रांची : मार्च में बार एसोसिएशन चुनाव होने की संभावना

Updated at : 05 Feb 2019 8:47 AM (IST)
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रांची : मार्च में बार एसोसिएशन चुनाव होने की संभावना

24 फरवरी को पूरा हो रहा है एसोसिएशन की वर्तमान कमेटी का कार्यकाल रांची : रांची जिला बार एसोसिएशन का चुनाव मार्च में होने की संभावना है. 24 फरवरी को एसोसिएशन की वर्तमान कमेटी का कार्यकाल पूरा हो रहा है. पिछले दिनों स्टेट बार काउंसिल ने वर्तमान कमेटी को पत्र लिखकर चुनाव कार्य के लिए […]

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24 फरवरी को पूरा हो रहा है एसोसिएशन की वर्तमान कमेटी का कार्यकाल
रांची : रांची जिला बार एसोसिएशन का चुनाव मार्च में होने की संभावना है. 24 फरवरी को एसोसिएशन की वर्तमान कमेटी का कार्यकाल पूरा हो रहा है. पिछले दिनों स्टेट बार काउंसिल ने वर्तमान कमेटी को पत्र लिखकर चुनाव कार्य के लिए तीन अधिवक्ताअों का नाम भेजने को कहा था.
साथ ही मतदाता सूची भी भेजने का निर्देश दिया था. एसोसिएशन की अोर से अधिवक्ताअों को अपने बकाया शुल्क क्लियर करने के लिए दी गयी 15 दिनों की समय सीमा सोमवार को समाप्त हो गयी. हालांकि एसोसिएशन के महासचिव संजय विद्रोही ने बताया कि कई अधिवक्ताअों ने बकाया शुल्क नहीं भरा है, इसलिए समय सीमा एक सप्ताह के लिए बढ़ा दी गयी है.
उन्होंने कहा कि जल्दी ही आमसभा बुलाकर पुरानी अौर वर्तमान कमेटी की ऑडिट रिपोर्ट प्रस्तुत की जायेगी. इसके बाद चुनाव कार्य के लिए तीन अधिवक्ताअों के नाम स्टेट बार काउंसिल में भेजे जायेंगे. उन्होंने कहा कि जिन अधिवक्ताअों का बकाया बाकी है, वे समय रहते अपना शुल्क जमा कर दें. अन्यथा वे मतदान से वंचित रह जायेंगे.
बार के काम में लायी पारदर्शिता : संजय विद्रोही : बार एसोसिएशन के महासचिव संजय विद्रोही ने विशेष बातचीत में कहा कि वर्तमान कमेटी के दो साल के कार्यकाल के दौरान बार एसोसिएशन में पारदर्शिता आयी है. बार अौर बेंच के बीच जो दूरी थी, उसमें मजबूती आयी है. हालांकि कार्यपालिका के साथ कुछ समस्याएं अभी भी हैं.
उन्होंने कहा कि इन दो वर्षों में अधिवक्ताअों के मान-सम्मान को बढ़ाने का काम किया है. दो साल के दौरान एसोसिएशन ने कई काम किये. पहले अधिवक्ताअों को एक लाख मेडिक्लेम मिलता था, इसे डेढ़ लाख किया गया है. दो साल में लगभग 370 अधिवक्ताअों को मेडिक्लेम के लाभ के रूप में 86 लाख रुपये मिले. साथ ही तकरीबन 23 दिवंगत अधिवक्ताअों के परिवार को डेथ क्लेम के रूप में 64 लाख रुपये का भुगतान किया गया. एडवोकेट वेलफेयर स्कीम के तहत तकरीबन 2400 अधिवक्ताअों के पासबुक खोले गये. श्री विद्रोही ने कहा कि कई काम अभी भी अधूरे हैं. जिनमें बार भवन से सिविल कोर्ट तक शेड का निर्माण करना सहित अन्य कार्य हैं.
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