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पेंशन पर संघर्ष :बारिश के बीच की सभा, फिर सीएम आवास घेरने निकले, बीच रास्ते में ही पुलिस ने रोका

Updated at : 30 Sep 2019 8:49 AM (IST)
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पेंशन पर संघर्ष :बारिश के बीच की सभा, फिर सीएम आवास घेरने निकले, बीच रास्ते में ही पुलिस ने रोका

पुरानी व्यवस्था के लिए आंदोलन कर रहे सरकारी कर्मचारी रांची : पेंशन की पुरानी व्यवस्था दोबारा लागू करने की मांग करते हुए कर्मचारी संघ के बैनर तले रविवार को रैली निकाली गयी. मोरहाबादी मैदान से निकली यह रैली मुख्यमंत्री आवास की ओर जा रही थी, लेकिन इसे मछली घर के कोने पर ही रोक दिया […]

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पुरानी व्यवस्था के लिए आंदोलन कर रहे सरकारी कर्मचारी
रांची : पेंशन की पुरानी व्यवस्था दोबारा लागू करने की मांग करते हुए कर्मचारी संघ के बैनर तले रविवार को रैली निकाली गयी. मोरहाबादी मैदान से निकली यह रैली मुख्यमंत्री आवास की ओर जा रही थी, लेकिन इसे मछली घर के कोने पर ही रोक दिया गया. शाम 5:30 बजे संघ के एक प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त को सरकार के नाम ज्ञापन सौंपा. खास बात यह रही कि रैली से पहले मोरहाबादी मैदान में आयोजित सभा और उसके बाद निकाली गयी रैली के दौरान बारिश के बावजूद सैकड़ों कर्मचारी और अधिकारी अपने हक की आवाज उठाने के लिए डटे रहे.
दरअसल, 2004 के बाद सरकारी नौकरी में आनेवाले कर्मियों को कंट्रिब्यूटरी पेंशन मिलती है. कर्मचारी संघ इसी का विरोध कर रहे हैं. इसी कड़ी में ‘नेशनल मूवमेंट फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम’ के बैनर तले आंदोलन किया जा रहा है. मोरहाबादी में सभा को संबोधित करते हुए आंदोलन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विजय कुमार बंधु ने कहा कि नयी पेंशन योजना समाज का कोढ़ है. अर्थव्यवस्था को भी धीरे-धीरे चौपट कर रही है. जैसे-जैसे एनपीएस के तहत लोग रिटायर हो रहे हैं, इसका भयावह उदाहरण देखने को मिल रहा है. जितनी राशि नयी पेंशन स्कीम में मिलेगी, उससे घर चलाना मुश्किल होगा.
कर्मचारियों की मांग जायज : हेमंत सोरेन
कर्मचारियों के आंदोलन में पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन भी शामिल हुए. रैली को संबोधित करते हुए कहा कि कर्मचारियों की मांग जायज है. उनकी सरकार बनेगी, तो कर्मचारियों की इस मांग को पूरा किया जायेगा. वर्तमान सरकार कर्मचारी विरोधी है. इस कारण सरकारी कर्मचारी सड़क पर संघर्ष कर रहे हैं. सरकार को इनकी चिंता नहीं है. कर्मचारियों पर लाठियां बरसायी जा रही हैं.
हर विभाग के कर्मचारियों ने लिया हिस्सा
संघ के इस आंदोलन में हर विभाग के कर्मचारी और अधिकारियों ने हिस्सा लिया. सचिवालय सेवा के साथ-साथ, विधि व्यवस्था संभालने वाले पुलिस सेवा के लोगों ने भी भाग लिया. आंदोलन में शिक्षक, इंजीनियरिंग सेवा, जन सेवक, लिपिक, डाॅक्टर तथा पारा मेडिकल के स्टाफ भी शामिल हैं.
सात दिसंबर को रक्तदान करेंगे संघ के लोग
इस मौके पर तय किया गया कि सात दिसंबर को देश के अर्द्धसैनिक बलों के लिए संघ से जुड़े लोग रक्तदान करेंगे. कर्मचारी अपना खून दे सकते हैं, मगर अपना हक लेकर रहेंगे. दो फरवरी 2020 को दिल्ली मार्च होगी. प्रांतीय अध्यक्ष विक्रांत कुमार सिंह ने सभी कर्मियों का धन्यवाद ज्ञापन किया. इसमें प्रदीप कुमार मंडल, डॉ शिवानंद काशी, नितिन कुमार, सुनील कुमार, रवींद्र कुमार चौधरी, पंकज सिंह, लाल बिहारी यादव, डाॅ सुधांशु कुमार सिंह, उज्ज्वल कुमार तिवारी, भीखू पासवान, आनंद किशोर साहू, लोकेश कुमार, अरविंद कुमार, अमरेश कुमार आदि मौजूद थे.
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