उग्रवादियों व नक्सलियों के खिलाफ केंद्र और राज्य सरकार की संयुक्त कार्रवाई आरंभ, दो टीएसपीसी उग्रवादियों की संपत्ति जब्त की

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 20 Sep 2019 7:07 AM

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दो पकड़े गये, एक का सरेंडर, इधर इडी की भी कार्रवाई झारखंड में उग्रवादियों व नक्सलियों के खिलाफ केंद्र और राज्य सरकार ने संयुक्त रूप से कार्रवाई शुरू कर दी है. एक ओर उग्रवादियों की संपत्ति जब्त की जा रही हैं. वहीं दूसरी ओर मुठभेड़ में अब तक कई हार्डकोर उग्रवादी व नक्सली मारे जा […]

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दो पकड़े गये, एक का सरेंडर, इधर इडी की भी कार्रवाई
झारखंड में उग्रवादियों व नक्सलियों के खिलाफ केंद्र और राज्य सरकार ने संयुक्त रूप से कार्रवाई शुरू कर दी है. एक ओर उग्रवादियों की संपत्ति जब्त की जा रही हैं. वहीं दूसरी ओर मुठभेड़ में अब तक कई हार्डकोर उग्रवादी व नक्सली मारे जा चुके हैं.
साथ ही कई इनामी नक्सली सरेंडर कर मुख्यधारा में लौट रहे हैं. गुरुवार को गुमला में दस लाख का इनामी नक्सली भूषण ने सरेंडर किया. वहीं बरवाडीह से भाकपा माओवादी का सदस्य झमन पकड़ा गया. जबकि किरीबुरु से पीएलएफआइ का एरिया कमांडर सुदामा सिंह पुलिस के हत्थे चढ़ा.
रांची : प्रवर्तन निदेशालय (इडी) ने उग्रवादियों की 2.89 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्ति जब्त कर ली. जब्त संपत्ति तृतीय सम्मेलन प्रस्तुति कमेटी (टीएसपीसी) के हार्डकोर उग्रवादी विनोद गंझू और प्रदीप राम के रिश्तेदारों के नाम पर है. इन उग्रवादियों ने टंडवा स्थित मगध अाम्रपाली कोल प्रोजेक्ट के कोयला व्यापारियों से लेवी वसूल कर गाड़ियां खरीदी थीं. दोनों ने अपनी अवैध कमाई को वैध करार देने के लिए इसे कोयले की ढुलाई से हुई आमदनी बतायी.
सूचना मिलने पर पुलिस ने इनके घरों में छापामारी कर लेवी के 1.49 करोड़ रुपये जब्त किये थे. इस मामले में पुलिस द्वारा दर्ज प्राथमिकी के आलोक में विनोद गंझू ने हाइकोर्ट में जमानत याचिका दाखिल की थी. मामले की सुनवाई के दौरान उग्रवादी की ओर से यह तर्क दिया गया कि पुलिस द्वारा जब्त राशि लेवी की नहीं है. यह राशि उसे कोयले की ढुलाई के लिए अग्रिम के तौर पर मिली है. अदालत ने इस तर्क पर संदेह व्यक्त करते हुए मामले में इडी को भी जांच का आदेश दिया.
संगठन के माध्यम से वसूलते थे लेवी
इडी ने जांच में पाया कि इन उग्रवादियों ने मगध ऑर्गनाइजिंग कमेटी और अाम्रपाली शांति समिति नामक संगठन बनाया था. इस संगठनों के सहारे कोयले के व्यापारियों, ट्रांसपोर्टरों आदि से लेवी वसूलते थे.
लेवी की राशि से इन उग्रवादियों ने चल-अचल संपत्ति अर्जित की. बाद में लेवी की राशि को जायज कमाई दिखाने के लिए इसे कोयले के ढुलाई से हुई आमदनी के रूप में दिखायी गयी. मामले की जांच के बाद इडी ने उग्रवादियों की चल-अचल संपत्ति जब्त की. जब्त संपत्ति में 1.49 करोड़ रुपये नकद, 89 लाख रुपये की गाड़ियां और बैंक खातों में जमा 35.18 लाख रुपये का अलावा हजारीबाग जिले में जमीन शामिल हैं.
जब्त संपत्ति उग्रवादी विनोद गंझू और प्रदीप राम के रिश्तेदारों के नाम पर है
हाइकोर्ट के निर्देश पर इडी ने मगध आम्रपाली प्रोजेक्ट मामले की जांच शुरू की
जब्त संपत्ति का ब्योरा
विनोद गंझू के घर से 91.75 लाख
प्रदीप राम के घर से 57.57 लाख
विनोद गंझू के चार खातों (बैंक ऑफ इंडिया, टंडवा शाखा) से 21.88 लाख
प्रदीप राम के दो खातों (बैंक ऑफ इंडिया, टंडवा) से 2.63 लाख
प्रदीप ट्रेडर्स के खाता (बैंक ऑफ इंडिया, केरेडारी) से 8.27 लाख
भोक्ता कंस्ट्रक्शन के खाता (बैंक ऑफ इंडिया, टंडवा) से 2.39 लाख
विनोद के नाम निबंधित स्कॉर्पियो और एक बोलेरो
सुशीला देवी के नाम पर ट्रक
प्रदीप के नाम पर सफारी व जेसीबी
हजारीबाग के खपरियावां में प्रदीप राम के नाम 6.68 लाख, खिरगांव में 8.41 लाख और केरेडारी में एक लाख की जमीन
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