तनाव से मुक्ति के लिए परिवार, दोस्तों से जुड़ें

Birsa Munda
मानसिक स्वस्थ व तनावमुक्त जीवन पर आयोजित कार्यशाला में मनोवैज्ञानिक डॉ भावना ने कहा
प्रतिनिधि, डकरा : जीवन के हर चरण में मानसिक रूप से स्वस्थ रहना जरूरी है. हम तनावग्रस्त हैं तो यह हमारे सोचने, महसूस करने और कार्य करने के तरीके को प्रभावित करता है. कार्यस्थल पर काम का तनाव, घरेलू समस्या, बच्चों और अपने स्वास्थ्य की देखभाल की चिंता, घटनाओं को याद करना, रोजाना की छोटी-छोटी बातों को अपने पर हावी होने देना, सब तनाव की श्रेणी में आते हैं. इससे मनुष्य का मेंटल हेल्थ को प्रभावित करता है. उक्त बातें डकरा वीआइपी सभागार में शनिवार को सीआइएसएफ जवानों के लिए मानसिक स्वस्थ व तनावमुक्त जीवन पर आयोजित कार्यशाला में रांची की मनोवैज्ञानिक व काउंसलर डॉ भूमिका सच्चर ने बतौर मुख्य अतिथि कही. उन्होंने कहा कि ड्यूटी के दौरान व्यक्ति को कई सारी चीजों को सामंजस्य बना कर सेवा देनी होती है. तनावग्रस्त लोग कभी-कभी आत्महत्या जैसे घटनाएं कर बैठते हैं. इन सबसे बचाव में परिवार, समाज, संबंधियों, मनोरंजन व शिक्षकों की भूमिका अहम होता है. ऐसे लोगों को अपनी जिंदगी का हिस्सा बनाने की जरूरत है. सीआइएसएफ कमांडेंट संदीप कुमार एस ने कार्यशाला की उपयोगिता पर जोर दिया. कार्यशाला में जवानों ने भी अपने अनुभवों को साझा किया. उनके पारिवारिक सदस्यों से भी खुलकर बातचीत की गयी. मौके पर डिप्टी कमांडेंट थांग चुंग, दिनेश कुमार, चाइल्ड प्रोटेक्शन के मुन्नू शर्मा आदि मौजूद थे.
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By Prabhat Khabar News Desk
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