रांची : सचदेवा का संचालक हुआ गिरफ्तार

By Prabhat Khabar Digital Desk
Updated Date
रांची : विद्यार्थियों के नाम पर लाखों रुपये लोन लेने वाले सर्कुलर रोड स्थित सचदेवा कॉलेज के संचालक राजीव रंजन सिंह को लालपुर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है़ इस संबंध में जयंती केरकेट्टा सहित 14 लोगों ने प्राथमिकी दर्ज करायी है, जबकि 68 छात्रों के नाम से लोन लिया गया है़
इधर, लोन का नोटिस मिलने के बाद छात्रों ने पहले संस्थान के पास हंगामा किया, फिर लालपुर थाना पहुंचे़ वहां थाना प्रभारी से कहा कि एडमिशन के समय जमा किया हुआ पैसा वापस करा दीजिये. अब वे लोग वहां नहीं पढ़ना चाहते हैं. बाद में थाना प्रभारी ने राजीव रंजन सिंह से विद्यार्थियों की बात करायी़
लालपुर थाना प्रभारी अरविंद कुमार ने बताया कि राजीव रंजन सिंह ने छात्रों के नाम पर लोन लेने की बात स्वीकार कर ली है़ उसने एजुकेशन लोन नहीं बल्कि पर्सनल लोन लिया है़ उस पर दबाव बनाया जा रहा है कि जो रुपये बैंक से लिया है, उसे बैंक को लौटा दे दे ताकि विद्यार्थियों पर से कर्ज का बोझ खत्म हो़ थाना प्रभारी ने बताया कि उससे पूछताछ की जा रही है़ इधर, विद्यार्थियों ने बताया कि पैन कार्ड, आधार कार्ड का फोटोकॉपी के साथ ही अन्य कागजात पर साइन कराया गया था़ उसी दस्तावेजों का प्रयोग कर लोन निकाला गया है़
विद्यार्थियों ने किया हंगामा : जानकारी के मुताबिक संस्थान में कई बैच चलाये जा रहे थे. जिसकी संख्या बी-1,2 से लेकर 22 से अधिक है. प्रत्येक बैच में 40 विद्यार्थी थे. दूसरी ओर ठगी की बात सुन कर विद्यार्थी संस्थान पहुंचे और फीस वापस करने की मांग करने लगे. वहीं, संस्थान में तोड़-फोड़ न हो इसके लिए पुलिस बल तैनात कर दिया है.
शनिवार तक लिया गया है एडमिशन
बताया जाता है कि दोपहर तीन बजे विद्यार्थी निर्धारित समय पर संस्थान पहुंचे थे. इन विद्यार्थियों ने 23 नवंबर को ही दाखिला लिया था. छात्र सुभाष कुमार महतो और गोविंद कुमार पांडेय ने कहा कि एडमिशन के बाद हमें पूर्व से चल रहे कंबाइंड बैच के साथ जोड़ दिया गया, जिसमें कक्षाएं संचालित नहीं हो रही थीं.
चार माह से लगातार बदले जा रहे थे शिक्षक
विद्यार्थियों ने बताया कि पिछले चार माह से किसी भी बैच में ढंग से कक्षाएं संचालित नहीं हो रही थीं. इसके अलावा शिक्षक भी बदले जा रहे थे. चार माह में रीजनिंग के चार, गणित, अंग्रेजी और जीएस के दो-दो शिक्षक बदले जा चुके हैं. वहीं सिविल सेवा की तैयारी के नाम पर एडमिशन लेने के बावजूद विद्यार्थियों को कंबाइंड बैच में ही पढ़ने को मजबूर किया जाता था. इसके अलावा पिछले कई माह से जगन्नाथ टावर जहां कोचिंग संचालित है, वहां का भी रेंट नहीं दिया है.
    Share Via :
    Published Date
    Comments (0)
    metype

    संबंधित खबरें

    अन्य खबरें