रांची : नशा और तेज रफ्तार ने छह महीने में ली 219 जानें
Updated at : 01 Aug 2019 5:17 AM (IST)
विज्ञापन

अजय दयाल रांची : राजधानी में नशे की लत और तेज रफ्तार के कारण हर दिन लोग काल के गाल में समा रहे हैं. लोगों को लगता है कि घाटी व घुमावदार सड़क पर ज्यादा दुर्घटनाएं होती हैं, लेकिन एक्सपर्ट की मानें तो सीधी सड़क पर हो रही दुर्घटनाओं में ज्यादा लोगों की मौत होती […]
विज्ञापन
अजय दयाल
रांची : राजधानी में नशे की लत और तेज रफ्तार के कारण हर दिन लोग काल के गाल में समा रहे हैं. लोगों को लगता है कि घाटी व घुमावदार सड़क पर ज्यादा दुर्घटनाएं होती हैं, लेकिन एक्सपर्ट की मानें तो सीधी सड़क पर हो रही दुर्घटनाओं में ज्यादा लोगों की मौत होती है. बिना हेलमेट वाहन चलाना भी मौत का मुख्य कारण है.
आंकड़े बताते हैं कि इस साल जनवरी से जून तक राजधानी में 334 सड़क दुर्घटनाएं हुईं. इसमें 219 लोगों की मौके पर मौत हो गयी, जबकि 196 लोग गंभीर रूप से घायल हुए. दुर्घटना का मुख्य कारण ड्रंक एंड ड्राइव और ओवर स्पीड है. कई मामलों में चालक की लापरवाही से भी दुर्घटनाएं होती है़ं
कितना मिलता है मुआवजा : जिला परिवहन विभाग की ओर से सड़क दुर्घटना में मरनेवाले व्यक्ति के परिजन को 25 हजार व घायल को 12, 500 रुपये दिये जाते हैं. हालांकि जानकारी के अभाव में ज्यादातर लोगों को इसका लाभ नहीं मिल पाता है.
परिवहन विभाग की ओर से 22 नवंबर 2017 को ही इस संबंध में अधिसूचना जारी की जा चुकी है़ उपायुक्त की अध्यक्षता में इसके लिए कमेटी गठित की गयी है़ समाहरणालय के बी ब्लॉक स्थित कमरा नंबर-104 मेें मुआवजा संबंधी फाॅर्म भर कर देने के बाद सारी प्रक्रिया रोड सेफ्टी डिवीजन के अधिकारी पूरी करते है़ं आश्रित को ज्यादा भाग-दौड़ नहीं करनी पड़ती है.
मुआवजा लेने के लिए क्या देना होगा : थाना में दर्ज प्राथमिकी की छायाप्रति, पोस्टमार्टम रिपोर्ट एवं मृत्यु प्रमाण पत्र (गंभीर रूप से घायल होने की स्थिति में चिकित्सक द्वारा निर्गत प्रमाण पत्र),मृतक के आश्रित का प्रमाण पत्र, बैंक एकाउंट की कॉपी व दो पासपोर्ट साइज का फोटो.
आठ लोगों का लाइसेंस हो चुका है सस्पेंड : नशे में वाहन चलाने वालों काे पकड़ने के लिए ट्रैफिक पुलिस और डीटीओ की ओर से समय-समय पर ड्रंक एंड ड्राइव अभियान चलाया जाता है़ अभियान के दौरान नशा कर गाड़ी चलानेवाले आठ चालकों का लाइसेंस तीन महीने लिए सस्पेंड किया जा चुका है.
क्या कहते हैं एक्सपर्ट : जिला रोड सेफ्टी (पीआइयू) के अधिकारी दीपक कुमार का कहना है कि दुर्घटनाओं का मुख्य कारण ओवर स्पीड, रफ ड्राइविंग व नशा है. इस वर्ष 334 घटनाओं में 200 घटनाएं नशे में वाहन चलाने के कारण हुई़ं 70 प्रतिशत दुर्घटनाएं सीधी रोड में हुई है़ं
इस साल जनवरी से जून तक 334 सड़क दुर्घटनाएं हुईं
इस साल जनवरी से जून तक हुए सड़क हादसे
तिमाही दुर्घटना मौत
जनवरी से मार्च 163 121
अप्रैल से जून 171 98
कुल 334 219
2018 में हुए सड़क हादसे
माह हादसे
जनवरी 62
फरवरी 53
मार्च 36
अप्रैल 49
मई 56
जून 57
माह हादसे
जुलाई 46
अगस्त 58
सितंबर 63
अक्तूबर 71
नवंबर 54
दिसंबर 49
19 ब्लैक स्पॉट किये गये हैं चिह्नित
राजधानी के लोग दुर्घटना के शिकार न हों, इसके लिए 19 ब्लैक स्पॉट चिह्नित किये गये हैं. तीन साल में एक ही स्थान पर हुई दुर्घटनाओं में पांच लोगों की मौत अथवा 10 लोग घायल होते हैं, तो उस जगह को ब्लैक स्पॉट के रूप में चिह्नित किया जाता है.
19 ब्लैक स्पॉट में नामकुम ओवरब्रिज, ब्यांगडीह, एदलहातू, तैमारा घाटी, नेलगढ़ा, राम मंदिर चौक (कांके राेड), खेलगांव चौक, बूटी मोड़, ब्राम्बे, बिरसा चौक, केरकेटा मोड़, सिरसाटोली के पास, सलगाडीह, चांदीडीह पुरुलिया रोड, जामचुआं, जोजोडीह, नावाडीह चौक, आरा गेट पुरुलिया रोड व रड़गांव चौक शामिल हैं.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Tags
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




