रांची : शहर के 1.50 लाख मकानों में अब तक नहीं बना रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम
Author Prabhat khabar digital desk
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विकराल रूप लेता जा रहा है जल संकट, जागरूक नहीं हो रहे लोग रांची : रांची नगर निगम क्षेत्र में 1.80 लाख मकान हैं, लेकिन इनमें से 32 हजार मकानों में ही रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम का निर्माण कराया गया है. यानी 1.50 लाख मकानों में अब भी रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम नहीं बना है. […]
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विकराल रूप लेता जा रहा है जल संकट, जागरूक नहीं हो रहे लोग
रांची : रांची नगर निगम क्षेत्र में 1.80 लाख मकान हैं, लेकिन इनमें से 32 हजार मकानों में ही रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम का निर्माण कराया गया है. यानी 1.50 लाख मकानों में अब भी रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम नहीं बना है. जानकार लोग इस समस्या को भी राजधानी के भू-जलस्तर के लगातार नीचे जाने का एक बड़ा कारण मान रहे हैं.
रांची नगर निगम ने वर्ष 2016 में नयी होल्डिंग टैक्स नियमावली लागू करने के साथ रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बनवाना जरूरी कर दिया था.
नयी नियमावली में यह प्रावधान किया गया था कि जिन घरों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम नहीं होगा, उन घरों से डेढ़ गुना होल्डिंग टैक्स वसूला जायेगा. गौरतलब है कि इसी नियमावली के आधार पर वित्तीय वर्ष 2018-19 में रांची नगर निगम ने शहरवासियों से 48 करोड़ रुपये टैक्स के रूप में वसूल किये हैं. जानकार कहते हैं कि अगर शहर के 1.80 लाख में से आधे (90,000) मकानों में भी रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बनवा दिये जायें, तो राजधानी का भू-जलस्तर ऊंचा हो जायेगा. साथ ही गर्मी के दिनों में पानी की किल्लत दूर हो जायेगी.
पांच साल पहले शहर के केवल 40 मोहल्लों में टैंकर से बंटता था पानी
पिछले तीन साल से राजधानी में गर्मी का मौसम शुरू होने के साथ ही पानी की किल्लत शुरू हो जा रही है. गौरतलब है कि पांच साल पहले नगर निगम की ओर से शहर के केवल 40 मोहल्लों में टैंकर से पानी की आपूर्ति की जाती थी. वहीं, मौजूदा समय में शहर के 360 से ज्यादा मोहल्लों में टैंकर से पानी की आपूर्ति की जाती है. नगर निगम के पदाधिकारियों की मानें, तो इस वर्ष ऐसे मोहल्ले की संख्या में बढ़ोतरी हो सकती है.
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