एंग्लो इंडियन गांव मैक्लुस्कीगंज का संरक्षण जरूरी
Updated at : 11 Oct 2025 8:56 PM (IST)
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पर्यटन विकास की संभावना तलाशने मैक्लुस्कीगंज पहुंचे पर्यटन मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू, कहा
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प्रतिनिधि, मैक्लुस्कीगंज.
मैक्लुस्कीगंज अन्य किसी भी पर्यटक स्थलों से अलग है. यहां की संस्कृति, सभ्यता व परंपरा भिन्न है. विश्व विख्यात एकमात्र एंग्लो इंडियन गांव मैक्लुस्कीगंज का संरक्षण जरूरी है. गंज की अपनी विशेष पहचान है. जिसे बरकरार रखने के लिए झारखंड सरकार तत्पर है. उक्त बातें शनिवार को पर्यटन मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने कही. वे पर्यटन विकास की संभावना को लेकर मैक्लुस्कीगंज आये थे. श्री सोनू ने मैक्लुस्कीगंज निवासी एंग्लो समुदाय के नेल्सन पॉल बॉबी गॉर्डन से गंज को एंग्लो कल्चर (जीवन-यापन, रोजगार, यूरोपियन शैली में बने बंग्लो, ब्लैंड फूड कल्चर आदि) से ही विकास करने को लेकर चर्चा की. वहीं नेलसन पॉल बॉबी गॉर्डन ने जल्द ही अपनी कम्यूनिटी के साथ बैठक कर विकास की रूपरेखा तैयार करने पर सहमति जतायी. इस ओर जोर देते हुए पर्यटन मंत्री ने खलारी सीओ प्रणव अम्बष्ट, जिला खेल पदाधिकारी शिवेंद्र सिंह व लपरा मुखिया पुतुल देवी को बिंदुवार दिशा निर्देश दिया. इससे पूर्व पर्यटन मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने मैक्लुस्कीगंज के सीमावर्ती क्षेत्र चान्हो थाना क्षेत्र स्थित नकटा पहाड़ का भी दौरा किया. मैक्लुस्कीगंज जोभिया स्थित डेगाडेगी नदी, कुंवारपतरा छलदाहा, चट्टी नदी, एलिफैंट वॉच टॉवर आदि जगहों पर पर्यटकों के अनुकूल सुविधा को लेकर विकास कार्यों पर चर्चा की. मौके पर बीपीओ विनय कुमार गुप्ता, प्रभारी फॉरेस्टर अशफाक अंसारी अन्य मौजूद थे.पर्यटन विकास की संभावना तलाशने मैक्लुस्कीगंज पहुंचे पर्यटन मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू, कहाB
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