अस्पताल में बंधक प्रसूता को सीआइडी ने कराया मुक्त
Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 28 Jun 2024 1:21 AM
विज्ञापन
रनिया थाना क्षेत्र के नवाटोली गांव की गरीब आदिवासी महिला सुनीता देवी को प्रसव के बाद इलाज के पैसे का भुगतान नहीं करने पर बरियातू रोड स्थित जेनेटिक अस्पताल में 15 दिन से बंधक बनाकर रखा गया था.
विज्ञापन
वरीय संवाददाता (रांची/रनिया).
रनिया थाना क्षेत्र के नवाटोली गांव की गरीब आदिवासी महिला सुनीता देवी को प्रसव के बाद इलाज के पैसे का भुगतान नहीं करने पर बरियातू रोड स्थित जेनेटिक अस्पताल में 15 दिन से बंधक बनाकर रखा गया था. इस बात की शिकायत लेकर गुरुवार को कुछ लोगों के साथ महिला के पति मंगलु सिंह सीआइडी डीजी अनुराग गुप्ता के पास पहुंचे और अपनी पीड़ा सुनायी. तब सीआइडी डीजी ने सीआइडी थाना प्रभारी के नेतृत्व में एक टीम को तत्काल अस्पताल भेजा. इस दौरान वहां सीआइडी को सहयोग करने के लिए सदर थाना की पुलिस भी पहुंची. इसके बाद सीआइडी की टीम ने महिला को मुक्त कराने के बाद उसे वापस घर भेज दिया. सीआइडी डीजी को मंगलु सिंह ने बताया कि उसकी पत्नी को 28 मई को प्रसव पीड़ा हुई थी. इसके बाद एक ऑटो वाले को बुलाकर मैंने पत्नी को रिम्स पहुंचाने के लिए कहा. लेकिन उसने रिम्स की जगह पत्नी को जेनेटिक अस्पताल पहुंचा दिया. सीआइडी डीजी के अनुसार मंगलु का कहना था कि जब उसकी पत्नी को बच्चा हुआ, तब अस्पताल का खर्च 1.50 लाख रुपये बताया गया. मंगलु पैसा दे पाने में असमर्थ था. इस वजह से सुनीता को बंधक बना कर रखा गया था. उसे न तो ठीक से खाना दिया जा रहा था, न ही इलाज किया जा रहा था. इधर, अस्पताल से 15 दिनों पूर्व अपने बच्चे को लेकर घर पहुंचा मंगलु बकरी का दूध पिलाकर बच्चे को पाल रहा था. इस संबंध में जेनेटिक अस्पताल के संचालक मनोज कुमार अग्रवाल का कहना है कि महिला के परिजन द्वारा बंधक बनाने का लगाया गया आरोप निराधार है. महिला को गंभीर हालत में अस्पताल लाया गया था. जच्चा-बच्चा दोनों की जान काे खतरा था. परिजनों के आग्रह पर महिला डॉक्टर ने ऑपरेशन किया. फिर बच्चे को एनआइसीयू में रखा गया. जब बच्चा ठीक हो गया, तो परिजन उसे घर ले गये. महिला की हालत ठीक नहीं थी, इसलिए उसे अस्पताल में रखा गया था. इलाज में कुल 2.90 लाख रुपये का खर्च आया था. इसमें से 1.80 लाख रुपये का भुगतान किया गया. शेष 1.20 लाख रुपये का भुगतान करना बाकी था. अस्पताल कर्मी सिर्फ पैसा मांग रहे थे, महिला को बंधक नहीं बनाया गया था.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar News Desk
यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन










