रांची : तीन माह से अधिक लगेगा मलबा हटाने में
Author Prabhat khabar digital desk
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मुरी/रांची : हिंडाल्को हादसे के बाद रेड मड की ढुलाई छठे दिन भी जारी रही. 290 ट्रिप मड की ढुलाई की गयी. बताया जा रहा है कि प्रतिदिन औसतन तीन सौ ट्रिप मलबा ढुलाई हो रही है. कारखाना सूत्रों के मुताबिक 56 बोगियों के रैक से रेड मड सीमेंट कंपनियों में भेजा जा चुका है. […]
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मुरी/रांची : हिंडाल्को हादसे के बाद रेड मड की ढुलाई छठे दिन भी जारी रही. 290 ट्रिप मड की ढुलाई की गयी. बताया जा रहा है कि प्रतिदिन औसतन तीन सौ ट्रिप मलबा ढुलाई हो रही है.
कारखाना सूत्रों के मुताबिक 56 बोगियों के रैक से रेड मड सीमेंट कंपनियों में भेजा जा चुका है. दूसरे रैक को भरने की तैयारी हो रही है. सोमवार को स्थानीय लोगों ने किसी बात को लेकर मलबा ढुलाई का काम रोक दिया. करीब एक घंटे तक काम बंद रहा. बाद में मामला सुलझा लिया गया.
हिंडाल्को प्रबंधन ने रेड मड को बरसात से पहले हटाने में पूरी ताकत झोंक दी है. हिंडाल्को के अन्य कारखानों के अनुभवी अधिकारियों की टीम लगातार कैंप कर रही है. मलबा ढुलाई में 21 हाइवा लगाये गये हैं, जो 15 एकड़ भूमि पर फैले मलबा को बरसात से पहले हटाने के लिए काफी नहीं है. काम करा रहे लोगों ने बताया कि सड़क संकीर्ण होने के कारण हाइवा के आवागमन में परेशानी हो रही है. इस कारण हाइवा की संख्या ज्यादा नहीं बढ़ायी जा सकती है. कंपनी के अधिकारियों का मानना है कि इस काम में कम से कम 90 दिन लगेंगे.
15 एकड़ में फैला है मलबा
रेड मड पौंड से निकला मलबा हिंडालको के सौ एकड़ वाले रेड मड पौंड के अलावा 15 एकड़ भूमि पर फैला है. इसमें रेलवे लाइन के दूसरी ओर की जमीन में फैले तरल पदार्थ वाली भूमि भी शामिल है. अंचल कार्यालय सिल्ली के एक सर्वे में लगभग 50 रैयतों की भूमि प्रभावित होने की बात सामने आयी है.
पोल गाड़ने का काम पूरा
हादसे में क्षतिग्रस्त मारदु जानेवाली 11 हजार लाइन की जगह नये रूट से गांव तक 11 हजार लाइन के लिए बिजली विभाग की ओर से पोल गाड़ने का काम सोमवार को पूरा कर लिया गया. काम करा रहे लोगों ने बताया कि तार खींचने का काम मंगलवार तक पूरा कर लिया जायेगा.
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