वित्त मंत्री से मनी लाउंडिंग के आरोपी की मुलाकात दुर्भाग्यपूर्ण : बंधु

Published at :11 May 2024 12:06 AM (IST)
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वित्त मंत्री से मनी लाउंडिंग के आरोपी की मुलाकात दुर्भाग्यपूर्ण : बंधु

बंधु तिर्की ने कहा है कि केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और सेना की जमीन की अवैध खरीद-बिक्री के साथ ही कई संदेहास्पद जमीन सौदे और मनी लाउंड्रिंग के आरोपी विष्णु अग्रवाल के बीच हुई मुलाकात के बाद भाजपा का छुपा चेहरा सामने आ गया है.

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रांची. कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष सह राज्य सरकार की समन्वय समिति के सदस्य बंधु तिर्की ने कहा है कि केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और सेना की जमीन की अवैध खरीद-बिक्री के साथ ही कई संदेहास्पद जमीन सौदे और मनी लाउंड्रिंग के आरोपी विष्णु अग्रवाल के बीच हुई मुलाकात के बाद भाजपा का छुपा चेहरा सामने आ गया है. दोनों के बीच हुई विवादास्पद मुलाकात में स्वयं को ईमानदार और महामानव बताने वाले बाबूलाल मरांडी के साथ होने से भाजपा का भ्रष्टाचार के मामलों में दोहरा रवैया कथनी और करनी में अंतर बताता है. भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष का सार्वजनिक रूप से विष्णु अग्रवाल जैसे आरोपी के साथ निर्मला सीतारमण के साथ मुलाकात कराना दुर्भाग्यपूर्ण है. संवाददाता सम्मेलन कर उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के सभी मामलों की गहराई से और निष्पक्षता से जांच होनी चाहिये. कांग्रेस विधायक दल के नेता आलमगीर आलम के सचिव के नौकर के घर पर जब ईडी की छापेमारी के बाद भाजपा नेताओं ने तत्काल उनको आरोपी ठहरा दिया. लेकिन, विष्णु अग्रवाल के मुद्दे पर भाजपा नेताओं ने चुप्पी साध ली है. श्री तिर्की में कहा कि भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष की मौजूदगी में विष्णु अग्रवाल से श्रीमती सीतारमण की मुलाकात पूर्व निश्चित होने का प्रमाण है. इसकी पृष्ठभूमि में भाजपा की किसी भी दागी को पार्टी में शामिल कराने के बाद उसके मामले को कमजोर या बंद कराने की साजिश है. प्रधानमंत्री के लव जिहाद और लैंड जिहाद पर बातें और आरोपियों के साथ वित्त मंत्री की तस्वीर बहुत कुछ साबित करती है. संथाल में डेमोग्राफी की बात करने वाली भाजपा को रांची, जमशेदपुर, धनबाद, बोकारो जैसी आदिवासियों की लगातार घटती जनसंख्या वाली जगहों को भी देखना चाहिये. राज्य में जहां आदिवासी विस्थापन और पलायन के शिकार हो रहे हैं, वहीं दूसरी ओर बिहार, उत्तर प्रदेश से आये लोग शहरों पर कब्जा करते जा रहे हैं. इसका नकारात्मक प्रभाव आदिवासियों की सभ्यता-संस्कृति के साथ ही उनकी आर्थिक एवं सामाजिक व्यवस्था पर भी पड़ रहा है.

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