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सी-विजिल ऐप को लेकर जागरूकता कैंप, आम लोग भी आचार संहिता उल्‍लंघन की कर सकेंगे रिपोर्ट

Updated at : 04 Mar 2019 4:27 PM (IST)
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सी-विजिल ऐप को लेकर जागरूकता कैंप, आम लोग भी आचार संहिता उल्‍लंघन की कर सकेंगे रिपोर्ट

रांची : आगामी लोकसभा चुनाव में निष्पक्ष और स्वतंत्र मतदान सुनिश्चित करने के लिए भारत निर्वाचन आयोग की ओर से सी-विजिल, मोबाइल ऐप लॉन्च किया गया है. इस ऐप के माध्यम से आम नागरिक आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन की रिपोर्ट कर सकेंगे. जिला प्रशासन की ओर से चुनाव के लिए गठित सी-विजिल कोषांग की […]

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रांची : आगामी लोकसभा चुनाव में निष्पक्ष और स्वतंत्र मतदान सुनिश्चित करने के लिए भारत निर्वाचन आयोग की ओर से सी-विजिल, मोबाइल ऐप लॉन्च किया गया है. इस ऐप के माध्यम से आम नागरिक आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन की रिपोर्ट कर सकेंगे. जिला प्रशासन की ओर से चुनाव के लिए गठित सी-विजिल कोषांग की ओर से निरंतर इस ऐप को लेकर अवेयरनेस कैंप आयोजित किया जा रहा है.

इसी क्रम में सी-विजिल कोषांग की ओर से एसएसपी ऑफिस, रांची में कैंप का आयोजन किया गया. जिसमें प्रेजेंटेशन के माध्यम से पुलिस अधिकारियों को सी-विजिल ऐप के बारे में विस्तार से बताया गया. मास्टर ट्रेनरों ने सी-विजिल के सिटीजन और इंवेस्टीगेटर ऐप के बारे में पुलिस अधिकारियों को पूरी जानकारी देते हुए बताया कि ये ऐप किस तरह से काम करेगा.

सी-विजिल ऐप चुनावी गड़बड़ियों पर तत्काल लगाम लगाने में सहायक होगा. कोई भी व्यक्ति इस ऐप के जरिए कहीं भी हो रही आचार संहिता के उल्लंघन की जानकारी दे सकेगा. यह ऐप निर्वाचन की घोषणा की तिथि से प्रभावी होगा और मतदान के एक दिन बाद तक बना रहेगा. यह ऐप सिर्फ चुनाव की घोषणा वाले स्थानों पर ही काम करेगा. लोकसभा चुनाव 2019 में पहली बार इस ऐप का प्रयोग किया जायेगा.

कैसे काम करेगा सी-विजिल ऐप?

अवेयरनेस कैंप में पुलिस अधिकारियों को बताया गया कि सी-विजिल ऐप के लिए कैमरा, इंटरनेट कनेक्शन और जीपीएस वाला एन्ड्रायड स्मार्ट फोन जरूरी होगा. शिकायत के लिए जागरूक नागरिक को आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन की एक तस्वीर या अधिक से अधिक दो मिनट का विडियो रिकॉर्ड कर इस ऐप पर भेजना है. साक्ष्य आधारित शिकायत का निस्तारण अधिकतम 100 मिनट में किया जा सकेगा.

जीपीएस से करेगा काम

अवेयरनेस कैंप में उपस्थित पुलिस अधिकारियों को बताया गया कि जीपीएस की मदद से शिकायत वाले स्थान की पहचान की जा सकेगी. इसके लिए शिकायतकर्ता को एक यूनिक आईडी मिलेगा, जिससे वह आगे की कार्रवाई जान सकेगा. शिकायत दर्ज होने के बाद सूचना जिला नियंत्रण कक्ष के पास जायेगी, फिर इसे एफएसटी को दिया जायेगा. इस ऐप पर केवल आदर्श आचार संहिता उल्लंघन की ही शिकायत की जा सकेगी. फोटो और वीडियो बनाने के बाद यूजर्स को सिर्फ 5 मिनट का समय मिलेगा. पहले से ली गयी फोटो व वीडियो अपलोड करने की अनुमति ऐप नहीं देगा.

सी-विजिल ऐप लोगों के लिए एक ऐसा माध्यम होगा जिससे आम लोग आसानी से किसी भी प्रत्याशी के आदर्श आचार संहिता उल्लंघन के प्रमाण सीधे आयोग को भेज पायेंगे. इस मामले की तुरंत सत्यता की जांच भी हो सकेगी और मामले में क्या कार्रवाई की जा रही है अथवा क्या कार्रवाई की गयी, इसकी पूरी जानकारी भी शिकायतकर्ता को प्राप्त हो सकेगी.

एसएसपी कार्यालय रांची में आयोजित इस जागरुकता शिविर में वरीय आरक्षी अधीक्षक, नगर पुलिस अधीक्षक, सभी आरक्षी उपाधीक्षक और जिले के सभी थाना प्रभारी उपस्थित थे. सी-विजिल कोषांग के वरीय प्रभारी पदाधिकारी के निदेशानुसार मास्टर ट्रेनरों ने ऐप की जानकारी पुलिस पदाधिकारियों को दी.

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