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Ranchi News : बीसीसीएल, सीएमपीडीआइ व एनसीएल सर्वाधिक स्कोर के साथ टॉप पर

Updated at : 22 May 2025 12:45 AM (IST)
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Ranchi News : बीसीसीएल, सीएमपीडीआइ व एनसीएल सर्वाधिक स्कोर के साथ टॉप पर

वित्तीय वर्ष 2023-24 के एमओयू व स्कोर रेटिंग जारी. कोल इंडिया की आठ अनुषंगी कंपनियों में सात का प्रदर्शन एक्सीलेंट.

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रांची/धनबाद.

कोल इंडिया की कंपनियों के लिए वित्तीय वर्ष 2023-24 की एमओयू स्कोर व रेटिंग जारी कर दी गयी है. इसके अनुसार कोल इंडिया की आठ अनुषंगी कंपनियों में सात का प्रदर्शन एक्सीलेंट (उत्कृष्ट) है. सर्वाधिक स्कोर के साथ बीसीसीएल, सीएमपीडीआइ व एनसीएल टॉप बनी हुई हैं. तीनों कंपनियों को क्रमश: 94.83, 98 व 93.04 स्कोर के साथ एक्सीलेंट रेटिंग मिली है. एमओयू स्कोर व रेटिंग में इस बार इसीएल पिछड़ गयी है. वित्तीय वर्ष 2023-24 में इसीएल 57.53 स्कोर के साथ गुड (अच्छा) रेटिंग मिली है. यानी इसीएल का प्रदर्शन सबसे खराब रहा है.

एक्सीलेंट रेटिंग से बेहतर पीआरपी की उम्मीद

विदित हो कि एमओयू स्कोर व रेटिंग की रिपोर्ट के आधार पर ही कोयला अधिकारियों के परफारमेंस रिलेटेड पे (पीआरपी) का निर्धारण होता है. कम रेटिंग से अधिकारियों की पीआरपी राशि भी घट जाती है. ऐसे में कोल इंडिया व बीसीसीएल व सीसीएल को एक्सीलेंट रेटिंग मिलने से इस बार अधिकारियों को भी अधिक पीआरपी मिलने की उम्मीद है. इस कारण अधिकारियों में हर्ष है. हालांकि बीसीसीएल, सीसीएल व अन्य कोल कंपनियों की तुलना में वेरी गुड रेटिंग मिलने से इसीएल के अधिकारियों को थोड़ा कम पीआरपी मिलेगा.

93.5 स्कोर के साथ कोल इंडिया को मिली एक्सीलेंट रेटिंग

वित्त मंत्रालय के अधीन आने वाले लोक उद्यम विभाग (डीपीइ) ने केंद्रीय सरकारी लोक उद्यमों (सीपीएसइ) का मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (एमओयू) स्कोर व रेटिंग रिपोर्ट 2023-24 जारी किये गये हैं. इनमें 84 सीपीएसइ के प्रदर्शन मूल्यांकन शामिल हैं. इसके अनुसार कोयला मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले कोल इंडिया का एमओयू स्कोर 93.5 है, जबकि रेटिंग एक्सीलेंट (उत्कृष्ट) मिली है. स्कोर व रेटिंग से कंपनी के प्रदर्शन की गुणवत्ता का पता चलता है. गौरतलब हो कि वित्त वर्ष 2022-23 में कोल इंडिया को वेरी गुड (बहुत अच्छी) रेटिंग मिली थी. इस बार कंपनी का प्रदर्शन सुधरा है. डीपीई केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों के प्रदर्शन का मूल्यांकन करने के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) प्रणाली का उपयोग करता है. तय लक्ष्यों के विरुद्ध उनके प्रदर्शन के आधार पर सीपीएसई का मूल्यांकन किया जाता है और उन्हें स्कोरिंग प्रणाली के आधार पर रेटिंग दी जाती है. एमओयू रेटिंग का उपयोग सीपीएसई में कर्मचारियों के लिए प्रदर्शन-संबंधी वेतन (पीआरपी) की पात्रता निर्धारित करने के लिए किया जाता है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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RAJIV KUMAR

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RAJIV KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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