अपनी भाषा, सभ्यता व संस्कृति को बचायें
Updated at : 10 Aug 2019 7:32 AM (IST)
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रांची : राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू ने कहा है कि आदिवासी भाषा, सभ्यता एवं संस्कृति ही जनजातीय समुदाय की पहचान है. आदिवासी होने पर हमें शर्मिंदा नहीं गर्व महसूस करना चाहिए. वैश्विक विकास की दौड़ में हमें ग्राम स्वशासन के माध्यम से अपनी भाषा, सभ्यता एवं संस्कृति को बचाना होगा. राज्यपाल शुक्रवार को विश्व आदिवासी दिवस […]
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रांची : राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू ने कहा है कि आदिवासी भाषा, सभ्यता एवं संस्कृति ही जनजातीय समुदाय की पहचान है. आदिवासी होने पर हमें शर्मिंदा नहीं गर्व महसूस करना चाहिए. वैश्विक विकास की दौड़ में हमें ग्राम स्वशासन के माध्यम से अपनी भाषा, सभ्यता एवं संस्कृति को बचाना होगा. राज्यपाल शुक्रवार को विश्व आदिवासी दिवस पर फिया फाउंडेशन द्वारा आयोजित कार्यक्रम में बोल रही थीं.
राज्यपाल ने कहा कि अभी से अगर सजग हो कर नहीं रहेंगे, तो आदिवासियों का अस्तित्व खत्म हो जायेगा. उन्होंने ग्राम सभा के माध्यम से सरकार की विकास यात्रा में भागीदारी निभाने की अपील की. मौके पर ऊर्जा सचिव वंदना डाडेल ने कहा कि वैश्विक विकास की इस दौर में हम अपनी सभ्यता और संस्कृति को खो रहे हैं.
उन्होंने कहा कि झारखंड में ग्राम स्वशासन तभी मजबूत होगा, जब पेशा कानून के क्रियान्वयन के लिए रूल्स बने. मौके पर राज्यपाल ने कई संस्थाओं को सम्मानित किया. आदिवासी लेखक वंदना टेटे, अकाई मिंज, रतन तिर्की, वंदना डाडेल को उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया गया. मौके पर राज्य प्रबंधक जॉनसन टोप्पो, अकाई मिंज, धीरज होरो, घनश्याम, अरविंद, राजेश पति, अनुरंजन पुर्ती आदि उपस्थित थे.
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