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कौन है मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पुरस्कृत करनेवाली कंपनी आइएफआइइ

Updated at : 19 Jan 2020 12:44 AM (IST)
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कौन है मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पुरस्कृत करनेवाली कंपनी आइएफआइइ

रांची : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को दुमका व बरहेट में श्रेष्ठ काम करने के लिए इंटरेक्टिव फोरम ऑन इंडियन इकोलॉमी (आइएफआइइ) नामक कंपनी पुरस्कृत करने जा रही है. दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित समारोह में कंपनी ने पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी के हाथों सम्मानित कराने का आमंत्रण मीडिया हाउसों को भेजा है. प्रभात खबर […]

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रांची : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को दुमका व बरहेट में श्रेष्ठ काम करने के लिए इंटरेक्टिव फोरम ऑन इंडियन इकोलॉमी (आइएफआइइ) नामक कंपनी पुरस्कृत करने जा रही है. दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित समारोह में कंपनी ने पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी के हाथों सम्मानित कराने का आमंत्रण मीडिया हाउसों को भेजा है. प्रभात खबर ने इस कंपनी के बारे में जानकारी लेकर उसे सामने रखने का प्रयास किया है.

आइएफआइइ की वेबसाइट http://www.ifie.in पर संस्था का लंबा-चौड़ा उद्देश्य बताया गया है. इसमें भारतीय अर्थव्यवस्था बेहतर करने के लिए योगदान करना प्रमुख है. साथ ही बताया गया है कि कंपनी द्वारा कैंपेनियन ऑफ चेंज अवार्ड भी प्रदान किया जाता है. कंपनी को भारत सरकार से मान्यता प्राप्त बताया गया है.
जबकि, यह भारत सरकार के पास रजिस्ट्रेशन एक्ट में निबंधित या रजिस्टर्ड निजी कंपनी है. इसे भारत सरकार से मान्यता प्राप्त नहीं कहा जा सकता है. यह मिनिस्ट्री ऑफ कम्पनीज से रजिस्टर्ड है. इसे ननप्रॉफिट कंपनी में रजिस्ट्रेशन करा आयकर अधिनियम की धारा 80G, 12A के तहत छूट मिली हुई है.
कंपनी के सदस्यों की जानकारी वेबसाइट पर नहीं है. वेबसाइट का इवेंट्स सेक्शन भी पूरी तरह से खाली है. आइएफआइइ के बारे में बताया गया है कि यह कंपनी वर्ष 2011 में नंदन झा ने शुरू की थी. यह दिल्ली से हिंदी और अंग्रेजी में पावर कॉरिडोर के नाम से मासिक पत्रिका प्रकाशित करती है. साथ ही पंचायती टाइम्स के नाम से एक डिजिटल पोर्टल का प्रकाशन भी करती है.
सीपी सिंह ने प्रोटोकॉल तोड़ कर लिया था सम्मान : वर्ष 2019 में तत्कालीन नगर विकास मंत्री सीपी सिंह को फेम इंडिया का श्रेष्ठ मंत्री अवार्ड मिला था. श्री सिंह ने दिल्ली जाकर अवार्ड लिया था. लेकिन, उन्होंने प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया था.
भारत सरकार द्वारा निर्धारित प्रोटोकॉल के मुताबिक, किसी भी सम्मान को लेने के लिए राज्यों के मुख्यमंत्रियों और केंद्रीय मंत्रियों को प्रधानमंत्री से अनुमति लेनी आवश्यक है. वहीं, राज्यों के मंत्रियों को मुख्यमंत्री की स्वीकृति मिलने के बाद किसी तरह का सम्मान प्राप्त करना है. हालांकि, सीपी सिंह ने प्रोटोकॉल तोड़ते हुए बिना मुख्यमंत्री की अनुमति हासिल किये ही अवार्ड लिया था.
भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश ने सीएम को दी चयन की सूचना
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को कैंपेनियन ऑफ चेंज अवार्ड 2019 के लिए चयनित होने की सूचना भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश केजी बालकृष्णन ने पत्र लिख कर दी है. उन्होंने बताया है कि उनके और सुप्रीम कोर्ट की पूर्व न्यायाधीश ज्ञान सुधा मिश्र की अध्यक्षता वाली कमेटी ने श्री सोरेन को पुरस्कृत करने के लिए चुना है.
दुमका और बरहेट विधानसभा क्षेत्र में किये गये अच्छे कार्यों की वजह से उनका चयन किया गया है. पत्र में चयन समिति के ज्यूरी मेंबर के रूप में पूर्व आइएएस अधिकारी शंकर अग्रवाल, प्रसिद्ध फिल्म निर्माता निदेशक सुभाष घई और पहलाज निहलानी का नाम अंकित है. वहीं, सलाहकार के रूप में नंदन झा, विवेक सिंह, आदेश त्यागी व विवेक उम्मत का नाम दिया गया है.
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