जमशेदपुर में बोले सीएम नीतीश, कुड़मी को आदिवासी सूची में शामिल किया जाये
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 11 Sep 2016 3:16 AM
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जमशेदपुर: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जमशेदपुर के गाेपाल मैदान में आयोजित करम महोत्सव में कहा कि जब कुड़मियाें का रहन-सहन व संस्कृति आदिवासियाें के सामान है, ताे फिर इन्हें क्याें नहीं आदिवासी सूची में शामिल किया जाना चाहिए. कुड़मी पहले इस सूची में शामिल थे, उन्हें बाहर किया गया. उन्होंने कहा : जब […]
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जमशेदपुर: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जमशेदपुर के गाेपाल मैदान में आयोजित करम महोत्सव में कहा कि जब कुड़मियाें का रहन-सहन व संस्कृति आदिवासियाें के सामान है, ताे फिर इन्हें क्याें नहीं आदिवासी सूची में शामिल किया जाना चाहिए. कुड़मी पहले इस सूची में शामिल थे, उन्हें बाहर किया गया. उन्होंने कहा : जब मैं केंद्र में मंत्री था, तो इसकी अनुशंसा की थी. झारखंड सरकार कुड़मियाें काे आदिवासी सूची में शामिल करने की अनुशंसा केंद्र काे भेजे. हम उसका समर्थन करेंगे. नीतीश कुमार ने कहा : कुड़मी यहां के अघाेषित गैर सरकारी आदिवासी हैं. वे यहां के मूल निवासी हैं. सरकार इन्हें जल्द आदिवासी सूची में शामिल करे. हम इस मांग का समर्थन करने यहां आये हैं.
खुशहाल समाज के लिए चला रहे अभियान : नीतीश कुमार ने कहा : समाज काे खुशहाल बनाने के लिए शराबबंदी का अभियान चला रहे हैं. झारखंड में भी इस अभियान काे काफी समर्थन मिल रहा है. खासकर महिलाएं आगे आ रही हैं. धनबाद, पलामू में मुझे बुलाया गया. जहां भी शराबबंदी अभियान के लिए बुलाया जायेगा, वहां पहुंचेंगे. शराब पीने से लाेगाें का जीवन बरबाद हाे रहा था. घराें का माहाैल खराब हाे रहा था. शराबबंदी के बाद अब बिहार आकर गांवों का माहाैल देख लें. गांव में कुछ पीनेवालाें ने विराेध किया, लेकिन अब वे खुद इसका समर्थन कर रहे हैं. 200 रुपये कमानेवाले 150 रुपये शराब पर खर्च कर दे रहे थे.
झारखंड सरकार ने धड़ाधड़ लाइसेंस दे दिये : नीतीश ने कहा : शराबबंदी अभियान काे सफल बनाने के लिए झारखंड सरकार से सहयाेग की अपील की थी. सहयाेग करना ताे दूर, यहां छूट प्रदान कर दी गयी. एक्साइज एक्ट के मुताबिक बॉर्डर एरिया के 3.2 किलाेमीटर के आस-पास शराब की दुकानें नहीं हाेनी चाहिए. लेकिन झारखंड सरकार ने यहां धड़ाधड़ लाइसेंस जारी कर दिये. नीतीश ने कहा : हमने भी बिहार में कड़ाई कर दी. झारखंड से शराब पीकर जानेवालाें की जांच की जा रही है आैर उन पर कार्रवाई की जा रही है.
संविधान में प्रतिबंध की बात है : बिहार के मुख्यमंत्री ने कहा : झारखंड सरकार काे शराबबंदी पर जनमत संग्रह कराना चाहिए, तब मालूम चल जायेगा कि लाेग क्या चाह रहे हैं. भारत के संविधान में यह कहीं से माैलिक अधिकार नहीं है कि शराब बेचें आैर पीयें. उल्टा संविधान में इस पर प्रतिबंध लगाने की बात है. शराब के लिए आदिवासियाें काे बदनाम किया जा रहा है, जबकि झामुमाे के शिबू साेरेन आैर झाविमाे के बाबूलाल मरांडी खुद शराबबंदी का अभियान चला रहे हैं. उन्होंने कहा : जब आदिवासी इसके हिमायती हैं, ताे यहां मद्य निषेध लागू हाेना चाहिए.
क्या-क्या बोले
राज्य सरकार कुड़मियों को आदिवासी सूची में शामिल करने की अनुशंसा केंद्र को भेजे, हम समर्थन करेंगे
शराबबंदी अभियान को झारखंड में मिल रहा समर्थन
झारखंड सरकार से सहयोग की अपील की, पर नहीं मिली
झारखंड सरकार काे शराबबंदी पर जनमत संग्रह कराये
शराब के लिए आदिवासियाें काे बदनाम किया जा रहा
शपथ दिलायी : नीतीश कुमार ने समाराेह के समापन के दाैरान लाेगाें काे शराब नहीं पीने और किसी को शराब पीने के लिए प्रेरित नहीं करने की शपथ दिलायी. उन्हाेंने लाेगाें से अपील की कि वे शराबबंदी को लेकर मुहिम चलायें.
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