झारखंड हाईकोर्ट में दायर 52 केस में एनओसी नहीं दे रहे अधिवक्ता राजीव कुमार, दुर्गा उरांव ने लगाए गंभीर आरोप

Updated at : 14 Feb 2023 10:15 PM (IST)
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झारखंड हाईकोर्ट में दायर 52 केस में एनओसी नहीं दे रहे अधिवक्ता राजीव कुमार, दुर्गा उरांव ने लगाए गंभीर आरोप

झारखंड अगेंस्ट करप्शन श्री मुंडा ने पत्र में लिखा है कि अधिवक्ता राजीव कुमार झारखंड हाइकोर्ट में दायर मामलों से संबंधित फाइल उन्हें वापस नहीं कर रहे हैं और न ही उन्हें केस के सिलसिले में समय दे रहे हैं. दुर्गा उरांव ने आरोप लगाते हुए यह भी कहा है कि वर्षों से वह हमारे केस के साथ छेड़छाड़ कर रहे हैं.

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रांची : झारखंड अगेंस्ट करप्शन की ओर से झारखंड हाईकोर्ट में दायर 52 विभिन्न केस का एनओसी अधिवक्ता राजीव कुमार नहीं दे रहे हैं. इस बाबत झारखंड अगेंस्ट करप्शन के अध्यक्ष दुर्गा उरांव उर्फ मुंडा ने झारखंड स्टेट बार काउंसिल में लिखित शिकायत दर्ज करायी है. उन्होंने अधिवक्ता राजीव कुमार के खिलाफ कानून के तहत मिसकंडक्ट मानते हुए कार्रवाई की मांग की है. श्री उरांव ने कहा है कि अधिवक्ता राजीव कुमार ने 2019 के बाद फोन उठाना भी बंद कर दिया है. वे अपना अधिवक्ता बदलना चाहते हैं. इसके लिए उन्होंने एनओसी मांगी है, लेकिन वह भी नहीं दे रहे हैं. एक केस में अब तक दो बार हस्तक्षेप याचिका दायर की गयी है, लेकिन उसकी जानकारी उन्हें (प्रार्थी) भी नहीं दी गयी.

अधिवक्ता ने सादे कागज पर करा लिए थे हस्ताक्षर

झारखंड अगेंस्ट करप्शन दुर्गा उरांव ने पत्र में लिखा है कि अधिवक्ता राजीव कुमार झारखंड हाइकोर्ट में दायर मामलों से संबंधित फाइल उन्हें वापस नहीं कर रहे हैं और न ही उन्हें केस के सिलसिले में समय दे रहे हैं. दुर्गा उरांव ने अधिवक्ता राजीव कुमार पर आरोप लगाते हुए यह भी कहा है कि वर्षों से वह हमारे केस के साथ छेड़छाड़ कर रहे हैं. पूर्व में वर्ष 2019 में अधिवक्ता ने कई सारे सादे कागज पर उनसे हस्ताक्षर भी करा लिए थे. इसका वह गलत इस्तेमाल कर रहे हैं. ऐसे में वे अपना अधिवक्ता बदलना चाहते हैं, लेकिन वे एनओसी नहीं दे रहे हैं.

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अधिवक्ता बदलना चाहते हैं दुर्गा उरांव

दुर्गा उरांव ने पत्र में लिखा है कि अधिवक्ता राजीव कुमार ने 2019 के बाद फोन उठाना भी बंद कर दिया है. एक केस में अब तक दो बार हस्तक्षेप याचिका दायर की गयी है, लेकिन उसकी जानकारी उन्हें (प्रार्थी) भी नहीं दी गयी. वैसी स्थिति में वह अपना अधिवक्ता बदलना चाहते हैं. इसके लिए उन्होंने एनओसी मांगी है, लेकिन वह भी नहीं दे रहे हैं.

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