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भाजपाई न देश चला सकते, न ही राज्य : हेमंत सोरेन

Updated at : 03 Feb 2019 6:50 AM (IST)
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भाजपाई न देश चला सकते, न ही राज्य : हेमंत सोरेन

रांची : झामुमो के 40वें स्थापना दिवस पर नेता प्रतिपक्ष व पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन ने कहा है कि लोकसभा व विधानसभा चुनाव में संताल परगना से भाजपा की अंतिम यात्रा निकलनी तय है. उन्होंने कहा कि इन लोगों से न तो देश चल सकता है और न ही राज्य. आम लोग केंद्र […]

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रांची : झामुमो के 40वें स्थापना दिवस पर नेता प्रतिपक्ष व पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन ने कहा है कि लोकसभा व विधानसभा चुनाव में संताल परगना से भाजपा की अंतिम यात्रा निकलनी तय है.
उन्होंने कहा कि इन लोगों से न तो देश चल सकता है और न ही राज्य. आम लोग केंद्र सरकार की नीतियों से परेशान हैं. सरकार का निकम्मापन और दृष्टिहीनता जनता देख रही है और महसूस कर रही है.
हेमंत सोरेन ने भाजपा भगाओ-झारखंड बचाओ का नारा देते हुए कहा कि जनता ने भाजपा से मुक्ति पाने का मन बना लिया है. भाजपा की नजर भले ही राज्य की लोकसभा सीटों पर है, पर हम उनके कब्जेवाली लोकसभा की 12 सीटों समेत सभी 14 सीटों पर कब्जा करने की रणनीति बना रहे हैं. हेमंत ने कहा कि झामुमो के लिए झारखंड प्राथमिकता है.
इसलिए गठबंधन के फोरम में भी यह साफ हो चुका है कि विधानसभा चुनाव झामुमो के नेतृत्व में और लोकसभा चुनाव कांग्रेस के नेतृत्व में लड़ा जाना है. दल के अंदर भी इसे लेकर सहमति बन गयी है. सीटों के बंटवारे को लेकर भी चिंतन-मंथन चल रहा है. 10-12 दिनों में सामूहिक निर्णय सामने आ जायेगा.
ओडिशा, बिहार व बंगाल में भी देंगे प्रत्याशी : श्री सोरेन ने कहा कि पार्टी का संगठन और जनाधार तथा कार्यक्षेत्र ओडिशा, बिहार व पश्चिम बंगाल के विभिन्न क्षेत्रों में भी फैला हुआ है. ऐसे में आनेवाले चुनाव में पार्टी वहां भी मजबूत प्रत्याशियों को उतारने का काम करेगी.
अपने छोटे भाई बसंत सोरेन को चुनावी मैदान में उतारने के सवाल पर हेमंत ने कहा कि प्रत्याशी कौन होगा, यह निर्णय नेता नहीं, बल्कि पार्टी तय करती है. हालांकि उन्होंने यह साफ जरूर किया कि दुमका से पार्टी सुप्रीमो शिबू सोरेन ही लोकसभा चुनाव में उम्मीदवार होंगे.
सरकारी खजाने का दुरुपयोग कर रही भाजपा : नेता प्रतिपक्ष हेमंत सोरेन ने कहा कि भाजपा सरकार सरकारी खजाने का दुरुपयोग वोट बैंक बनाने और कार्यकर्ताओं की जेब गर्म करने में कर रही है. संवैधानिक संस्था औंधे मुंह गिरी पड़ी हुई हैं.
ग्राम विकास समिति, आदिवासी विकास समिति और कमल क्लब के नाम पर लूट का जरिया तैयार किया गया है. ग्राम प्रधान, मुखिया, निकाय व्यवस्था को पंगु बना दिया गया है. इन समितियों-क्लबों के नाम पर संवैधानिक संस्थाओं को निष्क्रिय कर कार्यकर्ताओं के माध्यम से लूट-खसोट के काम किये जा रहे हैं.
1932 के खतियान को स्थानीयता का आधार बनाये सरकार
दुमका : झामुमो के 40वें स्थापना दिवस पर संताल परगना की जन समस्याओं व जन सरोकार से जुड़े 54 सूत्री प्रस्ताव पारित किया गया. स्मार-पत्र के रूप में आयुक्त के माध्यम से सरकार तक भेजे जाने की बात कही गयी.
इन मांगों को प्राथमिकता के साथ सरकार की कार्य सूची में शामिल करने की मांग की गयी. प्रमुख मांगों में एसपीटी व सीएनटी एक्ट को सख्ती से लागू करने तथा इसमें किये गये संशोधन को वापस लेने तथा घोषित की गयी स्थानीयता नीति को रद्द कर 1932 के खतियान के आधार पर नयी स्थानीयता को परिभाषित करने की मांग की.
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