कोल इंडिया निजीकरण के लिए अग्रसर : एसके चौधरी
Updated at : 12 Sep 2025 7:39 PM (IST)
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अखिल भारतीय खान मजदूर संघ के आह्वान पर सीसीएल कोलियरी कर्मचारी संघ ने पिपरवार जीएम ऑफिस के समक्ष शुक्रवार को एकदिवसीय धरना दिया
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प्रतिनिधि, पिपरवार.
अखिल भारतीय खान मजदूर संघ के आह्वान पर सीसीएल कोलियरी कर्मचारी संघ ने पिपरवार जीएम ऑफिस के समक्ष शुक्रवार को एकदिवसीय धरना दिया. इस दौरान एबीकेएमएस कोल फेडरेशन के केंद्रीय अध्यक्ष एसके चौधरी ने 14 सूत्री मांगों पर चर्चा करते हुए कोल इंडिया में निजीकरण की वजह से घटती स्थायी श्रमिकों की संख्या पर चिंता व्यक्त की. कहा कि जिस तेजी के साथ श्रमिकों की संख्या घटी है, अधिकारियों व ठेका मजदूरों की संख्या बढ़ी है. काम के अभाव में कंपनी की मशीनें बेकार साबित हो रही हैं. कोल इंडिया पूरी तरह निजीकरण की ओर अग्रसर है. जो कोल इंडिया, स्थायी कर्मचारियों व देश के लिए बहुत ही घातक है. उन्होंने कोल इंडिया प्रबंधन से कोयला उद्योग में संतुलन बनाये रखने के लिए 50 प्रतिशत स्थायी कर्मचारियों की संख्या को जरूरी बताया. श्री चौधरी ने बताया कि हम चौथे चरण के आंदोलन के तहत धरना दे रहे हैं. लेकिन इसके बावजूद सरकार उनकी मांगों को नहीं मानती है, तो एबीकेएमएस बड़े आंदोलन के लिए विवश होगा. इससे पूर्व कई वक्ताओं ने स्थानीय समस्याओं पर अपने विचार व्यक्त किये. अंत में कोल इंडिया चेयरमैन व कोयला मंत्री के नाम एक एक ज्ञापन क्षेत्रीय प्रबंधन को सौंपा गया. मौके पर सीसीएल सीकेएस के पदधारी व सदस्य काफी संख्या में मौजूद थे.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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