धर्मांतरित आदिवासियों को एसटी सीट से न लड़ने दें

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 31 Mar 2019 12:24 AM

विज्ञापन

रांची : केंद्रीय सरना समिति ने मांग की है कि आदिवासी रूढ़िवादी परंपराओं को त्याग कर दूसरे धर्म-संस्कृति अपनाने वालों को एसटी आरक्षित सीट से चुनाव नहीं लड़ने दिया जाये. शनिवार को समिति के प्रतिनिधिमंडल ने इस बाबत अपर निर्वाचन पदाधिकारी मनीष रंजन को राज्य निर्वाचन आयोग कार्यालय में ज्ञापन सौंपा है. इसमें समिति के […]

विज्ञापन

रांची : केंद्रीय सरना समिति ने मांग की है कि आदिवासी रूढ़िवादी परंपराओं को त्याग कर दूसरे धर्म-संस्कृति अपनाने वालों को एसटी आरक्षित सीट से चुनाव नहीं लड़ने दिया जाये. शनिवार को समिति के प्रतिनिधिमंडल ने इस बाबत अपर निर्वाचन पदाधिकारी मनीष रंजन को राज्य निर्वाचन आयोग कार्यालय में ज्ञापन सौंपा है.

इसमें समिति के केंद्रीय अध्यक्ष फूलचंद तिर्की ने कहा है कि मूल आदिवासी हमेशा ठगे जाते है़ं आदिवासियों की पारंपरिक संस्कृति, धर्म नहीं मानने वाले लोग एसटी बन कर चुनाव लड़ते हैं और जीत जाने पर मूल सरना आदिवासियों के साथ भेदभाव बरतते है़ं
इससे मूल आदिवासी विकास की दौड़ में पिछड़ जाते है़ं प्रतिनिधिमंडल में सचिव डबलू मुंडा, आकाश उरांव, विनय उरांव, अशोक मुंडा, गौतम मुंडा, अमर मुंडा, मुकेश मुंडा, मुन्ना मुंडा, निर्मल मुंडा, संजय तिर्की, रवि उरांव, राजू पहान, राजन मुंडा, सचिन उरांव, सुनील उरांव व अन्य शामिल थे़
चुनाव जीतने पर मूल आदिवासियों के साथ करते हैं भेदभाव : कार्यकारी अध्यक्ष बबलू मुंडा ने कहा कि यदि लोकसभा, राज्यसभा या विधानसभा की आरक्षित एसटी सीटों पर ईसाई या किसी अन्य को प्रत्याशी बनाया गया, तो समिति इसका जोरदार विरोध करेगी. धर्मांतरित लोग चुनावों में हमेशा एसटी सीटों से चुनाव लड़ते रहे हैं.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola