झारखंड में शीतलहर का अलर्ट, रांची समेत कई जिलों में बढ़ेगी ठंड, 7 जिलों के लिए येलो अलर्ट

झारखंड के कई जिलों में शीतलहर की चेतावनी.
Cold Wave Alert: रांची का न्यूनतम तापमान 11 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया गया. मौसम केंद्र का अनुमान है कि अगले 2-3 दिन में तापमान में गिरावट दर्ज की जायेगी. तापमान घटकर 8 डिग्री सेल्सियस तक जा सकता है. अधिकतम तापमान 23-24 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है. बुधवार को डालटनगंज का न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहा.
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Cold Wave Alert: झारखंड के आधा दर्जन से अधिक जिलों में 5 और 6 दिसंबर को शीतलहर चल सकती है. इन जिलों का तापमान अचानक गिर सकता है. मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी कर यह जानकारी दी है. साथ ही कई सावधानियां बरतने की भी चेतावनी दी है, क्योंकि ठंड लगने से कई तरह की परेशानियां लोगों को झेलनी पड़ती हैं. एक-दो दिन के बाद रांची का तापमान भी लगातार गिरेगा. राज्य का तापमान 3 से 4 डिग्री तक गिरने की संभावना मौसम विभाग ने जतायी है.
5 और 6 दिसंबर को चलेगी शीतलहर
मौसम केंद्र के पूर्वानुमान विभाग ने बताया है कि गढ़वा, पलामू, चतरा, लातेहार, लोहरदगा, गुमला और सिमडेगा जिले के कुछ हिस्सों में 5 और 6 दिसंबर को शीतलहर चलने का अनुमान है. अन्य जिलों में तापमान सामान्य रहेगा, ऐसा मौसम विभाग का कहना है. मौसम केंद्र रांची ने अपने अनुमान में कहा है कि सुबह में कोहरा या धुंध और बाद में आसमान साफ रहेगा. 9 दिसंबर तक सुबह में कोहरा छाये रहने की उम्मीद है.
- 5 और 6 दिसंबर को झारखंड के 7 जिलों में चल सकती है शीतलहर
- तापमान में अचानक आ सकती है 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक गिरवाट
- 9 दिसंबर तक सुबह में रह सकता है कोहरा, बाद में आकाश साफ होगा
Cold Wave Alert: 11 डिग्री रहा रांची का तापमान
बुधवार को राजधानी रांची का न्यूनतम तापमान 11 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया गया. मौसम केंद्र का अनुमान है कि अगले 2-3 दिन में तापमान में गिरावट दर्ज की जायेगी. तापमान घटकर 8 डिग्री सेल्सियस तक जा सकता है. अधिकतम तापमान 23-24 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है. बुधवार को डालटनगंज का न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहा.
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ठंड के मौसम में कौन-कौन सी परेशानी होती हैं?
- शीतलहर के दौरान लोगों को अपनी सेहत का खास ध्यान रखना चाहिए. फ्लू, बहती या बंद नाक या नाक से खून आने जैसी बीमारियों की संभावना बढ़ जाती है. यह आमतौर पर ठंड की वजह से होती है.
- कंपकंपी को नजरअंदाज न करें, क्योंकि यह पहला संकेत है कि आपके शरीर में गर्मी कम हो रही है. हो सके तो घर के अंदर चले जायें.
- लंबे समय तक ठंड में रहने की वजह से शीतदंश हो जाता है. त्वचा पीली, कठोर और सुन्न हो जाती है. शरीर के खुले अंगों जैसे उंगलियों, पैर की उंगलियों, नाक और कान के निचले हिस्से में काले छाले दिखाई देने लगते हैं. गंभीर शीतदंश से बचने के लिए तत्काल डॉक्टर से मिलें. इलाज करवायें.
- गेहूं, आलू, सरसों और अन्य रबी की फसलों पर मौसम की मार पड़ सकती है. जलापूर्ति, सड़क परिवहन और बिजली क्षेत्र पर भी प्रभाव पड़ सकता है.
शीतलहर के नुकसान से बचने के लिए क्या करें?
- अपनी त्वचा को नियमित रूप से तेल या क्रीम से मॉइश्चराइज करें.
- विटामिन सी से भरपूर फल और सब्जियां खायें. पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ खासकर गर्म सूप, पानी आदि पीयें.
- शीतलहर के दौरान घर से बाहर जाने से बचें.
- कपड़ों को सूखा रखें. कपड़े गीले हो गये हैं, तो उसे तुरंत बदल दें, ताकि शरीर की गर्मी को नुकसान न हो. इंसुलेटेड और वाटरप्रूफ जूते पहनें.
- ठंड से प्रभावित शरीर के हिस्से को गुनगुने पानी से धीरे-धीरे गर्म करें. त्वचा को जोर से न रगड़ें.
- त्वचा पर कहीं काला पड़ जाये, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें.
- जहीरे धुआं से बचने के लिए हीटर उपयोग करते समय वेंटिलेटर को खुला रखें.
- बिजली और गैस के हीटर का इस्तेमाल करते समय सुरक्षा उपाय जरूर करें.
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By Mithilesh Jha
मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.
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