस्पताल रांची का भी विकल्प मौजूद रहेगा. यह अस्पताल इस क्षेत्र का पहला जिला अस्पताल होगा, जहां इस तरह की उपाधि दी जा सकेगी. गौरतलब हो कि मई महीने में इस प्रक्रिया की शुरुआत हुई थी.

रिसर्च वर्क के आधार पर ऑब्स एंड गायनी की होगी पढ़ाई :

कोर्स शुरू होने के बाद यहां रिसर्च वर्क के आधार पर स्त्री एवं प्रसूति रोग (ऑब्स एंड गायनी) की पढ़ाई होगी. कोर्स का उद्देश्य राज्य के अस्पतालों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी दूर करना है. इसका सत्र तीन साल का होगा.

प्रशिक्षण के बाद एमबीबीएस डिग्रीधारी वरिष्ठ चिकित्सकों को डिप्लोमा के समतुल्य मान्यता मिलेगी. चयनित फैकल्टी, गाइड-को गाइड के प्रमाण पत्र, योग्यता, अनुभव, उनके रिसर्च जर्नल्स एवं विभाग में आने वाले मरीजों की संख्या को लेकर रिपोर्ट का विस्तृत अध्ययन किया गया था.

दूर होगी फैकल्टी की कमी :

डीएनबी कोर्स शुरू होने के बाद राज्यभर में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी दूर होगी. क्योंकि, कोर्स पूरा करने के दौरान तीन साल तक चिकित्सकों को अस्पताल में रहकर अन्य डॉक्टरों को प्रशिक्षित करना है. एमबीबीएस कोर्स पूरा करने के बाद मेडिकल छात्र विशेषज्ञता के लिए डीएनबी कोर्स की पढ़ाई करते हैं. कोर्स में दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों को सदर के विशेषज्ञ चिकित्सक अपने अनुभव के आधार पर उनके लिए कक्षाएं आयोजित करेंगे. चार सीटों पर मिली मंजूरी : नीट पीजी-2023 के माध्यम से इन सीटों पर छात्र ले सकेंगे दाखिला

कई चरणों के निरीक्षण के बाद मिली मंजूरी

डीएनबी कोर्स शुरू करने के लिए अस्पताल को कई मानकों और निर्धारित प्रक्रिया से गुजरना पड़ा. इसके लिए टीम ने रांची का दौरा कर कई पहलुओं का निरीक्षण किया था. कोर्स की मान्यता के लिए बोर्ड की एक टीम यहां मौजूद आधारभूत संरचना की समीक्षा की और आवेदकों का साक्षात्कार लिया था. इसके लिए बड़े रिसर्च अस्पताल यहां ई-लाइब्रेरी, रीडिंग व क्लास रूम सहित पूरा सेटअप तैयार करेंगे.

डीएनबी कोर्स के लिए ये होंगे सीनियर फैकल्टी

डॉ समरीना कमाल

डॉ किरण कुमारी चंदेल

डॉ रश्मि सिंह

डॉ बंदिता

डॉ विनीता जया एक्का

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