आयुष चिकित्सा पद्धति का हाल खस्ता, 82 फीसदी पद रिक्त
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 21 Jun 2019 2:29 AM
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रांची : झारखंड में आयुर्वेद, योग, यूनानी, सिद्ध व होमियोपैथ (आयुष) का हाल खस्ता है. आयुष निदेशालय से लेकर आयुष से संबंधित मेडिकल कॉलेजों तथा विभिन्न संयुक्त अस्पताल व डिस्पेंसरी में चिकित्सकों, शिक्षकों व पदाधिकारियों सहित तृतीय व चतुर्थ वर्गीय कर्मियों की घोर कमी है. दरअसल आयुष से जुड़े कुल 1762 पदों में से 1430 […]
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रांची : झारखंड में आयुर्वेद, योग, यूनानी, सिद्ध व होमियोपैथ (आयुष) का हाल खस्ता है. आयुष निदेशालय से लेकर आयुष से संबंधित मेडिकल कॉलेजों तथा विभिन्न संयुक्त अस्पताल व डिस्पेंसरी में चिकित्सकों, शिक्षकों व पदाधिकारियों सहित तृतीय व चतुर्थ वर्गीय कर्मियों की घोर कमी है.
दरअसल आयुष से जुड़े कुल 1762 पदों में से 1430 (करीब 82 फीसदी) रिक्त हैं. एक ओर केंद्र सरकार ने आयुष की महत्ता को देखते हुए एक अलग मंत्रालय बनाया है. इधर, झारखंड में इसकी बदहाली है. हालत यह है कि 2003 में स्वीकृत हुआ आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज चाईबासा का भवन इतने वर्षों बाद भी अभी 30 फीसदी ही बना है.
विलंब से इसकी लागत भी करीब 10 गुना बढ़ गयी है. वहीं यूनानी मेडिकल कॉलेज, गिरिडीह बन कर बेकार है. बनने के बाद संवेदक ने इसे 2016 में ही हैंडओवर कर दिया है. उधर, आयुर्वेदिक फार्मेसी कॉलेज गुमला अभी बना ही नहीं है. होमियोपैथी मेडिकल कॉलेज गोड्डा 64 स्वीकृत पदों के विरुद्ध पांच लोगों के भरोसे किसी तरह संचालित है. राज्य भर में आयुष खास कर आयुर्वेद व होमियोपैथ से जुड़े सभी डिस्पेंसरी में चिकित्सक भी नहीं हैं.
ग्रेड-पे व सेवानिवृत्ति उम्र सीमा से नाराजगी : झारखंड में कार्यरत आयुष चिकित्सकों में अपने ग्रेड-पे तथा सेवानिवृत्ति की उम्र सीमा को लेकर गहरी नाराजगी है. बिहार व यूपी सहित कई दूसरे राज्यों में जहां आयुष चिकित्सकों का ग्रेड-पे, एलोपैथिक चिकित्सकों के समतुल्य 5400 रुपये है.
वहीं झारखंड के चिकित्सकों को 4200 रु का ग्रेड-पे मिल रहा है. इससे दूसरे राज्यों के आयुष चिकित्सक भी यहां आना नहीं चाहते. इधर सरकार ने ऐलोपैथिक डॉक्टरों की तर्ज पर आयुष चिकित्सकों की सेवानिवृत्ति उम्र सीमा 60 से बढ़ा कर 65 वर्ष करने से पहले ही इनकार कर दिया है.
स्वास्थ्य विभाग ने इस मुद्दे पर कार्मिक व वित्त विभाग की असहमति का हवाला देते हुए तथा झारखंड राज्य आयुष स्वास्थ्य सेवा संवर्ग नियमावली-2018 को कैबिनेट की मंजूरी के आलोक में आयुष चिकित्सकों की सेवानिवृत्ति की उम्र सीमा पूर्व की तरह 60 वर्ष ही रखने का निर्णय लिया है. कार्मिक ने यह सुझाव भी दिया था कि यदि जरूरी हो, तो सेवानिवृत्त आयुष चिकित्सकों को संविदा पर रखा जा सकता है.
अायुष संबंधी तथ्य
पंचकर्म थेरेपी, अायुष केंद्र व अौषधि जांच प्रयोगशाला के लिए केंद्र से मिले करीब 7.88 करोड़ रुपये गत 11 वर्षों से अनुपयोगी
वर्ष 2015-16 के बाद से नेशनल आयुष मिशन (एनएएम) के करीब सात करोड़ रुपये सरेंडर
आयुष : कहां कितनी रिक्तियां
स्थापना स्वीकृत पद कार्यरत रिक्त
आयुष निदेशालय 05 03 02
आयुष मेडिकल काउंसिल 04 01 03
आयुष चिकित्सा शिक्षा
आयुर्वेद कॉलेज, चाईबासा (असंचालित) 53 00 53
होमियोपैथी कॉलेज, गोड्डा 64 05 59
यूनानी कॉलेज, गिरिडीह 21 00 21
आयुर्वेदिक फार्मेसी कॉलेज, साहेबगंज 05 02 03
आयुर्वेदिक फार्मेसी कॉलेज, गुमला (असंचालित) 05 00 05
आयुष संयुक्त अस्पताल, डिस्पेंसरी व पीएचसी
जिला आयुष चिकित्सा पदाधिकारी व चिकित्सक 670 78 592
अस्पतालों व डिस्पेंसरी में तृतीय वर्गीय कर्मी 608 116 492
अस्पतालों व डिस्पेंसरी में चतुर्थ वर्गीय कर्मी 484 138 346
कुल 1762 332 1430
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