रांची : डोरंडा कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक हुई फलक, पिता, रिश्तेदार और आसपास के लोगों ने दी मिट्टी

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 26 Jul 2019 5:48 AM

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परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल, मां सदमे में रांची : हिंदपीढ़ी में नाले में गिरकर जान गंवानेवाली चार साल की फलक अख्तर को गुरुवार सुबह 10:45 बजे डोरंडा कब्रिस्तान में मिट्टी दी गयी. मिट्टी देने वक्त दौरान में उसके पिता सद्दाम अख्तर, परिवार के सदस्य और बड़ी संख्या में मुहल्ले के लोग शामिल […]

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परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल, मां सदमे में
रांची : हिंदपीढ़ी में नाले में गिरकर जान गंवानेवाली चार साल की फलक अख्तर को गुरुवार सुबह 10:45 बजे डोरंडा कब्रिस्तान में मिट्टी दी गयी. मिट्टी देने वक्त दौरान में उसके पिता सद्दाम अख्तर, परिवार के सदस्य और बड़ी संख्या में मुहल्ले के लोग शामिल थे. यहां मौजूद सभी लोगों की आंखें नम थीं.
इससे पहले सुबह 10:00 बजे हिंदपीढ़ी नाला रोड बी-10 स्थित आवास से फलक का जनाजा निकाला गया, जो लाला लाजपत राय चौक, अोवरब्रिज होते हुए डोरंडा कब्रिस्तान तक गया. जैसे ही लोग जनाजा लेकर घर से निकले, एक बार फिर से पूरे मोहल्ले का माहौल गमगीन हो गया. इधर, फलक की मौत के बाद से ही उसके परिवार के लोगों का बुरा हाल है. मां खुशबू परवीन रो-रोकर बेसुध हो चुकी है. वह खुद को बार-बार कोस रही है कि वह अपनी बेटी को छोड़कर आसनसोल क्यों गयी थी. बेटी की मौत की सूचना पर वह बुधवार रात ही वहां से लौटी थी.
दूसरे की बेटी के साथ न हो ऐसा हादसा
फलक के पिता सद्दाम अख्तर ने मांग की है कि दोबारा किसी की बेटी के साथ ऐसा हादसा न हो, इसलिए नाले को स्लैब और जाली लगाकर ढंका जाये. उन्होंने बताया कि लंबे समय से यहां के नाले को दुरुस्त करने और उसे स्लैब से ढंकने की मांग की जा रही है, लेकिन आज तक इस पर नगर निगम ने ध्यान नहीं दिया.
जिम्मेदार लोगों पर हो कार्रवाई, मुआवजा मिले
फलक के रिश्तेदार सलीम ने मांग की है कि शासन, प्रशासन और नगर निगम में ऊंचे पदों पर बैठे जो भी लोग इस घटना के लिए जिम्मेदार हैं, उन पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए. इसके पीड़ित परिवार को मुआवजा और नौकरी दी जानी चाहिए. क्योंकि फलक के पिता की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है. वे ई-रिक्शा चलाते हैं.
फलक के पिता के आवेदन पर केस दर्ज
रांची : नाले में गिरने से फलक अख्तर की हुई मौत मामले में उसके पिता मो सद्दाम अख्तर के आवेदन पर गुरुवार को हिंदपीढ़ी थाने में यूडी केस दर्ज किया गया. आवेदन पर नाला रोड मुहल्ले के कई लोगों के भी हस्ताक्षर थे. इसमें बच्ची का पोस्टमार्टम नहीं कराने का अनुरोध किया गया था. इसको देखते हुए पुलिस के स्तर पर पोस्टमार्टम नहीं कराया गया.
बंद रहा फलक का स्कूल
रांची. फलक अख्तर मेन रोड मल्लाह टोली स्थित केवी एकेडमी की कक्षा केजी की छात्रा थी. फलक की मौत में स्कूल प्रबंधन, शिक्षक और बच्चे सभी गमगीन थे. इस वजह से गुरुवार को स्कूल बंद रहा. घटना के दिन ही प्रबंधन की ओर से स्कूल बंद किये जाने की घोषणा की गयी थी.
फलक को एलकेजी में मिले थे 99.4%
रांची. केवी एकेडमी में शिक्षा प्राप्त कर रही फलक को एलकेजी में 99.4 प्रतिशत अंक मिले थे. स्कूल के निदेशक डॉ असलम परवेज ने बताया कि फलक पढ़ने में बहुत अच्छी थी. इस कारण शिक्षक भी उसे बहुत प्यार करते थे. उसके अकास्मिक निधन पर गुरुवार को स्कूल में उसके लिए विशेष प्रार्थना की गयी. इसके बाद कक्षाएं रद्द कर दी गयीं.
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