रांची-पुरुलिया रोड पर चलना मुश्किल

Updated at : 02 Jun 2019 12:53 AM (IST)
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रांची-पुरुलिया रोड पर चलना मुश्किल

रांची : रांची-पुरुलिया सड़क के चौड़ीकरण और कालीकरण का काम पिछले दो वर्ष से टल रहा है. निविदा आमंत्रण के बाद इसके तकनीकी व वित्तीय बिड पर निर्णय लेने में सरकार से देर हुई तथा टेंडर की बिड वैलिडिटी (समय सीमा) समाप्त हो गयी. इस तरह करीब 390 करोड़ की लागत वाला यह टेंडर रद्द […]

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रांची : रांची-पुरुलिया सड़क के चौड़ीकरण और कालीकरण का काम पिछले दो वर्ष से टल रहा है. निविदा आमंत्रण के बाद इसके तकनीकी व वित्तीय बिड पर निर्णय लेने में सरकार से देर हुई तथा टेंडर की बिड वैलिडिटी (समय सीमा) समाप्त हो गयी. इस तरह करीब 390 करोड़ की लागत वाला यह टेंडर रद्द हो गया.

इसके माध्यम से रांची-पुरुलिया सड़क (58 किमी) का झारखंड (नामकुम) और पश्चिम बंगाल की सीमा (मुरी) तक चौड़ीकरण होना था. कांटाटोली से गोंदली पोखर के पास, जहां से रिंग रोड रांची-पुरुलिया सड़क को क्रॉस करती है, वहां तक सड़क फोर लेन बनना है. इसके बाद अनगड़ा तक थोड़ा ज्यादा फैलाव वाली एक्सटेंडेड टू लेन तथा अनगड़ा से मुरी तक टू-लेन सड़क बननी थी. चौड़ीकरण का काम लटकने तथा सड़क की खराब हालत के मद्देनजर इसके कालीकरण (एक लेयर बिटुमिन) का निर्णय लिया गया, पर अब तक यह काम भी नहीं हो पाया है. बरसात नजदीक है.

अब कब क्या होगा, इस बारे में पथ निर्माण विभाग के लोग भी कुछ नहीं बोल रहे. इधर नामकुम से आरा गेट तक सड़क जर्जर हो गयी है. अारा गेट व टाटीसिलवे में बन रहे रेल अोवर ब्रिज (आरओबी) का निर्माण स्थल धूल-धूसरित है. उधर टाटीसिलवे में सड़क पर गड्ढे होने, इसी जगह बार-बार जलापूर्ति पाइप फटने तथा कीचड़ होने से लोग त्राहिमाम कर रहे हैं. अनगड़ा प्रखंड के सीताडीह, चमघटी व चंद्रा टोली में सड़क बेहद जर्जर है. अनगड़ा का पुराना पानी पुल तो धंसने के कगार पर है.

छोटी पड़ रही सड़क : सड़क पर वाहनों का दबाव लगातार बढ़ रहा है. यह पूरी सड़क वाहनों की बड़ी संख्या के कारण अब चलने के लिए कम पड़ रही है. एनएच-33 (जमशेदपुर-कोडरमा) पर नामकुम और बूटी मोड़ की अोर जानेवाले बड़े वाहन दो वर्षों से वाया टाटीसिलवे-खेलगांव से गुजर रहे हैं. टाटीसिलवे डाउन रेलवे स्टेशन पर काम चल रहा है. वहीं, रियाडा के फेज एक व दो स्थित करीब सौ कल-कारखाने में माल लाने व ले जाने के लिए दिन भर छोटे व बड़े ट्रक चलते हैं. हिंडाल्को मुरी में भी वाहनों का आना-जाना लगा रहता है. सड़क छोटी पड़ने से सड़क दुर्घटनाओं से लगातार मौत हो रही है.
हो गया है जमीन अधिग्रहण का काम : सड़क चौड़ीकरण के लिए ज्यादातर जगहों पर सरकार की जमीन उपलब्ध है. वहीं, कुछ जरूरी स्थलों पर रैयतों की करीब 250 प्लॉट की 15.52 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया गया है. तीन अंचलों (सर्कल) की जमीन ली गयी है. इनमें नामकुम, अनगड़ा व सिल्ली अंचल शामिल हैं. पथ निर्माण विभाग ने भू-अर्जन शाखा को रैयतों को मुआवजा भुगतान के लिए 5.80 करोड़ रुपये दिये हैं.
सिल्ली सहित अन्य अंचल की जमीन तथा रैयतों के आवास व अन्य निर्माण के मुआवजा भुगतान के लिए भू-अर्जन शाखा को और सात-आठ करोड़ रुपये दिये जाने हैं. उधर, सड़क चौड़ीकरण की जद में आनेवाले जलापूर्ति पाइप को हटाने तथा इसके बदले नये पाइप लगाने सहित कुछ नये हैंडपंप लगाने के लिए पथ निर्माण विभाग (ग्रामीण प्रोजेक्ट) ने पेयजल व स्वच्छता विभाग को पहले ही 4.61 करोड़ रुपये दिये थे. पेयजल विभाग ने अपना काम लगभग पूरा कर लिया है.
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