रांची :वर्ष 2002 में बना था झारखंड का राज्य चिह्न
Updated at : 31 Dec 2019 8:47 AM (IST)
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रांची : राज्य के प्रथम मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी के कार्यकाल में झारखंड का वर्तमान राज्य चिह्न (स्टेट इंब्लेम) बना था. इस राज्य चिह्न पर कैबिनेट की सहमति के बाद 26 फरवरी 2002 को इससे संबंधित अधिसूचना जारी की गयी थी. राज्य के प्रथम कैबिनेट सचिव नरेंद्र भगत के हस्ताक्षर से जारी इस अधिसूचना को पिछली […]
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रांची : राज्य के प्रथम मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी के कार्यकाल में झारखंड का वर्तमान राज्य चिह्न (स्टेट इंब्लेम) बना था. इस राज्य चिह्न पर कैबिनेट की सहमति के बाद 26 फरवरी 2002 को इससे संबंधित अधिसूचना जारी की गयी थी. राज्य के प्रथम कैबिनेट सचिव नरेंद्र भगत के हस्ताक्षर से जारी इस अधिसूचना को पिछली तिथि यानी 15 नवंबर 2000 से ही प्रभावी किया गया था.
26 फरवरी 2002 को मंत्रिमंडल सचिवालय समन्वय विभाग द्वारा जारी अधिसूचना संख्या जीएसआर-269 में स्टेट इंब्लेम के हर पहलू का उल्लेख किया गया है. इसमें कहा गया है कि स्टेट इंब्लेम में बना वर्ग पांच तत्वों का प्रतिनिधित्व करता है. इन पांच तत्वों में आकाश, पवन, अग्नि, जल और धरती शामिल हैं. स्टेट इंब्लेम में इस्तेमाल किया गया हल्का हरा रंग झारखंड की हरी-भरी धरती और वन को प्रतिबिंबित करता है.
साथ ही यह नवजात झारखंड को वनों और समृद्ध वनस्पतियों की भूमि के रूप में भी प्रदर्शित करता है. स्टेट इंब्लेम के ‘J’ शब्द में प्रतिध्वनित बिंदु राज्य के निरंतर एवं सुदृढ़ विकास पद्धति को दर्शाता है. घड़ी की दिशा में उसकी गति राज्य की गतिशीलता और उन्नति का परिचायक है. वर्ग के बीच में बना अशोक चक्र उपबंधित शक्तियों के अंतर्गत राज्य की संप्रभु शक्ति का द्योतक है.
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