कोल इंडिया में हड़ताल खत्म, इधर कोयले की कमी के कारण तेनुघाट की एक यूनिट बंद
Updated at : 08 Jan 2015 3:29 AM (IST)
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रांची : कोल इंडिया में मंगलवार से शुरू हुई मजदूर यूनियनों की पांच दिनों की हड़ताल समाप्त हो गयी है. हड़ताल के दूसरे दिन बुधवार को दिल्ली में मजदूर यूनियनों के नेताओं की कोयला मंत्री पीयूष गोयल के साथ वार्ता हुई. बैठक में मजदूर यूनियनों ने स्पेशल कोल ऑर्डिनेंस-14 वापस लेने की मांग की. करीब […]
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रांची : कोल इंडिया में मंगलवार से शुरू हुई मजदूर यूनियनों की पांच दिनों की हड़ताल समाप्त हो गयी है. हड़ताल के दूसरे दिन बुधवार को दिल्ली में मजदूर यूनियनों के नेताओं की कोयला मंत्री पीयूष गोयल के साथ वार्ता हुई.
बैठक में मजदूर यूनियनों ने स्पेशल कोल ऑर्डिनेंस-14 वापस लेने की मांग की. करीब पांच घंटे तक चली बैठक रात नौ बजे खत्म हुई. तय किया गया कि इस ऑर्डिनेंस के मुद्दे पर मजदूर यूनियन, कोल इंडिया और कोयला मंत्रलय बात जारी रखेंगे. इसके लिए कोयला मंत्रलय के संयुक्त सचिव की अध्यक्षता में कमेटी बनेगी. कमेटी ऑर्डिनेंस सहित अन्य मांगों पर केंद्र सरकार को जल्द रिपोर्ट सौंपेगी. इसी रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी.
एटक नेता लखन लाल महतो ने बताया : जब तक कमेटी की रिपोर्ट नहीं आ जायेगी, सरकार कॉमर्शियल माइनिंग नहीं करायेगी.
बैठक में तय किया गया कि जो मांगें कोल इंडिया स्तर की हैं, उन्हें भी सुलझा लिया जायेगा. इसके लिए 27 व 28 जनवरी को कोलकाता में मजदूर यूनियनों के साथ बैठक बुलायी गयी है. बैठक में तय किया गया कि किसी भी मजदूर पर कोई मुकदमा नहीं होगा. सहमति पत्र पर सीटू को छोड़ इंटक, एचएमएस, बीएमएस और एटक के नेताओं ने हस्ताक्षर कर दिये हैं.
विरोध प्रदर्शन करेगी सीटू : सीटू नेता आरपी सिंह ने कहा कि कोल इंडिया को फिर से राष्ट्रीयकरण से बाहर करने की साजिश का हिस्सा यूनियन नहीं बन सकती है. इस कारण तय किया गया कि गुरुवार और शुक्रवार को सभी कंपनियों में विरोध प्रदर्शन किया जायेगा. वैसे मजदूरों की एकता बनाये रखने के लिए सभी यूनियनों के प्रयास की सराहना की जायेगी. इस आंदोलन को आगे बढ़ाने और विशेष ऑर्डिनेंस का विरोध भी किया जायेगा.
.. इधर दूसरे दिन की हड़ताल का असर
कोयले की कमी, तेनुघाट की एक यूनिट बंद
रांची : देर रात हड़ताल समाप्त होने से पहले कोल इंडिया की कंपनियों में लगातार दूसरे दिन भी कोयले का उत्पादन व डिस्पैच प्रभावित रहा. सीसीएल और बीसीसीएल में इसका व्यापक असर रहा. कोयले के संकट को देखते हुए तेनुघाट विद्युत निगम लिमिटेड (टीवीएनएल) ने एक यूनिट बंद कर दी. इस यूनिट की क्षमता 210 मेगावाट है. इससे प्रतिदिन 180 मेगावाट बिजली का उत्पादन होता है. टीवीएनएल के अधिकारियों के अनुसार कोयले की संभावित कमियों को देखते हुए ऐसा किया गया है.
हड़ताल के दूसरे दिन कई स्थानों पर मजदूरों पर पुलिस ने लाठी चार्ज भी किया. सीसीएल के स्वांग में आधा दर्जन से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया. लाठीचार्ज से कई कर्मी घायल हो गये हैं. इसीएल की राजमहल कोल परियोजना में भी कोयले का उत्पादन प्रभावित रहा. प्राइवेट कंपनी के सहयोग से उत्पादन कराया गया. बुधवार को करीब 11 हजार टन कोयले का उत्पादन हुआ.
इसे एनटीपीसी कहलगांव व एनटीपीसी फरक्का को आपूर्ति की गयी. हड़ताल के दौरान रैली निकाल रहे कर्मियों की सीआरपीएफ के जवानों के साथ झड़प हो गयी. घटना में इंद्रदेव कोतवाल व सत्यानारायण चोटिल हो गये.
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