धनतेरस आज : पूजन, खरीदारी का विशेष महत्व

Updated at :21 Oct 2014 5:47 AM
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धनतेरस आज : पूजन, खरीदारी का विशेष महत्व

धनतेरस आज : मंगलवार को तेरस मिलने के कारण सभी के लिए होगा शुभ रांची : धनतेरस मंगलवार को है. मंगलवार को तेरस पड़ने के कारण इसे भौम प्रदोष के नाम से भी जाना जाता है. मंगलवार को तेरस मिल रहा है जो सभी के लिए शुभ होगा. इस दिन रात 12.44 बजे तक त्रयोदशी […]

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धनतेरस आज : मंगलवार को तेरस मिलने के कारण सभी के लिए होगा शुभ
रांची : धनतेरस मंगलवार को है. मंगलवार को तेरस पड़ने के कारण इसे भौम प्रदोष के नाम से भी जाना जाता है. मंगलवार को तेरस मिल रहा है जो सभी के लिए शुभ होगा. इस दिन रात 12.44 बजे तक त्रयोदशी है. जिस कारण श्रद्धालुओं को खरीदारी का काफी समय मिलेगा. सूर्यास्त के बाद से रात 12.44 के पूर्व तक खरीदारी की जा सकती है.
कई भक्त इस दिन लक्ष्मी गणोश की पूजा अर्चना करते हैं. पूजा के लिए पहला वृश्चिक प्रात: 8.24 से 10.40, दूसरा वृष लगA शाम 7.10 से 9.05 व तीसरा सिंह लगA रात 1.38 से 3.51 बजे तक है. लक्ष्मी की पूजा का सबसे उपयुक्त समय प्रदोष काल व स्थिर लगA वृष में पूजा का विशेष महत्व है. इसमें पूजा करने से घर में धन की स्थिरता आती है. धनतेरस के दिन घर के बाहर एक दीया भी जलाने का विधान है. इस दिन से ही पांच दिनों की दीवाली शुरू हो जाती है. इस दिन नये बरतन, वाहन, सिक्का सहित अन्य उपयोगी सामान खरीदने का विशेष महत्व है.
इस दिन कुबेर, यमराज की पूजा अर्चना व लक्ष्मी-गणोश, कुबेर, इंद्र की प्रतिमा खरीदने का भी महत्व है. इसके अलावा घर के मुख्य दरवाजे के समीप व आंगन में दीप जलाने का महत्व है. यम देवता के नाम से दीप जलाने की परंपरा है. ऐसा करने से अकाल मृत्यु से मुक्ति मिलती है. देवी पूजन में सात धान्य गेहूं, उड़द, मूंग,चना, जौ, चावल व मसूर से पूजा करने का भी महत्व है. वही देवी को नैवेद्य स्वरूप बताशा, पेड़ा व अन्य सफेद मिठाई, खीर आदि से पूजा का महत्व है. इस दिन किसी से उधार लेने व देने से बचना चाहिए.
धनवंतरि की पूजा से बीमारी से राहत
धनतेरस के दिन भगवान धनवंतरि की पूजा से बीमारी व रोग आदि से छुटकारा मिलता है. कई जगहों पर भगवान की प्रतिमा स्थापित कर उनकी पूजा अर्चना की जायेगी. जिसकी तैयारी सोमवार को पूरी कर ली गयी.
धनतेरस से छठ तक किसी भी तिथि का क्षय नहीं
रांची : धनतेरस से लेकर छठ तक इस बार किसी भी तिथि व समय का क्षय नहीं है. यह भक्तों के लिए काफी शुभ माना जा रहा है. दीपावली के पहले दिन 21 को धनत्रयोदशी व धनतरेस है. इस दिन रात 12.44 बजे तक त्रयोदशी मिल रहा है. जिस कारण श्रद्धालुओं को खरीदारी से लेकर पूजा तक के लिए काफी समय मिलेगा. दूसरे दिन 22 को छोटी दीवाली है. रात 2.07 तक चतुर्दशी है. इस दिन यायी जय योग, आनंद योग मिल रहा है. 23 को दीपावली, काली पूजा व स्नान दान की अमावस्या है. इस दिन रात 3.02 बजे तक अमावस्या है. दीपावली गुरुवार को है.
जो काफी शुभ मानी जा रही है. ज्योतिषियों के अनुसार गुरुवार का दिन अधिकतर शुभ कार्यो के लिए श्रेष्ठ होता है. गुरुवार के गुरु बृहस्पति हैं. जो इस बार के दीपावली को अपनी उच्च राशि कर्क में रहने से शुभ फल प्रदान करेंगे. यह कई दशकों के बाद आया है. इस दिन गुरु उच्च राशि में शुभ फलदायक है. 24 को गोवर्धन पूजा व अन्न कूट है. रात 3.12 बजे तक प्रतिपदा है. इस दिन प्रीति योगा रहेगा. 25 को यम द्वितीया, भाई दूज व चित्रगुप्त पूजा है.
रात 3.20 बजे तक द्वितीया है. 27 से शुरू होनेवाले छठ महापर्व में भी तिथि व समय का क्षय नहीं है. पहले दिन नहाय खाय होगा. इस दिन रात्रि 1.39 बजे तक चतुर्थी है. दूसरे दिन 28 को खरना है. रात 12.11 बजे तक पंचमी है. 29 को सूर्य षष्ठी व्रत है. षष्ठी रात 10.23 बजे तक है. वहीं 30 को महापर्व के अंतिम दिन सप्तमी रात 8.19 बजे तक है.
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