गर्मी में लोड बढ़ने से नामकुम ग्रिड के सभी ट्रांसफॉर्मर ट्रिप कर गये, बड़े इलाकों में गुल रही बिजली

Updated at : 12 Jun 2024 12:10 AM (IST)
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शहर से लेकर गांव तक बिजली की अघोषित कटौती से परेशान हैं उपभोक्ता. राजधानी के कुछ सबस्टेशनों को छोड़ ज्यादातर इलाकों में बिजली की किल्लत.

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रांची. राज्य के ज्यादातर जिलों का पारा 42 डिग्री के पार चला गया है. ऊपर से बिजली कटौती ने लोगों को बेहाल कर दिया है. पावर ग्रिड अत्यधिक लोड झेल नहीं पा रहे हैं. इस कारण बार-बार ट्रिपिंग हो रही है. मंगलवार को नामकुम ग्रिड के सभी ट्रांसफॉर्मर ट्रिप कर गये. दोपहर 3.02 बजे ग्रिड पर मांग जैसे ही 147 मेगावाट की असामान्य स्थिति तक पहुंची, ट्रांसफाॅर्मर नंबर-एक से सप्लाई अचानक ठप हो गयी. इसके बंद पड़ते ही इसका लोड बाकी के तीनों (50 एमवीए) ट्रांसफाॅर्मरों पर पड़ा और एक-एक कर तीनों जंबो ट्रांसफाॅर्मर भी ट्रिप कर गये. इससे बड़े इलाकों में बिजली गुल हो गयी. कुछ देर बाद ट्रिप किये तीनों ट्रांसफॉर्मर की मरम्मत कर बारी-बारी से बिजली आपूर्ति बहाल की गयी. वहीं, शाम 5:41 बजे के बाद बिजली आपूर्ति पूरी तरह से सामान्य हो सकी. इस वक्त यहां 124 मेगावाट मांग जेनरेट हो रही थी.

मांग ज्यादा, शाम से रात तक हो रही बिजली कटौती

हटिया-2 ग्रिड 220/132 केवी लाइन से लोहरदगा, लातेहार, गुमला व कामडारा को भी बिजली दी जाती है. इस बार गर्मी में बिजली की मांग में बेतहाशा वृद्धि दर्ज की जा रही है. राजधानी में बिजली खपत औसतन 250 मेगावाट तक रहती थी. इस बार हर दिन 350 मेगावाट से ज्यादा बिजली की मांग हो रही है. नामकुम ग्रिड को हर रोज 110 की जगह 135 से 145 मेगावाट पर चलाया जा रहा है. मांग बढ़ने से 220/132 केवी हटिया ग्रिड पर भी काफी दबाव देखा गया. यही हाल बाकी दोनों ग्रिडों का भी है. एक बार ग्रिड ट्रिप कर जाने के बाद उसे दोबारा चार्ज होने में वक्त लगता है. इसका सीधा असर पावर सप्लाई पर पड़ रहा है. भीषण गर्मी में ग्रिड के ऑटो कट रिले को वापस री-स्टोर करने के लिए उस पर पानी डाल कर ठंडा करना पड़ रहा है. दिन के वक्त बुढ़मू, हटिया और कांके ग्रिड भी अपनी पूरी क्षमता पर चल रहे थे.

लोगों की दिनचर्या प्रभावित

बार-बार बिजली कटने से लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो रही है. घरों में लगे इन्वर्टर भी पूरी तरह से चार्ज नहीं हो पा रहे हैं. पावर ट्रिपिंग के चलते ज्यादातर इलाकों में इंडस्ट्री की उत्पादन लागत बढ़ गयी है. वहीं, हाउसिंग सोसायटी में डीजल मद में इजाफा देखने को मिल रहा है.

सबस्टेशनों को मिली आधी बिजली

नामकुम ग्रिड से जुड़े सभी सबस्टेशनों को दिन के वक्त कुछ देर के लिए मांग के अनुरूप करीब आधी बिजली दी गयी. बारी-बारी से लोड शेडिंग कर पांच से 10 मेगावाट के बीच बिजली दी जा रही थी.

विभाग का दावा फेल, दिन के वक्त लिया जा रहा शटडाउन

बिजली विभाग चाहे जो दावा कर ले, पर हकीकत इससे अलग है. बिजली आपूर्ति सामान्य होने की बात बिजली वितरण निगम के दावे के अगले ही दिन हवा हो गयी. ग्रिड और सबस्टेशनों के ट्रिप करने के चलते भीषण गर्मी में दिन के वक्त शटडाउन लिया जा रहा है.

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