Youth Day 2020: राजनीति, कृषि से लेकर स्पेस साइंस तक झारखंड के युवाओं की धमक

By Prabhat Khabar Digital Desk
Updated Date

'उठो, जागो और तब तक मत रुको, जब तक मंजिल प्राप्त न हो जाए' का संदेश देनेवाले युवाओं के प्रेरणास्रोत, स्वामी विवेकानंद की आज 157वीं जयंती है.

स्वामीजी के जन्मदिन 12 जनवरी को हमभारतीय राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाते हैं. इस मौके पर आइए एक नजर डालते हैं उन युवाओं पर जिन्होंने अपने हुनर और हौसले के दम पर न सिर्फ झारखंड का नाम रोशन किया है, बल्कि अन्य युवाओं के लिए प्रेरणापुंज भी बने हुए हैं.

Youth Day 2020: राजनीति, कृषि से लेकर स्पेस साइंस तक झारखंड के युवाओं की धमक

अंबा प्रसाद; विधायक
हजारीबाग के बड़कागांव विधानसभा सीट से कांग्रेस के टिकट पर जीतनेवाली अंबा प्रसाद ने झारखंड विधानसभा चुनाव 2019 में सबसे कम उम्र की विधायक बनने का इतिहास रचा है. कुछ महीने पहले तक दिल्ली में रहकर यूपीएससी की तैयारी कर रही एलएलबी डिग्रीधारी अंबा प्रसाद ने माता, पिता और भाई पर मामला दर्ज होने के बाद घर लौट कर हजारीबाग कोर्ट में वकालत शुरू कर दी और माता-पिता और भाई पर दर्ज मुकदमों को देखना शुरू कर दिया. अंबा ने राजनीति में कदम तो परिस्थितिवश रखना पड़ा, लेकिन उनकी धमक दूर तक सुनाई पड़ी है.

Youth Day 2020: राजनीति, कृषि से लेकर स्पेस साइंस तक झारखंड के युवाओं की धमक

विराट सिंह; क्रिकेटर
जमशेदपुर सोनारी के रहने वाले विराट सिंह उभरते क्रिकेटर हैं. इन्हें आईपीएल 2020 के ऑक्शन में हैदराबाद ने 1.90 करोड़ रुपये की बोली लगाकर खरीदा है. युवराज सिंह को अपना आदर्श माननेवाले विराट ने 2013-14 में 16 वर्ष की उम्र में फर्स्ट क्लास क्रिकेट में डेब्यू किया था. विराट ने 17 साल की उम्र में फर्स्ट क्लास क्रिकेट में डेब्यू किया था. फिलहाल, वह झारखंड अंडर-19 के नियमित खिलाड़ी हैं. विराट, देवधर ट्रॉफी में ईस्ट जोन का प्रतिनिधित्व करने के अलावा विजय हजारे ट्रॉफी में झारखंड की ओर से भी खेल चुके हैं.

Youth Day 2020: राजनीति, कृषि से लेकर स्पेस साइंस तक झारखंड के युवाओं की धमक

क्रांति देवी; कृषक
गुमला के घाघरा प्रखंड की रहनेवाली क्रांति देवी ने कृषि क्षेत्र में क्रांति ला दी है. उन्हें हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों 'कृषि कर्मण पुरस्कार' से सम्मानित किया गया है. उन्हें यह पुरस्कार उनके द्वारा श्रीविधि और वैज्ञानिक खेती के अन्य तरीके अपनाकर कम जमीन में धान की असाधारण उपज प्राप्त करने के लिए मिला है. मात्र आठवीं पास क्रांति देवी शुरू में तो अपनी माली हालत में सुधार लाने के लिए घर की चौखट लांघ, लोक लज्जा के घेरे को तोड़कर खेतों में उतरी थीं. तब उन्हें शायद मालूम नहीं था कि यही काम उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्धि देगा.

Youth Day 2020: राजनीति, कृषि से लेकर स्पेस साइंस तक झारखंड के युवाओं की धमक

अनुज लुगुन; कवि
युवा कवि अनुज लुगुन को उनकी धारदार कविताओं के लिए जाना जाता है और जब कभी उन्हें लगता है कि कोई भी व्यवस्था आम आदमी के विरुद्ध जा रही है, उनकी कलम विरोध का स्वर लिये बरबस उठ जाती है. झारखंड के सिमडेगा जिले में जन्मे अनुज लुगुन को उनकी कविता 'बाघ और सुगना मुंडा की बेटी' के लिए साहित्य अकादमी युवा पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है. इनकी रचनाएं आदिवासी जीवन पर आधारित हैं, जो आदिवासी विमर्श के लिए उल्लेखनीय विषय है. वर्तमान में वह दक्षिण बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय में हिंदी शिक्षक हैं.

Youth Day 2020: राजनीति, कृषि से लेकर स्पेस साइंस तक झारखंड के युवाओं की धमक

न्यारी नैन; मरीन इंजीनियर, लेखिका, टेड-एक्स स्पीकर
रांची की बेटी न्यारी नैन पुरुषों के वर्चस्व वाले नौ परिवहन क्षेत्र में अपने आत्मविश्वास के बल पर नाम कमा रही हैं. वह देश-विदेश में शिपिंग कंपनी का जहाज घुमा रही हैं. पुरुषों के बीच वह कार्यस्थल पर अकेली होती हैं, जहां तापमान 40 डिग्री तक होता है. उनके जिम्मे 600 केवी का जेनरेटर, बॉयलर और अन्य मशीन के ऑपरेशन और मेंटेनेंस का काम होता है. पानी वाले जहाज के खट्टे-मीठे अनुभवों को साझा करने के लिए उन्होंने पुस्तक लिखी है, नाम है 'एंकर माइ हार्ट'. इसे हार्पर कॉलिंस ने प्रकाशित किया है. न्यारी का टेड-एक्स लेक्चर 'कितना आवश्यक है भूत की बेकार बातों को भूलकर आगे बढ़ना' यूट्यूब पर काफी सराहा जा रहा है. फिलहाल वह दो पुस्तकें और लिख रही हैं.

Youth Day 2020: राजनीति, कृषि से लेकर स्पेस साइंस तक झारखंड के युवाओं की धमक

नीलेश कुमार; स्पेस साइंटिस्ट
चंद्रयान 2 को बनाने और उसकी सफल लॉन्चिंग में रांची के अंतरिक्ष वैज्ञानिक नीलेश का बड़ा योगदान रहा. नीलेश इसरो में सॉलिड प्रोपेलेट साइंटिस्ट हैं. उन्होंने साल 2010 में एनआइटी, जमशेदपुर से मेकैनिकल इंजीनियरिंग में बीटेक किया. डिजाइनिंग इंजीनियरिंग का सपना संजोये नीलेश ने इसरो के लिए अप्लार्इ किया. उन्हें इस परीक्षा में देशभर में 12वां स्थान हासिल मिला. अपने हुनर और मेहनत के दम पर उन्होंने इसरो की महत्वाकांक्षी परियोजना चंद्रयान 2 की टीम में सॉलिड प्रोपेलेट साइंटिस्ट के तौर पर जगह बना ली. नीलेश के जिम्मे बूस्टर प्रोडक्शन की रिसर्च और डिजाइन का काम था, जो सैटेलाइट को चंद्रमा की ऑर्बिट में प्रक्षेपित करने में मदद करता है. चंद्रयान 2 के बाद नीलेश गगनयान के लिए जुट गए हैं. इसरो का यह मिशन दिसंबर 2021 के लिए शेड्यूल्ड है.

Share Via :
Published Date
Comments (0)
metype

संबंधित खबरें

अन्य खबरें