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छत्तीसगढ़ की कंपनी को गलत तरीके से काम देने का आरोप, होगी जांच - सरयू राय

By Pritish Sahay
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रांची : छत्तीसगढ़ की कंपनी अग्रवाल ग्लोबल इंफ्राटेक प्राइवेट लिमिटेड को पथ निर्माण विभाग द्वारा अलग-अलग जगहों पर सड़क निर्माण का काम दिये जाने के मामले में बरती गयी अनियमितता की जांच विधानसभा की विशेष कमेटी करेगी़ सरकार इस कंपनी को हंटरगंज-पांडेयपुर-प्रतापपुर पथ के चौड़ीकरण व सुदृढ़ीकरण का काम 79़ 33 करोड़ रुपये लागत का काम मिला था़ सरकार इसकी जांच कराने के लिए तैयार हुई़ बुधवार को सदन में निर्दलीय विधायक सरयू राय ने प्रश्न किया था कि इस कंपनी को काम का पर्याप्त अनुभव नहीं था़ इसी कंपनी को मेराल-बाना-अम्बाखोरिया पथ का भी काम मिला था, जिसे अनियमित ठहराते हुए हाईकोर्ट ने रद्द कर दिया था़ इस कंपनी को पथ निर्माण विभाग में दूसरे काम भी आवंटित हुए थे़

इसमें प्रभावशाली व्यक्तियों का निहित स्वार्थ था़ श्री राय ने सदन में बड़ा आरोप लगाया कि इसी फर्म का छत्तीसगढ़ में क्लार्क-इन होटल में राज्य के एक प्रभावशाली व्यक्ति के बेटे की शादी हुई थी़ उन्होंने सरकार से कहा कि विभाग से पता कराइये कि शादी में खर्च का भुगतान कहां से हुआ़ विधायक श्री राय का कहना था कि इसकी एसीबी से जांच करायी जाये़ सरकार बताये कि गलत तरीके से काम दिया गया या नही़ं विधायक का कहना था कि यह कंपनी पर्यटन, कृषि सहित दूसरे विभाग में भी काम कर रही थी़

कंपनी को गलत तरीके से काम दिये जाने के सवाल पर विधायक प्रदीप यादव, बंधु तिर्की और विनोद सिंह सहित सत्ता पक्ष के कई विधायक जांच के लिए अड़ गये़ विधायक प्रदीप यादव का कहना था कि राय साहब ने पर्दे की पीछे की बात भी कही है़ प्रभावशाली व्यक्ति का नाम सामने आया है़ सदन का मामला है, जांच होनी चाहिए़ विधायक बंधु तिर्की का कहना था कि मामला संगीन है़ मेरे खिलाफ डीए के मामले में सीबीआइ ने क्लोजर रिपोर्ट भेजी थी, इसके बाद भी केस खुलवाया गया़

उधर श्री राय के सवाल का जवाब देते हुए प्रभारी मंत्री बादल पत्रलेख का कहना था कि मामला न्यायालय के अधीन है़ इस मामले की जांच नहीं करायी जा सकती है़ इस पर श्री राय का कहना था कि कोर्ट ने कहीं भी जांच से आपको नहीं रोका है़ मंत्री श्री पत्रलेख का कहना था कि मामला प्रोपराइटरशिप का है़ कंपनी एक है़ नियमानुसार काम दिया गया है़ इस पर महाधिवक्ता से राय भी ली गयी है़ इस पर विधायक श्री राय ने कहा कि भ्रष्ट अधिकारी, ठेकेदार का गठजोड़ बना कर महाधिवक्ता से राय जानबूझ कर लेते है़ं

उस महाधिवक्ता ने कैसे कैसे राय दिये हैं, सबको मालूम है़ उनकी राय पर सदन में मेरा सवाल भी है़ सरकार इस मामले की जांच कराये़ मंत्री पत्रलेख का कहना था कि सरकार बदले की भावना से काम नहीं करेगी, लेकिन गड़बड़ी करनेवालों को छोड़ा नहीं जायेगा़ मामला संज्ञान में है़ हालांकि सत्ता पक्ष के विधायकों के जांच को लेकर अड़ जाने के बाद मंत्री ने विधानसभा कमेटी से जांच की घोषणा सदन में कर दी़

पूर्व सीएम रघुवर दास के बेटे की हुई थी छत्तीसगढ़ में शादी

राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास के बेटे ललित दास की शादी पिछले वर्ष छत्तीसगढ़ के रायपुर में हुई थी़ जमशेदपुर से रायपुर बारात गयी थी़ आठ मार्च को रायपुर के होटल क्लार्क से बारात निकली थी़ पूर्व मुख्यमंत्री श्री दास से सरयू राय के आरोप के बाबत पूछे जाने पर कुछ भी बोलने से इनकार किया़ वहीं सदन में अपने प्रश्न के दौरान निर्दलीय विधायक सरयू राय ने पिछली भाजपा सरकार के दौरान महाधिवक्ता रहे अजीत कुमार का भी जिक्र किया है. पिछली सरकार में सरयू राय मंत्री थे और महाधिवक्ता श्री कुमार के साथ इनका मतभेद रहा था.

मंत्री बादल ने कहा : बदले की भावना से काम नहीं करेगी सरकार, सरकार के संज्ञान में है मामला

भ्रष्ट अफसर, ठेकेदार के गठजोड़ ने महाधिवक्ता से राय जानबूझ कर ली, महाधिवक्ता कैसी राय देते थे सबको पता है

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