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Ranchi News : कांके रोड में बढ़ रहा ब्राउन शुगर का धंधा, युवाओं पर संकट

Updated at : 10 May 2025 12:52 AM (IST)
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Ranchi News : कांके रोड में बढ़ रहा ब्राउन शुगर का धंधा, युवाओं पर संकट

धावा नगर के सामुदायिक भवन में सुबह से रात तक लगता है नशेड़ियों का जमावड़ा

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वरीय संवाददाता, रांची. रांची पुलिस की तमाम कोशिशों के बावजूद कांके रोड में ब्राउन शुगर का कारोबार लगातार बढ़ रहा है. गांधीनगर के पीछे स्थित धावा नगर में नशे का यह अवैध व्यापार खुलेआम चल रहा है. यहां के सामुदायिक भवन को कारोबारियों ने अड्डा बना लिया है, जहां सुबह से रात तक नशेड़ियों का जमावड़ा रहता है. स्कूल-कॉलेज के विद्यार्थी भी यहां खरीदारी करते देखे गये हैं. अब यह कारोबार सुखदेवनगर थाना क्षेत्र के कई इलाकों सहित चुटिया, लोअर बाजार, चडरी, गुदड़ी, राजकीय पॉलिटेक्निक के पीछे और लालपुर के मोरहाबादी क्षेत्र तक फैल चुका है. पुलिस की निष्क्रियता बनी चिंता का विषय : मंगलवार की दोपहर 12:50 बजे स्कूल यूनिफॉर्म पहने एक नाबालिग समेत तीन युवक बाइक से सामुदायिक भवन पहुंचे और वहां से नशीला पदार्थ खरीद कर वापस चले गये. इसके बाद वहां युवकों का आना-जाना लगातार जारी रहा. महंगी स्पोर्ट्स बाइक पर सवार युवक कुछ मिनटों के लिए अंदर जाते और फिर बाहर निकल आते. धावानगर के लोग उपायुक्त, डीआइजी सह एसएसपी, सिटी एसपी से भी कई बार लिखित शिकायत कर चुके हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि गोंदा थाना पुलिस को इस गतिविधि की पूरी जानकारी है, लेकिन पुलिस गश्ती दल और टाइगर मोबाइल के जवान वहां आते तो हैं, लेकिन कोई सख्त कार्रवाई नहीं करते. शिकायतों के बाद जांच का जिम्मा गोंदा थाना को दिया जाता है, लेकिन वहां से कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती. महिलाओं के लिए बढ़ी मुश्किलें : इस सामुदायिक भवन में पहले आयुष्मान भारत योजना के तहत अर्बन हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर और आंगनबाड़ी केंद्र संचालित होते थे, लेकिन अब नशेड़ियों के कब्जे के कारण महिलाओं का आना-जाना लगभग बंद हो गया है. यहां तक कि सामुदायिक भवन के पास स्थित मंदिर में भी महिलाएं शाम को जाने से कतराने लगी हैं. स्थानीय लोग करेंगे आंदोलन : धावा नगर के लोगों का कहना है कि पहले कांके रोड का युवक ही वहां नशे का कारोबार करता था, लेकिन अब बाहर से दो लड़के आकर कारोबार करने लगे हैं. इनके ग्राहक स्कूल-कॉलेज के छात्र ही नहीं, बल्कि छात्राएं भी हैं. यदि प्रशासन ने जल्द ही कोई ठोस कदम नहीं उठाया, तो स्थानीय महिला-पुरुष आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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SHRAWAN KUMAR

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