Ranchi: कार ड्राइव कर सिरमटोली सरना स्थल पहुंचे CM हेमंत, कहा- प्रकृति से ही सृजन और विलय

कार चलाते हेमंत सोरेन और कार में बैठा उनका पूरा परिवार
Ranchi: सरहुल के मौके पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का राजधानी की सड़कों पर कार चलाते हुए वीडियो वायरल हो रहा है. शनिवार को सीएम हेमंत सरहुल के कई कार्यक्रमों में शामिल हुए. इस दौरान उनके साथ उनके दोनों बेटे और पत्नी कल्पना सोरेन भी थीं.
Ranchi: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और कल्पना सोरेन शनिवार को कार से सिरमटोली चौक स्थित सरना स्थल पहुंचे. सीएम हेमंत खुद कार की ड्राइविंग सीट पर बैठे थे, जबकि विधायक कल्पना सोरेन और उनका बेटा पीछे ही सीट पर थे. सीएम खुद कार चला रहे थे और इसका वीडियो सोशल मीडिया पर देखते ही देखते वायरल हो गया. लोग वीडियो को खूब पसंद कर रहे हैं. सीएम हेमंत और कल्पना पारंपरिक परिधान में थे. इससे पहले सीएम आदिवासी कॉलेज छात्रावास परिसर, करमटोली पहुंचे. दोनों ने प्रकृति पर्व सरहुल पर यहां आयोजित महोत्सव में शामिल होकर पारंपरिक विधि-विधान के साथ पूजा की. साथ ही समस्त झारखंड वासियों के कल्याण की प्रार्थना की.
राज्यवासियों को सरहुल की दी बधाई
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज उत्साह और हर्षोल्लास का दिन है. आदिवासी समुदाय के लिए खास दिन है. हर वर्ष हमलोग इस प्रांगण में मिलते रहे हैं. आगे भी आते रहेंगे और आप सभी से मिलते भी रहेंगे. मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस प्रकार हमारे पूर्वजों ने सरहुल महोत्सव जैसी समृद्ध परंपराओं के निर्वाह की जिम्मेदारी हमारे कंधों पर दी है, हम आने वाले समय में अपनी पीढ़ी के कंधों पर इन परंपराओं के निर्वहन का जिम्मा सौंपेंगे. मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रकृति से बड़ी पूजा और कुछ नहीं है. प्रकृति से ही सभी चीजों का सृजन और उसी में विलय होता है.
प्रकृति के बिना मानव जीवन की कल्पना नहीं
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रकृति के बिना मानव जीवन की कल्पना भी नहीं की जा सकती है. अगर प्रकृति न होती, तो संसार में कोई जीव-जंतु भी नहीं होते. मुख्यमंत्री ने कहा कि ये सभी प्रकृति द्वारा रचाई और बसाई गयी व्यवस्था है और इस व्यवस्था के प्रति आदिवासी समूह की अटूट आस्था है. इस मौके पर मुख्यमंत्री ने मांदर बजाकर लोगों को झूमने पर मजबूर कर दिया.
प्रकृति की रक्षा कर अपने जीवन को सुरक्षित करें
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रकृति से हम सभी को जुड़ने की जरूरत है. प्रकृति जब सुरक्षित रहेगी, तब हमारा अस्तित्व भी रहेगा. आज के भौतिकवादी युग में आपा-धापी के बीच जीवनयापन हो रहा है. हमारे पूर्वजों ने योजनाबद्ध तरीके से दीर्घकालीन सोच के साथ कुछ ऐसी व्यवस्था बनायी है, जिसके तहत हम लोग एक साथ एक मंडप में एक छत के नीचे एकत्रित होते हैं. इन सभी व्यवस्थाओं को हमें प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ाने की जरूरत है. हम सभी लोग प्रकृति की रक्षा करें और अपने जीवन को सुरक्षित करें.
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के पावन अवसर पर सिर्फ मानव ही नहीं, बल्कि प्रकृति भी झूम रही है. निश्चित रूप से हमें गर्व होना चाहिए कि हम एक ऐसी व्यवस्था के उपासक हैं, जहां से जीवन शुरू होता है. आज के इस पावन अवसर पर हमारी ओर से आपको एवं आपके परिवारजनों सहित समस्त राज्यवासियों को प्रकृति पर्व सरहुल की ढेर सारी शुभकामनाएं. मौके पर कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की एवं विधायक कल्पना सोरेन ने भी झारखंड वासियों को प्रकृति पर्व सरहुल की शुभकामनाएं दी.
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By AmleshNandan Sinha
अमलेश नंदन सिन्हा प्रभात खबर डिजिटल में वरिष्ठ पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता में 20 से अधिक वर्षों का अनुभव है. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई करने के बाद से इन्होंने कई समाचार पत्रों के साथ काम किया. इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत रांची एक्सप्रेस से की, जो अपने समय में झारखंड के विश्वसनीय अखबारों में से एक था. एक दशक से ज्यादा समय से ये डिजिटल के लिए काम कर रहे हैं. झारखंड की खबरों के अलावा, समसामयिक विषयों के बारे में भी लिखने में रुचि रखते हैं. विज्ञान और आधुनिक चिकित्सा के बारे में देखना, पढ़ना और नई जानकारियां प्राप्त करना इन्हें पसंद है.
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