रांची : 60 प्रतिशत से कम हो सकता है पास मार्क्स
Updated at : 10 Feb 2020 8:51 AM (IST)
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पारा शिक्षकों की नियमावली में होगा बदलाव रांची : पारा शिक्षकों की प्रस्तावित सेवा शर्त नियमावली में पारा शिक्षकों के सुझाव के अनुरूप बदलाव होगा. झारखंड शिक्षा परियोजना ने इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी है. नियमावली को लेकर पारा शिक्षकों के सुझाव को भी शामिल किया जा रहा है. अगले सप्ताह नियमावली को लेकर उच्चस्तरीय […]
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पारा शिक्षकों की नियमावली में होगा बदलाव
रांची : पारा शिक्षकों की प्रस्तावित सेवा शर्त नियमावली में पारा शिक्षकों के सुझाव के अनुरूप बदलाव होगा. झारखंड शिक्षा परियोजना ने इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी है. नियमावली को लेकर पारा शिक्षकों के सुझाव को भी शामिल किया जा रहा है. अगले सप्ताह नियमावली को लेकर उच्चस्तरीय कमेटी की बैठक हो सकती है. नियमावली में वर्तमान में परीक्षा पास करने के लिए न्यूनतम 60 फीसदी अंक लाना अनिवार्य है. अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति /पिछड़ा वर्ग/आर्थिक रूप से पिछड़ा वर्ग व दिव्यांग अभ्यर्थियों को अंक में पांच फीसदी की छूट दी गयी है.
एक पारा शिक्षक को अधिकतम दो आकलन परीक्षा में शामिल होने का अवसर दिया जायेगा. दो अवसर में परीक्षा पास नहीं करनेवाले पारा शिक्षक की सेवा समाप्त कर दी जायेगी. पारा शिक्षकों की आपत्ति के बाद इसमें बदलाव की तैयारी की जा रही है. परीक्षा पास करने के लिए 60 फीसदी अंक के प्रावधान को कम कर 40 से 50 फीसदी तक किया जा सकता है. अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति /पिछड़ा वर्ग/आर्थिक रूप से पिछड़ा वर्ग व दिव्यांग अभ्यर्थियों को अंक में पांच फीसदी की छूट अलग से दी जायेगी.
परीक्षा पास करने के लिए दिये जानेवाले अवसर में भी बढ़ोतरी की जा सकती है. परीक्षा पास करने के लिए मिलनेवाले अवसर को दो से बढ़ा कर तीन किया जा सकता है.
सेवा अनुभव पर भी हो रहा विचार : नियमावली के अनुसार, सीमित आकलन परीक्षा में शामिल होने के लिए प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद पारा शिक्षकों के लिए दस वर्ष का सेवा अनुभव अनिवार्य किया गया है. पारा शिक्षक संघर्ष मोर्चा इसका भी विरोध कर रहा है. नियमावली में इस बिंदु पर भी बदलाव किया जा सकता है. पारा शिक्षकों की सेवा शर्त नियमावली बजट सत्र से पहले तैयार की जायेगी .
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