बबीता की गिरफ्तारी अवैध, अविलंब रिहा करें: महासभा

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बबीता की गिरफ्तारी अवैध, अविलंब रिहा करें: महासभा

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रांची : आदिवासी महासभा ने बेलोसा बबीता कच्छप, सामू ओड़ेया व बिरसा ओड़ेया की गिरफ्तारी को अवैध बताते हुए गुजरात सरकार से अविलंब रिहा करने की मांग की है. महासभा के राष्ट्रीय महासचिव कृष्णा हांसदा ने कहा है कि तीन आदिवासियों की गिरफ्तारी गुजरात एटीएस की दमनात्मक कार्रवाई का हिस्सा है. ऐसा प्रतीत होता है कि संवैधानिक जागरूकता को दबाने के उद्देश्य से ये गिरफ्तारियां की गयी हैं और यह सारा प्रकरण राजनीति से प्रायोजित है.

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आदिवासी महासभा ऐसे फर्जी गिरफ्तारियों का विरोध करता है. संविधान के प्रति जागरूक कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी देश में न्यायतंत्र के साथ खिलवाड़ जैसा है. आदिवासी महासभा की मांग है कि जल्द से जल्द एंटी नक्सली (निरोधक) अध्यादेश बनाकर आदिवासी उत्पीड़न पर रोक लगायी जाये.

संविधान के प्रति जागरूकता फैलाती है महासभा: उन्होंने कहा कि संविधान का अनुच्छेद 46 उपबंधित करता है कि सरकार विभिन्न उपायों के माध्यम से संविधान जन जागरण के लिए प्रावधान करेगी. संविधान जागरूकता में विफल रही सरकार के दायित्व को जन-जन तक पहुंचाने में महासभा हमेशा तत्पर रही है. हमारा का मानना है कि संविधान के प्रति जागरूक होने पर व्यक्ति के हाथ में हथियार की जगह कलम और संविधान की पुस्तक होगी. आदिवासी विधायक, सांसद और टीएसी सदस्य इस विषय पर तत्काल संज्ञान लें.

Post by : Pritish Sahay

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