मोबाइल डेंटल वैन करेगा स्कूली बच्चों के दांतों का इलाज

Updated at : 19 Jan 2020 1:34 AM (IST)
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मोबाइल डेंटल वैन करेगा स्कूली बच्चों के दांतों का इलाज

रांची : रिम्स का डेंटल कॉलेज राजधानी के सरकारी स्कूल के बच्चों व सुदूर ग्रामीण क्षेत्र में रहनेवाले लाेगों के दांत की जांच करेगा. मोबाइल डेंटल वैन के माध्यम से दंत चिकित्सक सरकारी स्कूल जायेंगे. पहले चरण में बच्चों के दांत की जांच की जायेगी. बच्चों के दांत में जो भी समस्या होगी, उससे अभिभावकों […]

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रांची : रिम्स का डेंटल कॉलेज राजधानी के सरकारी स्कूल के बच्चों व सुदूर ग्रामीण क्षेत्र में रहनेवाले लाेगों के दांत की जांच करेगा. मोबाइल डेंटल वैन के माध्यम से दंत चिकित्सक सरकारी स्कूल जायेंगे.

पहले चरण में बच्चों के दांत की जांच की जायेगी. बच्चों के दांत में जो भी समस्या होगी, उससे अभिभावकों काे अवगत कराया जायेगा. अभिभावक की अनुमति के बाद दोबारा मोबाइल डेंटल वैन स्कूल भेज कर बच्चों के दांत का इलाज किया जायेगा.
दंत चिकित्सक बच्चों को जागरूक करने काम भी करेंगे. बच्चों को ब्रश करने की सही, कितने वक्त व कब ब्रश करना है, इस बारे में बताया जायेगा. मोबाइल डेंटल वैन को सुदूर ग्रामीण क्षेत्र में भी भेजने की योजना है.
इससे ग्रामीण परिवेश में रहनेवाले लोगों को भी दांतों की देखभाल के लिए जागरूक किया जायेगा. ग्रामीणों को बताया जायेगा कि दांत की सफाई कर कैसे स्वस्थ रहा जा सकता है. दांतों की देखभाल के टिप्स भी दिये जायेंगे. डेंटल कॉलेज सामाजिक संस्थाओं से गठजोड़ करेगा, जिससे अधिक से अधिक लोगों के दांत की जांच की जा सके.
तीन को अंतरराष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञ देंगे परामर्श
रिम्स डेंटल कॉलेज के तत्वावधान में तीन फरवरी को अंतरराष्ट्रीय स्तर की कार्यशाला का आयोजन किया गया है, इसमें दो दंत चिकित्सक शामिल होंगे. वह विश्व में दंत चिकित्सा में होनेवाले शोध व नयी तकनीक से अवगत करायेंगे. यह पहली बार होगा, जब विदेश से आये एक्सपर्ट कार्यशाला में शामिल होंगे.
700 में से एक बच्चा कटे होंठ व तालू का पैदा होता है, लेकिन सर्जरी से हो रहे ठीक
रांची. बनारस से आये प्लास्टिक सर्जन डॉ सुबोध कुमार सिंह ने जन्म के समय कटे होठ व तालू की बीमारी सामान्य है, लेकिन अगर उसका समय पर इलाज किया जाये तो इस विकृति को दूर किया जा सकता है. 700 में से एक बच्चा कटे होठ व तालू का पैदा होता है.
भारत जैसे विकसित देश में यह बीमारी होती है. सुविधा नहीं होने के कारण भारत में ऐसे बच्चों का अॉपरेशन नहीं होता था, लेकिन अंतररराष्ट्रीय संस्था स्माइल ट्रेन द्वारा सहयोग से ऑपरेशन शुरू होने लगा. बनारस के जेएस हाॅस्पिटल में अब तक 35,000 हजार ऐसे बच्चों का ऑपरेशन हुआ है. कार्यक्रम मेंं रिम्स सर्जरी विभाग के सीनियर व जूनियर डाॅक्टर शामिल हुए.
डॉ अंशुल व डॉ राकेश चौधरी सम्मानित : कार्यक्रम में रिम्स के सीटीवीएस विभाग की टीम को निदेशक डॉ दिनेश कुमार सिंह ने सम्मानित किया. रिम्स द्वारा गुरुवार को कार्डियोलॉजी विभाग में 60 वर्षीय एक वृद्ध का बाइपास सर्जरी किया गया था.
डेंटल वैन का उपयोग सरकारी स्कूल में किया जायेगा. बच्चों के दांतों की जांच के अलावा इलाज भी किया जायेगा. सुदूर ग्रामीण क्षेत्र में भी लोगों के दांतों की जांच की जायेगी.
डॉ नरेंद्र सिंह, प्रभारी प्राचार्य डेंटल कॉलेज
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