रातू : 15 दिनों से गायब सीओ ने दिया योगदान, अभी नहीं मिला प्रभार

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रातू : दो दिन की छुट्टी लेकर 15 दिनों तक गायब रहने वाले रातू सीओ राजेश कुमार मिश्रा ने बुधवार को जिला मुख्यालय में योगदान दिया. इसके बाद रातू अंचल कार्यालय पहुंचे, लेकिन प्रभारी सीओ सह बीडीओ अविनाश पुर्णेंदू के फुटकलटोली में आयोजित ‘सरकार आपके द्वार कार्यक्रम’ में रहने के कारण सीओ को प्रभार नहीं […]

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रातू : दो दिन की छुट्टी लेकर 15 दिनों तक गायब रहने वाले रातू सीओ राजेश कुमार मिश्रा ने बुधवार को जिला मुख्यालय में योगदान दिया. इसके बाद रातू अंचल कार्यालय पहुंचे, लेकिन प्रभारी सीओ सह बीडीओ अविनाश पुर्णेंदू के फुटकलटोली में आयोजित ‘सरकार आपके द्वार कार्यक्रम’ में रहने के कारण सीओ को प्रभार नहीं मिला.
15 दिनों तक गायब रहने के संबंध में श्री मिश्रा ने बताया कि पिता के इलाज के लिए दो दिन की छुट्टी लेकर रांची से बाहर गया था. उनकी तबीयत ज्यादा खराब होने के कारण विगत 15 दिनों से कार्यालय नहीं आ रहे थे.
अब उनकी तबीयत ठीक है. श्री मिश्रा ने कहा कि कार्यालय नहीं आने के कारण सोशल मीडिया में यह खबर चली कि अंचल से कई फाइलें लेकर वे गायब हैं, जो बिल्कुल गलत है.
सोशल मीडिया पर गर्म रहा अफवाहों का बाजार : मंगलवार को सोशल मीडिया पर जहां रातू अंचल की कई महत्वपूर्ण फाइलों के गायब होने की खबर चली. वहीं बुधवार को भी सोशल मीडिया पर अफवाहों का बाजार गर्म रहा. इस खबर में यह लिखा गया था कि सीओ को जिले के वरीय प्रशासनिक पदाधिकारी, पुलिस के एक वरीय पदाधिकारी व एक जमींदार के गुस्से का कोपभाजन बनना पड़ा है. सभी ने मिल कर सीओ को शो काॅज करवा दिया है. इसलिए सीओ 15 दिनों से गायब हैं. उन्होंने अपना मोबाइल भी बंद कर रखा है.
सीओ से मांगा गया है जवाब
सोशल मीडिया में चल रहे खबरों का खंडन करते हुए अपर समाहर्ता सत्येंद्र कुमार ने बताया कि सीओ द्वारा समय पर दाखिल- खारिज के मामलों का निष्पादन नहीं किये जाने पर उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया है.
रातू के अंचलाधिकारी ने बिना विवादित जमीन के दाखिल खारिज के 269 मामलों का निष्पादन समय पर नहीं किया है. बिना विवादित जमीन के दाखिल- खारिज का निष्पादन 30 दिन और विवादित जमीन का निष्पादन 90 दिनों के अंदर करने का प्रावधान है. भू राजस्व विभाग ने पिछले साल दाखिल- खारिज के मामले की समीक्षा की थी. इसमें राज्य के सभी अंचल से लंबित मामलों की संख्या मांगी गयी थी.
इसमें पूरे राज्य के 20 अंचल ऐसे थे, जहां समय सीमा पूरा होने के बाद भी दाखिल खारिज का निष्पादन नहीं हो रहा था. पूरे राज्य के 20 अंचलों में रांची जिले का एकमात्र अंचल रातू था, जहां सबसे अधिक मामले लंबित थे. उस समय भी उन्हें काम में सुधार लाने का निर्देश दिया गया था, लेकिन चेतावनी देने के बाद भी उनके काम में कोई सुधार नहीं आया.
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