अगस्त में सामान्य से 13 फीसदी कम बरसा मानसून, सितंबर के पहले दिन कैसा रहेगा झारखंड का मौसम

झारखंड में आज का मौसम कैसा रहेगा.
Aaj Ka Mausam: अगस्त के महीने में झारखंड में मानसून की बारिश सामान्य से कम रही, क्योंकि राज्य में मानसून कमजोर रहा. 290.6 मिलीमीटर सामान्य वर्षा की जगह 251.5 मिलीमीटर ही वर्षा हुई. पिछले 24 घंटे के दौरान 13 जिलों में वर्षा हुई. इसमें सबसे ज्यादा 13.8 मिलीमीटर वर्षा पंचेत में दर्ज की गयी. झारखंड में आज का मौसम कैसा रहने वाला है, यहां पढ़ें.
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Aaj Ka Mausam: अगस्त के महीने में सामान्य से 13 फीसदी कम बारिश हुई है. राज्य में 1 अगस्त से 31 अगस्त के बीच 290.6 मिलीमीटर वर्षा होनी चाहिए, लेकिन 251.5 मिलीमीटर वर्षा ही हुई है. मानसून के कमजोर होने की वजह से बारिश कम हुई. भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के रांची स्थित मौसम केंद्र ने यह जानकारी दी है. ऐसे में लोगों के मन में सवाल उठ रहे हैं कि आगे मौसम कैसा रहेगा. झारखंड में आज का मौसम (1 सितंबर 2025 को) कैसा रहने वाला है.
झारखंड में कहीं-कहीं गर्जन के साथ वज्रपात की संभावना
मौसम केंद्र रांची ने झारखंड के लिए जारी मौसम पूर्वानुमान में कहा है कि राज्य में कहीं-कहीं गर्जन और तेज हवाओं के साथ वज्रपात होने की संभावना है. इस दौरान हवा की अधिकतम गति 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा रहने की उम्मीद है. राजधानी रांची में सोमवार को आसमान में बादल छाये रहेंगे. एक बार या दो बार हल्के से मध्यम दर्जे की वर्षा हो सकती है.
रांची का अधिकतम तापमान 31 डिग्री रहने की उम्मीद
इस दौरान रांची का अधिकतम तापमान 31 डिग्री और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेंटीग्रेड रहने का अनुमान है. पिछले 24 घंटे के मौसम की बात करें, तो मानसून कमजोर रहा. कहीं-कहीं पर गर्जन के साथ बहुत हल्के से हल्के दर्जे की वर्षा हुई. सबसे अधिक वर्षा 13.8 मिलीमीटर धनबाद के पंचेत में हुई. सबसे अधिक उच्चतम तापमान 35.9 डग्री सेंटीग्रेड सरायकेला में और सबसे कम न्यूनतम तापमान 21.3 डिग्री सेंटीग्रेड लातेहार में रिकॉर्ड किया गया.
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Aaj Ka Mausam: 24 घंटे के दौरान 0.6 मिमी हुई वर्षा
मौसम केंद्र रांची ने बताया है कि पिछले 24 घंटे के दौरान झारखंड में 0.6 मिलीमीटर वर्षा हुई. आमतौर पर 6.4 मिलीमीटर वर्षा होनी चाहिए थी. यानी 24 घंटे में सामान्य से 90 फीसदी कम वर्षा हुई. हालांकि, अगर पूरे मानसून सीजन में अब तक हुई वर्षा की बात करें, तो सामान्य से 27 फीसदी अधिक वर्षा हुई है. राज्य में 798.8 मिमी वर्षा को सामान्य वर्षा माना जाता है. अब तक यहां 1013.1 मिलीमीटर वर्षा हो चुकी है.
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13 जिलों में 0.5 से 13.8 मिमी तक हुई वर्षा
पिछले 24 घंटे के दौरान इन 13 जिलों में 0.5 मिलीमीटर से 13.8 मिलीमीटर तक वर्षा हुई. पंचेत डीवीसी में 13.8 मिमी, बोराम में 11.6 मिमी, सरयू में 10.0 मिमी, मांडर में 8.8 मिमी, पंचेत में 7.2 मिमी, सिकटिया में 6.8 मिमी, करमाटांड़ में 4.4 मिमी, रांची में 3.4 मिमी, डालटनगंज में 2.6 मिमी, बानो सिमडेगा में 1.5 मिमी, मंझारी में 1.2 मिमी, गढ़वा में 0.5 मिमी और सुजनी में 0.5 मिमी वर्षा हुई.

झारखंड में 24 घंटे के दौरान हुई वर्षा के आंकड़े
| केंद्र | वर्षापात |
|---|---|
| पंचेत डीवीसी | 13.8 मिलीमीटर |
| बोराम | 11.6 मिलीमीटर |
| सरयू | 10.0 मिलीमीटर |
| मांडर | 08.8 मिलीमीटर |
| पंचेत | 07.2 मिलीमीटर |
| सिकटिया | 06.8 मिलीमीटर |
| करमाटांड़ | 04.4 मिलीमीटर |
| रांची | 03.4 मिलीमीटर |
| डालटनगंज | 02.6 मिलीमीटर |
| बानो सिमडेगा | 01.5 मिलीमीटर |
| मंझारी | 01.2 मिलीमीटर |
| गढ़वा | 00.5 मिलीमीटर |
| सुजनी | 00.5 मिलीमीटर |
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By Mithilesh Jha
मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है। उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवरेज करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ में भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है। मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है
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