रांची : जेल में बंद अपराधियों के खिलाफ रिपोर्ट कर रही पुलिस, पर नहीं मिल रहा साक्ष्य
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 26 Aug 2019 9:46 AM
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रांची : राज्य के जेल में बंद बड़े अपराधियों द्वारा हाल के दिनों में गिरोह चलाने और अपने गुर्गों के जरिये बाहर आपराधिक घटना को अंजाम दिये जाने की बात सामने आ रही है. जेल में बंद अपराधी के खिलाफ पुलिस केस दर्ज कर रही है. स्पेशल ब्रांच भी जेल से गिरोह चलाने को लेकर […]
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रांची : राज्य के जेल में बंद बड़े अपराधियों द्वारा हाल के दिनों में गिरोह चलाने और अपने गुर्गों के जरिये बाहर आपराधिक घटना को अंजाम दिये जाने की बात सामने आ रही है. जेल में बंद अपराधी के खिलाफ पुलिस केस दर्ज कर रही है.
स्पेशल ब्रांच भी जेल से गिरोह चलाने को लेकर रिपोर्ट कर रही है. लेकिन न अपराधियों के पास से जेल के अंदर मोबाइल मिल रहे हैं और न ही रंगदारी मांगने में प्रयुक्त मोबाइल का टावर लोकेशन जेल के अंदर का आ रहा है. हाल में दुमका जेल में बंद राज्य के बड़े अपराधी अनिल शर्मा द्वारा जेल के अंदर से मोबाइल फोन के जरिये रंगदारी मांगने और रंगदारी नहीं देने पर जान से मारने की धमकी देने की बात सामने आयी थी.
इसके लिए 10 जुलाई को विशेष शाखा ने एडीजी को एलर्ट किया था. इधर, सूचना पर जब जांच करायी गयी, तब अनिल शर्मा के पास से कोई मोबाइल फोन बरामद नहीं हुआ. इसी प्रकार सुजीत सिन्हा द्वारा जमशेदपुर के घाघीडीह जेल से गिरोह चलाने की बात सामने आयी है. उसके गिरोह के सदस्यों द्वारा हत्या की योजना बनाने की बात सामने आयी.
मामले में डोरंडा थाना में सुजीत सिन्हा और उसके गिरोह के सदस्यों के खिलाफ केस दर्ज हुआ. गिरोह से जुड़े दो अपराधी इमरान और बबलू खान जेल भी भेजे गये. लेकिन जिस मोबाइल नंबर के जरिये सुजीत सिन्हा से संपर्क होने की बात सामने आयी थी, जब पुलिस ने उस मोबाइल नंबर का लोकेशन निकाला, तब उस नंबर का लोकेशन जेल के अंदर का नहीं मिला. जमशेदपुर जेल में सुजीत सिन्हा के वार्ड में सीसीटीवी कैमरा भी लगा है. जमशेदपुर में पूर्व में सुजीत सिन्हा के खिलाफ रंगदारी मांगने से संबंधित मामले की जब सीसीटीवी फुटेज जांच की गयी, तब वह खाना खाते हुए पाया गया था.
पहले भी जेल से रंगदारी मांगने के मामले आये हैं सामने : होटवार जेल से दीपक साव द्वारा रंगदारी मांगने की बात भी सामने आयी है. मामले में 18 जनवरी 2019 को सदर थाना में केस दर्ज किया गया था. दीपक साव के बारे में यह बात सामने आयी थी कि वह कुछ व्यवसायियों को रंगदारी के लिए धमकी दे रहा है.
जब पुलिस ने तकनीकी शाखा के सहयोग से मामले की जांच की, तब पाया कि दीपक कुमार साव राजस्थान के नाम और पते पर जारी सिम कार्ड का प्रयोग फोन कर रंगदारी मांगने में कर रहा है. इसी तरह जेल में रहने के दौरान संदीप थापा, गेंदा सिंह, विकास तिवारी सहित दूसरे अपराधियों द्वारा गिरोह चलाने की बात सामने आ चुकी है.
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