रांची : चिकन-पनीर खाकर राजधानी एक्सप्रेस ट्रेन के 36 यात्री बीमार

रांची : फूड प्वाॅइजनिंग के कारण नयी दिल्ली-भुवनेश्वर राजधानी एक्सप्रेस (22824 डाउन) के 36 यात्री बीमार हो गये. रविवार सुबह ट्रेन के गोमो स्टेशन पहुंचने पर यात्रियों का इलाज किया गया. इसके बाद एक मेडिकल टीम ट्रेन के साथ रवाना की गयी. वहीं, बोकारो, मुरी, जमशेदपुर समेत अन्य स्टेशनों पर यात्रियों की स्वास्थ्य जांच की […]
रांची : फूड प्वाॅइजनिंग के कारण नयी दिल्ली-भुवनेश्वर राजधानी एक्सप्रेस (22824 डाउन) के 36 यात्री बीमार हो गये. रविवार सुबह ट्रेन के गोमो स्टेशन पहुंचने पर यात्रियों का इलाज किया गया. इसके बाद एक मेडिकल टीम ट्रेन के साथ रवाना की गयी. वहीं, बोकारो, मुरी, जमशेदपुर समेत अन्य स्टेशनों पर यात्रियों की स्वास्थ्य जांच की गयी.
बीमार यात्रियों ने बताया कि रात के भोजन की गुणवत्ता बिल्कुल खराब थी. पनीर तथा चिकेन की क्वालिटी अच्छी नहीं थी. इसकी शिकायत यात्रियों ने वेटर से की थी. बावजूद पैंट्री कार के मैनेजर तथा वेटरों ने शिकायत को अनसुना कर दिया. फूड प्वाइजनिंग की शिकार गर्भवती महिला यात्री काकूली मंडल ने बताया कि रात दो बजे के बाद तबीयत खराब होने लगी. तब तक ट्रेन गया स्टेशन पार कर चुकी थी.
कुछ यात्रियों ने ट्रेन के गार्ड वाइपी साहा को इसकी सूचना दी. साहा ने धनबाद कंट्रोल रूम को मैसेज किया. इसके बाद कोडरमा स्टेशन पर चिकित्सक ने एक यात्री की जांच कर आवश्यक दवाएं दीं. ट्रेन कोडरमा स्टेशन पर भी पांच मिनट अतिरिक्त रुकी रही. कोडरमा से ट्रेन जैसे ही कुछ दूर आगे बढ़ी बोगी में बीमार होनेवाले यात्रियों की संख्या बढ़ने लगी. इसके बाद गोमो स्टेशन पर ट्रेन रोकी गयी.
वहां एसीएमएस डॉ असीम कुमार तथा धनबाद के डॉ रंजीत कुमार व उनकी टीम ने बीमार यात्रियों की जांच की. इस दौरान ट्रेन गोमो में 22 मिनट रुकी रही. पूरी तरह संतुष्ट होने के बाद ट्रेन 8:27 बजे गोमो से रवाना किया गया. वरीय अधिकारियों के निर्देश पर डॉ असीम कुमार तथा उनके सहयोगी, सीटीआइ केके ओझा तथा टीटीइ राजू शर्मा को बोकारो तक भेजा गया. बोकारो से दूसरे चिकित्सक तथा सीटीआइ मुरी तक गये. एक अधिकारी ने बताया कि इस प्रकार महत्वपूर्ण स्टेशन पर एक चिकित्सक तथा सीटीआइ ट्रेन में सवार होकर भुवनेश्वर तक जायेंगे, ताकि यात्रियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिल सके.
ट्रेन को बना दिया है चिड़ियाखाना
बी–3 कोच में यात्रा कर रही विदिशा दास ने बताया कि बोगी में चूहे व तिलचट्टे घूम रहे हैं. सफाई नाम की चीज नहीं है. राजधानी जैसी ट्रेन को चिड़ियाखाना बना कर रख दिया है.
इंजन खराब, बीमार यात्रियों के इलाज में हुआ विलंब
राजधानी एक्सप्रेस का इंजन हीरोडीह-सरमाटांड़ स्टेशनों के बीच खराब हो गयी. मालगाड़ी के इंजन की सहायता से ट्रेन को गंतव्य की ओर रवाना किया गया. इस दौरान राजधानी एक्सप्रेस 85 मिनट तक हीरोडीह स्टेशन पर रुकी रही. इस कारण बीमार यात्रियों को चिकित्सा सुविधा के लिए एक घंटे से अधिक इंतजार करना पड़ा. .
मुरी में भी यात्रियों की हुई जांच
राजधानी एक्सप्रेस मुरी स्टेशन पर 10.12 बजे पहुंची. रेलवे के चिकित्सा उपाधीक्षक डॉ जे कच्छप व उनकी टीम ने तत्काल सभी यात्रियों की स्वास्थ्य जांच की. ट्रेन मुरी से करीब 10.42 बजे रवाना हुई.
…और ट्रेन सुपरिटेंडेंट सो रहा था
फूड प्वाॅइजनिंग के कारण बीमार पड़े यात्री जब मेडिकल सुविधा के लिए ट्रेन सुपरिटेंडेंट (टीएस) को ढूंढने लगे, तो वह नहीं मिला. इसी दौरान एक यात्री की नजर बोगी में चादर तान कर सोये टीएस पर पड़ी . इसके बाद यात्रियों ने उन्हें घेर लिया और जम कर खरी खोटी सुनायी. यात्रियों ने कहा कि खाना घटिया के साथ ही सफाई भी नहीं होती
बोकारो में भी हुआ इलाज
बालीडीह (बोकारो). राजधानी एक्सप्रेस रविवार सुबह 9 बजे (निर्धारित समय से करीब डेढ़ घंटे लेट) बोकारो रेलवे स्टेशन पहुंची. पूर्व सूचना पर स्टेशन पर मेडिकल टीम ने पूरी तैयारी के साथ यात्रियों के स्वास्थ्य की जांच की. डॉक्टरों ने आवश्यक दवा दी. करीब आधे घंटे बाद बोकारो स्टेशन से ट्रेन को गंतव्य के लिए रवाना कर दिया गया.
चिकेन व पनीर खाने से पेट में हुई गड़बड़ी
जमशेदपुर. बीमार यात्रियों की जांच टाटानगर स्टेशन पर भी की गयी. कोच बी-3, 4, 5 के यात्रियों ने बताया कि रात में उन लोगों ने चिकेन और पनीर भी खाया था. इसके बाद सुबह दो बजे के बाद यात्रियों की तबीयत बिगड़ने लगी.
यात्रियों का कोट :
– रात को पेंट्रीकार वालों ने खाने में चिकेन दिया था. वही खाना खाकर अब तक हैं. चार-पांच बार लूज मोशन होने के कारण कुछ भी खाने का मन नहीं कर रहा है. जीपी पॉल, कटक
फूड प्वाॅइजनिंग से पीड़ित यात्रियों का गोमो, बोकारो, मुरी, जमशेदपुर स्टेशन पर हुआ इलाज
गर्भवती ने कहा-रात में खाया था चिकन
गर्भवती होने के कारण तबीयत और भी खराब हो गयी है. सुबह छह बजे से ही बार-बार उल्टी हो रही है. डर से अब तक कुछ भी नहीं खाये हैं. रात को खाने में चिकन लिया था.
काकूली मंडल, खड़गपुर
इनकी बिगड़ी तबीयत
बी–3 : विदिशा दास, चीर स्मिता राउत, जितेंद्र कुमार, गुहीराम ठाकुर, लखु राय, ममता किरण, कुमार श्रेयांश, निरुपमा शेट्टी, देवाशीष बेहरा, अलका बेहरा, के मंडल, पूर्णिमा साहू, राजकुमारी सिंह, ए प्रकाश, सीमा राज, पी मंडल, रमेश चंद्रा, सीमा, मीना, उमाशंकर साहू, एस गंगाधर, जेएस मोहंती बी–4 : दीपक कुमार राउत, विक्रम मंडल बी–5 :दिनेश कुमार सिंह, दीपक कुमार, जूली कुमार सिंह. बी–7 : नवीन कुमार बी–8 : रवींद्र कुमार बी–9 : शोभन सुंदरमा बी–11 : अमरेश कुमार पति.
फूड प्वाइजनिंग जैसी कोई बात नहीं है. चार सौ लोगों ने खाना खाया. मात्र दो लोगों की तबीयत खराब हुई है. डॉक्टर ने जांच कर उनको दवा दी है. अगर फूड प्वाइजनिंग की बात सही होती तो चार सौ लोग इफेक्टेड होते, न कि दो लोग.उमाकांत मिश्रा, सुपरवाइजर, पेंट्रीकार
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