झारखंडियों के लिए रिजर्व नौकरी में हरियाणा राजस्थान और यूपी के 30 का हो गया चयन,पढें ये खास रिपोर्ट
Author : Prabhat Khabar Digital Desk Published by : Prabhat Khabar Updated At : 22 Feb 2020 7:20 AM
विज्ञापन
शकील अख्तर रांची : राज्य में सामुदायिक स्वास्थ्य पदाधिकारी (सीएचओ) के पद पर प्रशिक्षण व नियुक्ति के लिए निकाले गये रिजल्ट में 30 से अधिक ऐसे आवेदकों को सफल घोषित किया गया है, जो मूलत: राज्य के बाहर के निवासी हैं. इनके बाहरी होने की पहचान उनके सरनेम (उपनाम) जैसे मीणा, जाटव, गुजर आदि से […]
विज्ञापन
शकील अख्तर
रांची : राज्य में सामुदायिक स्वास्थ्य पदाधिकारी (सीएचओ) के पद पर प्रशिक्षण व नियुक्ति के लिए निकाले गये रिजल्ट में 30 से अधिक ऐसे आवेदकों को सफल घोषित किया गया है, जो मूलत: राज्य के बाहर के निवासी हैं. इनके बाहरी होने की पहचान उनके सरनेम (उपनाम) जैसे मीणा, जाटव, गुजर आदि से की जा रही है. सीएचओ के लिए प्रकाशित विज्ञापन में सिर्फ झारखंड के स्थायी या स्थानीय निवासियों का आवेदन ही स्वीकार किये जाने की शर्त निर्धारित थी. लेकिन नियुक्ति के लिए सफल अभ्यर्थियों की सूची में राजस्थान, यूपी और हरियाणा में प्रचलित सरनेम (उपनाम) वाले लोगों की भरमार है. अब इसकी जांच की मांग उठ रही है. मामले की जांच हुई, तो गड़बड़ियां उजागर हो सकती हैं.
वित्तीय वर्ष 2020-21 के दौरान छह माह के प्रशिक्षण के बाद सीएचओ के पद पर नियुक्ति के लिए जनवरी 10 जनवरी 2020 को विज्ञापन प्रकाशित किया गया था. इसमें यह उल्लेख किया गया था कि वैसे भारतीय नागरिक, जो झारखंड के स्थायी या स्थानीय निवासी हों, सीएचओ के पद के लिए आवेदन दे सकते हैं. स्थानीय का लाभ लेने के लिए आवेदक को कार्मिक प्रशासनिक सुधार विभाग द्वारा 18 अप्रैल 2016 को जारी संकल्प में निर्धारित शर्तों को पूरा करना आवश्यक था.
सीएचओ नियुक्ति परीक्षा : नियुक्ति में झारखंड का स्थानीय िनवासी होना अनिवार्य शर्त थी
यह है सरकार द्वारा जारी संकल्प
सरकार द्वारा जारी संकल्प में स्थानीय होने के लिए छह शर्तें निर्धारित हैं. इन शर्तों में 30 साल से झारखंड की परिधि में रहनेवाले, यहां पैदा होने और मैट्रिक पास करनेवालों को स्थानीय मानने का प्रावधान है. साथ ही इसके लिए उन्हें इस बात की शपथ पत्र भी देना है कि वह किसी अन्य राज्य में स्थानीय होने का लाभ नहीं लेंगे. परीक्षा पर्षद ने इसके लिए स्थानीय होने के प्रमाण पत्र का एक फॉर्मेट भी जारी किया था. बताया जाता है कि मीणा, गुजर, जाटव जैसे सरनेम के आवेदकों ने स्थानीय निवासी का लाभ लेने के लिए कार्मिक विभाग के संकल्प की शर्तों में से किसी एक को पूरा करने के दावे के इस फॉर्मेट का सहारा लिया.
कुल 660 पदों पर नियुक्ति का उल्लेख
परीक्षा पर्षद द्वारा प्रकाशित विज्ञापन में कुल 660 पदों पर सामुदायिक स्वास्थ्य पदाधिकारी (सीएचओ) की नियुक्ति किये जाने का उल्लेख था. साथ ही यह शर्त भी लगायी गयी थी कि सरकार जरूरत के हिसाब से पदों की संख्या में तब्दीली कर सकती है. विज्ञापित पदों में अनारक्षित वर्ग के 223, आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग के लिए 55, एसटी के 144, एससी के 142, पिछड़ा वर्ग-एक के 44 और पिछड़ा वर्ग-दो के लिए 55 पदों के होने का उल्लेख किया गया था. सीएचओ के पद के लिए लिखित परीक्षा में सफल होनेवाले आवेदकों को प्रशिक्षण के दौरान 25 हजार रुपये प्रति माह की दर से मानदेय भुगतान का भी प्रावधान है.
सफल घोषित मीणा, जाटव सरनेम के आवेदकों का उदाहरण
भूर सिंह मीणा, उम्मेद सिंह गुजर, कृष्ण गोपाल मीणा, विनोद सिंह गुजर, सोहन सिंह जाटव, रूप सिंह मीणा, धरम सिंह मीणा, रवि कुमार मीणा, गोपाल लाल मीणा, हरि सिंह मीणा, माखन लाल मीणा, रवि कुमार मीणा, संत राम मीणा, राहुल कुमार मीणा, नंद किशोर मीणा, अमर सिंह जाटव, हेम राम मीणा, राजेंद्र कुमार मीणा, बंकेश मीणा, विजेंद्र जाटव, जसवंत जाटव, मान सिंह मीणा, रकम सिंह मीणा.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन










