रांचीवासियों को निर्बाध बिजली देने की जुगत में जेबीवीएनएल, पूरी रांची में भूमिगत हो जायेंगे हाई टेंशन तार

Updated at : 09 Aug 2019 6:11 AM (IST)
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रांचीवासियों को निर्बाध बिजली देने की जुगत में जेबीवीएनएल, पूरी रांची में भूमिगत हो जायेंगे हाई टेंशन तार

रांची : राजधानी में निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (जेबीवीएनएल) पूरे शहर में अंडरग्राउंड केबल बिछा रही है. अगस्त 2019 से यह काम शुरू हो चुका है और मार्च 2020 तक इसे खत्म करने का लक्ष्य रखा गया है. केइआइ इंडस्ट्रीज ने आइआइएम रांची कैंपस से काम शुरू कर दिया […]

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रांची : राजधानी में निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (जेबीवीएनएल) पूरे शहर में अंडरग्राउंड केबल बिछा रही है. अगस्त 2019 से यह काम शुरू हो चुका है और मार्च 2020 तक इसे खत्म करने का लक्ष्य रखा गया है. केइआइ इंडस्ट्रीज ने आइआइएम रांची कैंपस से काम शुरू कर दिया है. इस पूरी योजना पर 364.28 करोड़ रुपये खर्च होंगे.
गौरतलब है कि इससे पहले आरएपीडीआरपी के तहत विभिन्न चरणों में शहर के चुनिंदा इलाकों में हाइ टेंशन तारों को अंडरग्राउंड किया गया था. साथ ही लो टेंशन (440 वोल्ट) के खुले तारों को कवर्ड में बदला गया था.
इधर, नयी योजना तहत जेबीवीएनएल ने पूरे शहर में 260 किलोमीटर हाई टेंशन तारों (इनकमिंग 33 केवी और 11 केवी आउटगोइंग केबल) को अंडरग्राउंड करने की योजना बनायी है. पहले चरण में हिनू चौक, मेकन चौक, सुजाता चौक, मेन रोड, बिरसा चौक, सिरमटोली, कांटाटोली से लेकर बूटी मोड़ तक के तारों को जमीन के अंदर डाला जायेगा. इसके अलावा संचरण निगम को राजधानी के अंदर चार जीआइएस ग्रिड स्थापित करने का भी एक प्रस्ताव भेजा गया है.
भूमिगत केबल से जुड़ेंगे ये पावर सब स्टेशन
विधानसभा, अरगोड़ा, हरमू, कुसई, पॉलिटेक्निक, मोरहाबादी, राजभवन, सदर, कोकर (शहरी), कोकर (ग्रामीण), बूटी, सेवा सदन, पुंदाग, आइटीआइ और आरएमसीएच.
आरएपीडीआरपी पार्ट-बी में हुए काम
793 किमी लो टेंशन तारों को कवर्ड में बदला गया और राजधानी में 1577 ट्रासंफर्मर को बदला गया
36 किमी 33 केवी के तारों को और 82 किमी
11 केवी के तारों को किया गया था अंडरग्राउंड
393 करोड़ खर्च किये गये राजधानी में बिजली सुधार कार्यक्रम के लिए चली इस योजना पर
केइआइ द्वारा किया जा रहा नया काम
120 किमी 33 केवी तारों को और 40 किमी
11 केवी के तारों को किया जायेगा अंडरग्राउंडअगस्त 2019 से शुरू हुआ है काम, जेबीवीएनएलने मार्च 2020 तक काम पूरा करने का लक्ष्य रखा
364.28 करोड़ खर्च किये जायेंगे इस योजना पर, राजधानी में चार जीआइएस ग्रिड भी स्थापित होंगे
लोकल फाॅल्ट से मिलेगी निजात
राजधानी में बिजली आपूर्ति की व्यवस्था अब भी बदहाल है. अक्सर पोल से तार टूट रहे हैं, इंसुलेटर पंक्चर हो रहे हैं, खुले तारों में करंट लगने और शॉर्ट सर्किट की आशंका बनी हुई है. हालांकि, निगम का दावा है कि अंडरग्राउंड केबलिंग के बाद बिजली चोरी रुकेगी. लाइन लाॅस खत्म होगा और लो वोल्टेज की समस्या से निजात मिलेगी.
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